70 साल के पुजारी ने 7 साल की बच्ची से मंदिर परिसर में की गलत हरकत, पहले पीटा फिर किया पुलिस के हवाले

4 वर्ष पहले
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अजमेर. पिता के साथ पहाड़ी पर बने मंदिर गई एक सात साल की बच्ची के साथ वहीं नीचे बने एक अन्य मंदिर के 70 साल के पुजारी द्वारा दुष्कर्म करने का मामला सामने आया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई कर शांतिभंग में आरोपी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, वहां से जमानत मिलते ही दुष्कर्म के आरोप में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के खिलाफ प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रन फ्रॉम सेक्सुअल ऑफेंसेज (पॉक्सो) अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज तहकीकात शुरू कर दी है। अलवर गेट थाना पुलिस ने पीड़ित बच्ची का मेडिकल मुआयना करवाया है। थाना प्रभारी हरिपाल सिंह मामले के जांच अधिकारी हैं। पुलिस के मुताबिक एमपी के जबलपुर जिला स्थित हिनौता खवरियां निवासी सेवानंद उर्फ बलवंत सिंह उर्फ धोबीला को गिरफ्तार किया गया है। ये था मामला...

 

- आरोपी कल्याणीपुरा गांव में कालीचाट माता मंदिर के नीचे बने हनुमान मंदिर का पुजारी है।

- पीड़िता के पिता ने बताया कि वे अपनी बच्ची के साथ माता मंदिर गए थे। यह मंदिर ऊंचाई पर है, बच्ची नीचे वाले हनुमान मंदिर पर रुक गई।

- वहां पुजारी सेवानंद उसे अपने कमरे में ले गया। माता मंदिर से वापस लौटने पर बच्ची नहीं मिली तो उसे तलाशा, पुजारी सेवानंद बच्ची के साथ आपत्तिजनक स्थिति में मिला।

- पिता ने जब यह स्थिति देखी तो उनसे रहा नहीं गया, पहले बच्ची को घर छोड़ा आैर वहां घरवालों व ग्रामीणों को बुलाकर पुजारी की जमकर पिटाई कर दी। हाथों हाथ पुलिस को पुजारी की करतूत बताई। 

 

40 सालों से है पुजारी, पोल खुली, ग्रामीणों में गुस्सा  

 

- आरोपी सेवानंद पिछले चालीस सालों से अजमेर मेें रह रहा है। लंबे समय से इसी मंदिर का पुजारी है।

- आरोपी की करतूत की पोल खुलने के बाद कल्याणीपुरा गांव के ग्रामीणों में रोष व्याप्त है।

- थाना प्रभारी हरिपाल सिंह ने बताया कि आरोपी का आपराधिक बैकग्राउंड पता लगाने के लिए उसके पते पर पुलिसकर्मी भेजा गया है। शुक्रवार को आरोपी कोर्ट में पेश किया जाएगा। 

 

भास्कर नॉलेज  

 

बच्चों से छेड़खानी, दुष्कर्म आैर कुकर्म जैसे अपराधों से सुरक्षा प्रदान करने के लिए पॉक्सो एक्ट वर्ष 2012 में बनाया गया। इस एक्ट के तहत नाबालिग बच्चों के साथ होने वाले यौन अपराधों आैर छेड़छाड़ के मामलों में कार्रवाई की जाती है। यह एक्ट बच्चों को सेक्सुअल हरेसमेंट, सेक्सुअल असॉल्ट आैर पोर्नोग्राफी जैसे संगीन अपराधों से सुरक्षा प्रदान करता है। 

 

धारा-3 : पोस्को एक्ट की धारा 3 के तहत पेनेट्रेटिव सेक्सुअल असॉल्ट को परिभाषित किया गया है। जिसमें बच्चे के शरीर के साथ हरकत करने वाले आरोपी को कड़ी सजा का प्रावधान है। 
धारा-4 : बच्चों से दुष्कर्म या कुकर्म का मामला साबित होने पर 7 साल की सजा से लेकर उम्र कैद आैर अर्थदंड का प्रावधान है। 
धारा-6 : बच्चों से दुष्कर्म के बाद गंभीर चोट पहुंचाई गई है तो पोस्को एक्ट की धारा-6 में प्रकरण दर्ज होता है। 10 साल से लेकर आजीवन कारावास तक की सजा आैर जुर्माना दोनों का प्रावधान है। 

धारा 7 व 8 : पोस्को एक्ट की धारा 7 व 8 के तहत वे मामले पंजीकृत किए जाते हैं, जिसमें बच्चों के गुप्तांगों से छेड़छाड़ की जाती है, इसमें आरोप सिद्ध होने पर आरोपी को पांच से सात साल तक की सजा आैर जुर्माना दोनाें का प्रावधान है।

 

 

 

क्या है केस ऑफिसर स्कीम? 

 

दुष्कर्म, हत्या, डकैती, गोवंश हत्या सहित अन्य संगीन प्रकृति के अपराधों में चालान पेश होने के बाद केस ऑफिसर नियुक्त होता है। वह समय पर गवाही, गवाहों को होस्टाइल होने से बचाने के साथ पीड़ित पक्ष के बयान दर्ज करने में तत्परता बरतने से लेकर मामले की शीघ्र सुनवाई के लिए प्रयासरत रहता है।

 

सूचना पर पुलिस दल ने मौके पर पहुंचकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। मौके की वीडियोग्राफी करवाई गई। एफएसएल टीम ने भी मौका मुआयना कर साक्ष्य जुटाए। आरोपी के खिलाफ सख्त धाराओं में प्रकरण दर्ज किया गया है। एमपी पुलिस से उसके क्रिमिनल रिकार्ड की जानकारी जुटाई जा रही है। जल्द से जल्द कड़ी सजा मिले इसके लिए इस मामले को केस आफिसर स्कीम में लेकर चालान पेश करेंगे। -मोनिका सैन, सहायक पुलिस अधीक्षक