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सचिन पायलट और भंवर जितेंद्र के मैदान छोड़ने को बीजेपी ने बनाया मुद्दा

अजमेर सीट के लिए पॉयलट व अलवर के लिए भंवर जितेंद्र को चुनावी दावेदार माना जा रहा था।

Danik Bhaskar | Dec 28, 2017, 04:13 AM IST

जयपुर. राजस्थान में लोकसभा की दो सीटों और विधानसभा की एक सीट पर होने जा रहे उपचुनावों में कांग्रेस के दिग्गज नेताओं के मैदान से हटने को भाजपा ने मुद्दा बना लिया है। अब चुनावों प्रचार के दौरान भाजपा इसे पूरी तरह से भुनाएगी।


भाजपा के प्रदेश प्रभारी अविनाश राय खन्ना ने बयान दिया है कि कांग्रेस के बड़े नेताओं का प्रदेश के उपचुनावों से हाथ खींचना ही भाजपा की पहली जीत है। उनका इशारा कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष सचिन पॉयलट व अलवर के पूर्व सांसद भंवर जितेंद्र सिंह की तरफ था। खन्ना ने कहा कि भाजपा की जीत तय मानकर हार से बचने के लिए कांग्रेस के बड़े नेता चुनावों से भाग रहे हैं। अजमेर सीट के लिए पॉयलट व अलवर के लिए भंवर जितेंद्र को चुनावी दावेदार माना जा रहा था, लेकिन दोनों नेता उपचुनाव नहीं लड़ रहे हैं।


कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष सचिन पॉयलट 2009 में अजमेर लोकसभा सीट से सांसद रहे व 2014 में भाजपा के सांवरलाल जाट से चुनाव हार गए। वहीं भंवर जितेंद्र सिंह भी 2009 में अलवर सांसद रहे और 2014 में भाजपा के महंत चांदनाथ से हार गए। अलवर लोकसभा सीट पर कांग्रेस ने डॉ. करण सिंह यादव का नाम तय किया है।

जबकि महंत चांदनाथ के निधन के बाद खाली हुई इस सीट पर भंवर जितेंद्र सिंह के चुनाव लड़ने की उम्मीद की जा रही थी। अजमेर सीट से भी उम्मीद यही की जा रही थी की यहां उपचुनाव में पॉयलट खड़े होकर लीडरशिप दिखाएंगे। लेकिन फिलहाल यहां से जिन दावेदारों के नाम लिए जा रहे हैं उनमें पायलट का नाम शामिल नहीं है।

भाजपा कैडर के दम पर जीतेगी : खन्ना
उपचुनावों में भाजपा की रणनीति को लेकर सवाल पूछे जाने पर खन्ना ने कहा कि भाजपा कैडर बेस्ड पार्टी है और हम अपने कार्यकर्ताओं के दम पर उपचुनाव जीतेंगे। पार्टी ने इसके लिए शक्ति केंद्र, बूथ व पन्ना प्रमुखों को सक्रिय किया हुआ है। खन्ना ने कहा कि केंद्र व राज्य सरकार की उपलब्धियों को लेकर उपचुनाव लड़े जाएंगे। इसमें सशक्त नेतृत्व व काम को जीत का आधार बनाया जाए।