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दिवराला की बड़ी पेयजल योजना पर बार-बार आपत्ति के बाद अब स्वीकृति, जल्द होंगे टेंडर

अजीतगढ़ जलदाय विभाग के अधीन ग्राम दिवराला में वर्ष 1963 के बाद 2018 में 55 साल बाद बड़ी पेयजल योजना के प्रस्ताव पर बार-बार...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 11, 2018, 03:10 AM IST

दिवराला की बड़ी पेयजल योजना पर बार-बार आपत्ति के बाद अब स्वीकृति, जल्द होंगे टेंडर
अजीतगढ़ जलदाय विभाग के अधीन ग्राम दिवराला में वर्ष 1963 के बाद 2018 में 55 साल बाद बड़ी पेयजल योजना के प्रस्ताव पर बार-बार आपत्ति लगने के बाद मुख्य अभियंता जयपुर(ग्रामीण) ने एक बार समस्त आपत्तियों को पूरा करते हुए दिवराला की योजना को स्वीकृत कर दिया है, विभाग जल्द टेंडर निकाल कर काम शुरू करेगा। इससे अब दिवराला के लोगों को पेयजल उपलब्ध होने की खुशी हो रही है लेकिन दूसरी ओर जलक्रांति के दौरान 10 युवाओं पर लगे मुकदमे का पुलिस एक साल से अधिक समय होने के बावजूद न्यायालय में चालान पेश नहीं कर सकी है।

िवराला में 1 सितम्बर, 1963 को तत्कालीन सार्वजनिक निर्माण मंत्री हरिशचंद्र ने दिवराला जलप्रदाय योजना स्वीकृत करके लोहे की टंकी आदि व्यवस्था की। लेकिन दशकों बाद आबादी बढ़ने के चलते ये स्त्रोत बोने साबित होने लगे। कई दशक से पेयजल समस्या से जूझ रहा था, सरपंच से लेकर प्रधानमंत्री एवं ग्राम सेवक से लेकर मुख्य सचिव तक को लिखित शिकायत एवं मांग करने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं होने पर ग्रामीणों ने 23 अप्रेल 2017 को जलक्रांति के नेता रामसिंह शेखावत के नेतृत्व में दिवराला स्टैंड पर स्टेट हाइवे को 4 घंटे जाम किया, जहां पर रामसिंह समेत गांव के 10 युवाओं पर मुकदमे लगे। इसके बाद से ही दिवराला के पेयजल के लिए निरंतर जलदाय विभाग के मुख्य अभियंता के दफ्तर में लगातार चक्कर काटने एवं जनप्रतिनिधियों से बार-बार गुहार लगाने के बाद तकनीकी स्वीकृति में काफी बिन्दुओं पर आपत्ति लगने से कार्य नहीं हो रहा था। 9 अप्रेल को मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे का श्रीमाधोपुर आगमन एवं जनता से संवाद का कार्यक्रम घोषित होने के बाद पेयजल से परेशान ग्रामीणों ने एक हजार महिलाओं के साथ अनशन एवं प्रदर्शन की चेतावनी के बाद विभाग ने योजना को तकनीकी स्वीकृति देकर जनता को खुश कर दिया। लेकिन इसके बाद योजना के प्रस्ताव पर आपत्ति लगने से रूक गई थी। लोगों की मांग एवं आंदोलन को देखते हुए जलभवन जयपुर में मुख्य अभियंता(ग्रामीण) सी.एम. चौहान ने दिवराला की योजना की समस्त आपत्तियां पूरी करते हुए 3 करोड़ 96 लाख 31 हजार रुपए स्वीकृति प्रदान की है।

अजीतगढ़. दिवराला में बना ट्यूबवेल जिसमें लिसाडिया के ट्यूबवेल का पानी डालकर उसको दोबारा उपभोक्ताओं को सप्लाई होता है।

अब टेंडर के बाद ये होंगे कार्य

दिवराला की योजना पर आपत्तियों को पूरी होने के बाद 396.31 लाख रुपए की स्वीकृति देकर मुख्य अभियंता ने 250 मीटर गहरे पांच ट्यूबवेलों के लिए 12 लाख 12 हजार 500 रुपए, पम्प मशीन के लिए 9 लाख 97 हजार 120 रुपए, सिविल कार्य के लिए 10 लाख 77 हजार 901 रुपए, ईएमआई वर्ग पंपिंग स्टेशन के लिए 5 लाख 61 हजार 794 रुपए, 850 किलो लीटर पानी भराव की आरसीसी टैंक एवं 550 किलो लीटर भराव के सीडब्ल्यूआर टैंक के लिए 1 करोड़ 32 लाख 25 हजार रुपए,लोरिंग, पाइप आदि के खर्च के लिए 1 करोड़ 46 लाख 27 हजार 271.95 रुपए, सप्लाई लाइनें समेत अन्य कार्य के लिए 41 लाख 60 हजार 490 रुपए, ब्लिचिंग पाउडर समेत अन्य खर्च के लिए 50 हजार रुपए, ट्यूबवेलों के बिजली कनेक्शन के लिए 9 लाख 4 हजार रुपए, जमीन आदि के सर्वे अन्य खर्च के लिए 50 हजार रुपए समेत 5 साल के रखरखाव के खर्च 27 लाख 64 हजार 955 समेत कुल 3 करोड़ 96 लाख 31 हजार 033.22 रुपए की स्वीकृति विभाग ने जारी कर दी है।

.जलदाय विभाग नीमकाथाना एक्सईएन मदन लाल मीणा का कहना है कि इसी माह में दिवराला की पेयजल योजना के टेंडर होने के बाद कार्य शुरू कर दिया जाएगा।

नीमकाथाना पुलिस उपाधीक्षक दिनेश यादव का कहना है कि दिवराला में पेयजल आंदोलन के दौरान स्टेट हाइवे जाम एवं राजकार्य बाधा के मामले में पुलिस अनुसंधान इस माह में करके न्यायालय में पेश किया जाएगा।

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