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कर्मचारियों ने रखी अपनी मांग, शासन सचिव ने कहा- पहले हड़ताल खत्म करो

ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज विभाग के शासन सचिव कुंजीलाल मीणा के आबूरोड आगमन पर राजस्थान पंचायतीराज मंत्रालयिक...

Danik Bhaskar | Jun 02, 2018, 02:10 AM IST
ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज विभाग के शासन सचिव कुंजीलाल मीणा के आबूरोड आगमन पर राजस्थान पंचायतीराज मंत्रालयिक कर्मचारी संगठन जिला शाखा एवं महात्मा गांधी नरेगा कार्मिक संघ के सदस्यों ने प्रधान लालाराम गरासिया की अगुवाई में उनसे मुलाकात की। इस दौरान सदस्यों ने अलग-अलग ज्ञापन सौंपकर लम्बे अर्से से लंबित मांगों को पूरा करवाने की मांग की। गरासिया का कहना था कि मंत्रालयिक कर्मचारियों एवं मनरेगाकर्मियों की हड़ताल से पंचायत समिति एवं ग्राम पंचायतों के कामकाज ठप हो गए हैं। इससे अपनी समस्याएं लेकर कार्यालय आने वाले लोगों को मायूस होकर लौटना पड़ रहा है। इस पर विभाग के शासन सचिव का कहना था कि पहले आप हड़ताल समाप्त करें। फिर आपकी जो भी समस्या हैं बताएं बैठकर बात करेंगे। लेकिन, इस प्रकार से कुछ नहीं हो सकता है। इसके लिए अपने संगठनों से बात करके निर्णय करें ताकि, आगे के बारे में कुछ सोचा जा सके। ज्ञात रहे कि मंत्रालयिक कर्मचारियों द्वारा गत 18 मई से मनरेगा योजना का बहिष्कार किया जा रहा है तथा 24 मई से सामूहिक अवकाश लेकर न्यायालय आपके द्वार सहित अन्य कार्य नहीं किए जा रहे हैं। कर्मचारियों ने यह ज्ञापन राजस्थान पंचायतीराज मंत्रालयिक कर्मचारी संगठन जिला शाखा अध्यक्ष की अगुवाई में सौंपा।

मीणा के सामने मंत्रालयिक कर्मचारियों और मनरेगा कार्मिकों ने रखी अपनी मांगें

आबूरोड. पंचायत समिति सभागार में बैठक लेते ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज विभाग के शासन सचिव कुंजीलाल मीणा।

एक महीने में अधूरे काम पूरे करने के निर्देश दिए

पंचायत समिति सभाभवन में आयोजित जिलास्तरीय बैठक में विभाग के शासन सचिव ने सभी पंचायतों में आगामी 30 जून तक समस्त बैलेंस को खत्म करने एवं अधिकाधिक जनकल्याणकारी कार्य करवाने के आदेश दिए। उन्होंने कहा कि आगामी माह से हर महीने जिला परिषद की मुख्य कार्यकारी अधिकारी पंचायत समिति स्तर पर बैठक लेंगे। इसके लिए वे जयपुर से एक चार्ट बनाकर भेजेंगे उसी के अनुरूप सबको काम करना है। इस कार्य के तीन माह के बाद प्रदेशभर में सीईओ एवं ग्राम विकास अधिकारियों के कार्यों का आंकलन किया जाएगा। बैठक में उपप्रधान हरीश चौधरी, पंचायत समिति सदस्य लकमाराम गरासिया, उपखण्ड अधिकारी निशांत जैन एवं विकास अधिकारी लक्ष्मणसिंह सांदू सहित जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

वनाधिकार के तहत अधिकाधिक पट्टे बनाने के आदेश

बैठक में जनप्रतिनिधियों का कहना था कि ग्राम विकास अधिकारियों के रुचि नहीं लेने से लोगों को वनाधिकार के तहत पट्टे नहीं मिल पा रहे है। इससे लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस पर उन्होंने सीईओ व एसडीएम को वन विभाग के साथ बैठकर सामूहिक रुप से कार्य करने एवं अधिकाधिक पट्टे बनाने के आदेश दिए। उनका यह कहना था कि यह प्रयास होना चाहिए कि कोई भी व्यक्ति बिना पट्टे के नहीं रहे।

ग्राम विकास अधिकारियों के बिना तैयारी के आने पर जताई नाराजगी

बैठक में शासन सचिव ने ग्राम विकास अधिकारियों एवं सरपंचों से बातचीत कर सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा ली। इस दौरान उन्होंने ग्राम पंचायतों के पास राशि सहित कई अन्य प्रकार के सवाल जवाब किए। एकाध को छोड़कर अधिकांश ग्राम विकास अधिकारी कोई संतोषप्रद जवाब नहीं दे सके। इस पर उन्होंने नाराजगी जताई।

बैठक में ये समस्याएं भी आई सामने

बैठक में मावल सरपंच चैनसुख राणा ने श्मशान घाट बनवाने की मांग की। चंडेला सरपंच गणेशराम ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय योजना में बिजली कनेक्शन नहीं मिलने का मुद्दा रखा। सातपुर सरपंच शंकरलाल राणा ने लोगों के खाद्य सुरक्षा योजना में नाम नहीं जुड़ने की बात कही। सुरपगला सरपंच जीवाराम गरासिया, गणका सरपंच ललिता देवी, किवरली सरपंच रेखा देवी व गिरवर सरपंच ने भी समस्याएं बताई।