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आबूरोड तहसील टीएसपी में शामिल, स्थानीय निवासियों को सरकारी भर्ती में मिलेगा आरक्षण

सबसे बड़ा फायदा स्थानीय बेरोजगार युवकों को, बाहर के आवेदक सरकारी भर्ती में आवेदन नहीं कर सकेंगे भास्कर न्यूज |...

Dainik Bhaskar

Jun 07, 2018, 02:00 AM IST
सबसे बड़ा फायदा स्थानीय बेरोजगार युवकों को, बाहर के आवेदक सरकारी भर्ती में आवेदन नहीं कर सकेंगे

भास्कर न्यूज | आबूरोड

आबूरोड तहसील क्षेत्रवासियों के लिए बड़ी अच्छी खबर है। राज्य सरकार ने जनजाति विकास परियोजना (टीएसपी) के तहत आबूरोड तहसील को इसमें शामिल कर 19 मई को गजट नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। अब स्थानीय वाशिंदों के लिए सरकारी नौकरियों में आरक्षण सुविधा का लाभ मिलेगा। इसके साथ ही इन नौकरियों में इस क्षेत्र के अलावा बाहर के आवेदक आवेदन नहीं कर सकेंगे। क्षेत्र के विकास के लिए भी अतिरिक्त पैकेज मिलेगा। जानकारी के अनुसार राज्य की अनुसूचित 12 फरवरी 1981 को व खंडित करते हुए भारत सरकार की ओर से 19 मई 2018 को नवीन अधिसूचना जारी की गई है। इसमें अनुसूचित क्षेत्र दर्शाया गया है वह 2011 की जनगणना पर आधारित है। प्रदेश में इसके बाद नवीन तहसील, पंचायत समिति का पुनर्गठन, नव सृजन किया गया है। लेकिन, गत मई माह में जारी अधिसूचना में इनको नहीं दर्शाया गया है।

राजनीतिक तौर पर यह आएगा बदलाव

आबूरोड टीएसपी में शामिल होने से इसके राजनीतिक असर भी होंगे। अब आबूरोड व पिंडवाड़ा पंचायत समिति में प्रधान एसटी के ही होंगे। जबकि, नगर निकाय विभाग के पेसा एक्ट के प्रावधान लागू होंगे।

वर्ष 1970 से तहसील क्षेत्र में निवासरत लोगों को मिलेगा फायदा, इससे पूर्व जिले की आबूरोड व पिंडवाड़ा तहसील के कुछ गांव शामिल थे टीएसपी में

आबूरोड और पिंडवाड़ा तहसील के ये गांव शामिल

अधिसूचना में संपूर्ण आबूरोड व पिंडवाड़ा तहसील के आंशिक भाग को सम्मिलित किया गया है। पिण्डवाड़ा तहसील के वरली ग्राम पंचायत के वरली, कुंडाल, साबेला, वागदरी, ढांगा, कालूंबरी व पिंडवाड़ा ग्रामीण, मोरस पंचायत के मोरस, चीनिया बंद व भादाबेरी ग्राम, आमली पंचायत के आमली, ठंडी बेरी, सादलवा व मालप, घरट पंचायत के घरट, मालेरा, नवावास, गडिया व पहाड़कला ग्राम, लौटाना पंचायत के लौटाना, आपरीखेड़ा व कालाबोर ग्राम, मांडवाड़ा खालसा पंचायत के मांडवाड़ा खालसा, खोखरीखेड़ा एवं वारकीखेड़ा ग्राम, सनवाड़ा पंचायत के सनवाड़ा, सदाफली, नवावासदेव, नवावास खालसा एवं सेमलीग्राम, ईसरा पंचायत के ईसरा, केर, उबेरा व चूरलीखेड़ा ग्राम, वालोरिया पंचायत में वालोरिया, मांडवाड़ा देव पंचायत के मांडवाड़ा देव, पीटारी पादर, केदार पादर व बोर उमरी ग्राम, भूला पंचायत में भूला ग्राम, अचपुरा पंचायत में अचपुरा, कासिन्द्रा, नागपुरा, पंचदेवल, ब्लॉक नंबर दो व कोटरा ग्राम, बसंतगढ़ पंचायत का बसंतगढ़ ग्राम तथा सिवेरा पंचायत का सिवेरा, राजपुरा, केशवगंज व दारला पादर ग्राम को टीएसपी में सम्मिलित किया गया है।

टीएसपी क्षेत्र में सरकार देगी विशेष पैकेज, विकास के भी अवसर बढ़ेंगे


अधिकांश गरासिया व भील समाज की आबादी, टीएसपी में शामिल होने से यह होंगे फायदे

आबूरोड शहर एवं माउंटआबू को छोड़कर ग्रामीण क्षेत्रों में अधिकांशत गरासिया व भील समाज की आबादी निवासरत है। पहले होता यह था कि यहां चाहे औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान में तकनीकी प्रशिक्षण एवं शिक्षा की बात हो या फिर नौकरियों की बाहर से आवेदकों के आवेदन प्राप्त होते थे। वे स्थानीय उम्मीदवारों से अधिक कुशल एवं शिक्षा का स्तर अच्छा होने से उनका चयन हो जाता था। ऐसे में स्थानीय वाशिंदों को प्रवेश नहीं मिल पाता था। यहीं स्थिति नौकरियों की थी। यहां नौकरी ज्वाइन करने के कुछ समय बाद ही ज्यादातर लोग पुन: अपने मूल स्थानों को स्थानांतरण करवाकर चले जाते थे। ऐसे में पद खाली ही पड़े रहते थे। अब यहां जिन भी नौकरियों के लिए आवेदन मांगे जाएंगे, स्थानीय उम्मीदवार ही आवेदन कर सकेंगे। प्रमोशन के लिए टीएसपी एवं नोन टीएसपी की अलग-अलग रैंकिंग बनेगी। कर्मचारियों के स्थानांतरण भी टीएसपी एरिया में ही हो सकेंगे। बजरी खनन हो या फिर अन्य कोई खनन, तेंदू पत्ता संग्रहण ग्राम पंचायतों को रॉयल्टी मिलेगी।

इन्हें माना जाएगा टीएसपी एरिया का निवासी

यदि कोई व्यक्ति या उसका परिवार वर्ष 1970 में तहसील में निवासरत है तो उसे स्थानीय निवासी माना जाएगा। इसके लिए उस समय की वोटर लिस्ट में नाम के साथ ही नगरपालिका या ग्राम पंचायत में राशनकार्ड जैसा कोई पुख्ता प्रमाण आवश्यक है। इसके आधार पर ही टीएसपी निवासी होने का प्रमाण पत्र बनाया जाएगा। अधिक जानकारी के लिए तहसील, पंचायत समिति एवं ग्राम पंचायत कार्यालय में संपर्क किया जा सकता है।

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