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उपचुनाव में नजर आया सीएम वसुंधरा राजे को अजमेर: सचिन पायलट

सचिन पायलट कल भी यहां थे, आज भी यहां हैं और हमेशा यहीं रहेंगे।

Danik Bhaskar | Jan 10, 2018, 07:12 AM IST

अजमेर. कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलट ने कहा कि मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने अजमेर और अलवर की लगातार चार साल तक अनदेखी की। उपचुनाव की घोषणा के बाद जब सीएम को रिपोर्ट मिली कि वे यहां से बुरी तरह हार रही हैं तो उन्होंने लगातार दाैरे किए और घोषणाएं की। जब सरकार का 8-9 माह का कार्यकाल ही रहा है तो इन घोषणाओं का औचित्य क्या रह गया है? जनता सब जान चुकी है, वह इन उपचुनाव में बता देगी, यह उपचुनाव जयपुर ही नहीं, दिल्ली तक के सिंहासन को हिला देगी। पायलट मंगलवार शाम अजमेर में पत्रकारों से बात कर रहे थे।


- उन्होंने कहा कि यह उपचुनाव प्रदेश और देश की राजनीति में अति महत्वपूर्ण हो गया है। तीनों उपचुनाव में 17 विधानसभा क्षेत्रों में जनता किस करवट बैठने वाली है, इस पर सभी की नजर रहेगी।

- उन्होंने कहा कि भाजपा के पास अपना कुछ दिखाने के लिए नहीं है। चार साल में राजीव गांधी केंद्र का नाम अटल सेवा केंद्र कर दिया, कांग्रेस के जितने भी प्रोजेक्ट्स हैं, उन्हें ठंडे बस्ते में डाल दिया।

- मुख्यमंत्री निशुल्क दवा योजना का हश्र भी बुरा कर दिया है। प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के बीच अनबन का खामियाजा जनता भुगत रही है।

हड़बड़ाहट का प्रतीक है हवाईअड्डे का उद‌्घाटन

- पायलट ने कहा कि जनता को झांसे में रखा गया है। बिना काम किए हवाईअड्डे का उद‌्घाटन कर दिया, यह भाजपा सरकार की हड़बड़ाहट का प्रतीक है।

सचिन पायलट कल भी यहां थे... हमेशा यहां रहेंगे :

- पायलट के अजमेर से चुनाव लड़ने की लगातार चल रही सुर्खियों और मांग के बीच डॉ. रघु शर्मा को टिकट देने की बात पर उन्होंने कहा कि उन्होंने कभी मैदान नहीं छोड़ा।

- सचिन पायलट कल भी यहां थे, आज भी यहां हैं और हमेशा यहीं रहेंगे।

संज्ञान ले निर्वाचन आयोग : मुख्यमंत्री ने उदयपुर संभाग में घोषणाएं की हैं, इन पर आयोग को संज्ञान लेना चाहिए। राजस्थान में तीन जगह उपचुनाव होने हैं, ऐसे में घोषणाएं कैसे की गई।

दिलचस्प होंगे ये चुनाव :

- पायलट ने कहा कि तीनों उपचुनाव दिलचस्प होने वाले हैं। सीएम को अपनी सीट बचाने की चिंता है। यह चुनाव सिर्फ सत्ता में आने का नहीं, सांसद बनने का नहीं है, यह चुनाव दो विचारधाराओं का है।

- इन चार साल में जनता की जो बदहाली हुई है, यह चुनाव उसका प्रतिबिंब होगा।


अलवर में प्रत्याशी नहीं मिला तो मंत्री को उतारा

- पायलट ने कहा कि भाजपा को अलवर में चुनाव लड़ने के लिए कैंडिडेट ही नहीं मिला।

- इसके चलते उन्होंने कैबिनेट मंत्री और बहरोड़ विधायक जसवंत यादव को मैदान में उतारा है। यही नहीं, सांसद के चुनाव में उतारने से पहले उन्हें मंत्री पद से भी नहीं हटाया।

- इधर, धौलपुर में बसपा विधायक के जेल जाने पर रातोंरात उनकी पत्नी को भाजपा में शामिल कर टिकट दिया गया। भाजपा को चुनाव के लिए अच्छे कैंडिडेट तक नहीं मिल रहे हैं।