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बीजेपी ने पूछा- चुनाव घोषणा के 5 दिन पहले सोनिया गांधी से शिलान्यास क्यों कराया

रिफाइनरी पर प्रधान ने गहलोत से पूछा

Danik Bhaskar | Jan 10, 2018, 02:52 AM IST

जयपुर. बाड़मेर रिफाइनरी परियोजना के शिलान्यास को लेकर कांग्रेस और भाजपा में आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। अब केन्द्रीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से सवाल पूछा है कि कैसे चुनाव आचार संहिता लगने के पांच दिन पहले बिना तैयारी के रिफाइनरी परियोजना का शिलान्यास यूपीए की चेयरपर्सन सोनिया गांधी से करा दिया। धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि 16 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी परियोजना का शिलान्यास करेंगे और इसी दिन से यहां काम भी शुरू हो जाएगा।


- धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि कांग्रेस की सरकार में बाड़मेर में आनन-फानन में रिफाइनरी का शिलान्यास करके वहां के नौजवानों के साथ मजाक किया गया।

- प्रधान ने कहा कि तत्कालीन राजस्थान सरकार और हिन्दुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लि. के बीच जो समझौता हुआ था वह राजस्थान के हित में नहीं था।

- समझौते के तहत राजस्थान सरकार को पहले सालना 15 वर्षों तक 3736 करोड़ रुपए देने पड़ते जिसमें अब सालाना 1123 करोड़ रुपए की बचत होगी।

- पेट्रोलियम मंत्री ने कहा कि परियोजना की लागत जरूर बढ़ी है (पहले 37227 करोड़ और अब 43129 करोड़) लेकिन पहले इस प्रोजेक्ट बीएस-3 का इस्तेमाल होता जबकि अब इसमें बीएस-6 का इस्तेमाल होगा।


पेट्रोलियम मंत्री से भास्कर के सवाल
- कांग्रेस का आरोप है कि राज्य और केन्द्र सरकार में खींचतान की वजह से रिफाइनरी शुरू होने में चार साल की देरी हुई और इससे राज्य को करोड़ों रुपए के राजस्व का नुकसान हुआ?
- देरी जनता के पैसे बचाने के लिए किए गए निगोसिएशन की वजह से हुई। खुशी की बात यह है कि राज्य सरकार को नए समझौते के तहत 40 हजार करोड़ रुपया का फायदा हुआ है।
अभी भी भागीदारी 26% ही है, चुनाव से पहले वसुंधरा राजे ने कहा था कि हिस्सेदारी बढ़ा कर समझौता करेंगे, क्या हुआ इसका?
- पहले कांग्रेस से ये सवाल पूछिए कि आप राजस्थान की जनता के 40 हजार करोड़ रुपए का नुकसान करने क्यों जा रहे थे, ये जनता के साथ धोखा था। हिस्सेदारी पहले की तरह 26% होगी।