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बीच सड़क पर अड़े बीजेपी-कांग्रेस कार्यकर्ता, नारेबाजी के बीच कार्यकर्ता उग्र

माहौल गर्माता देख मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों और जवानों के भी हाथ-पांव फूल गए।

Danik Bhaskar | Jan 24, 2018, 06:30 AM IST

अजमेर. भाजयुमो की कमल संदेश यात्रा और कांग्रेस की सिलेंडर शव यात्रा के दौरान गांधी भवन चौराहे पर दोनों दलों के कार्यकर्ता आमने-सामने हो गए। करीब 15 मिनट तक दोनों पार्टियों के कार्यकर्ता आमने-सामने रहे और जमकर नारेबाजी की। माहौल गर्माता देख मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों और जवानों के भी हाथ-पांव फूल गए।

सूचना पर थोड़ी ही देर में पैरा मिलिट्री फोर्स के जवान मौके पर पहुंच गए और दोनों दलों की यात्राओं के बीच खड़े होकर हालात को काबू किया। गांधी भवन पर दोनों ही दलों की यात्रा करीब पौन घंटे तक खड़ी रही। इस दौरान सभी रास्तों पर जाम लग गया। यातायात व्यवस्था सुचारू होने में करीब डेढ़ घंटे से अधिक लग गया। कांग्रेस की ओर से मंगलवार को सिलेंडर शव यात्रा निकाली गई थी। राजा साइकिल चौराहे से यात्रा शुरू हुई। करीब 2 बजे गांधी भवन चौराहे पर कांग्रेस की सिलेंडर शव यात्रा पहुंची, इसी बीच भाजयुमो की कमल संदेश यात्रा भी वहां पहुंच गई।


नारेबाजी के बीच कार्यकर्ता उग्र
आमने-सामने आते ही दोनों दलों के कार्यकर्ताओं में जोश बढ़ गया और जमकर नारेबाजी करने लगे। वहां मौजूद पुलिस अधिकारियों ने बैरिकेड्स लगाकर दोनों पार्टियों के कार्यकर्ताओं को अलग-अलग करने का प्रयास किया। डीजे पर भाजपा और कांग्रेस से जुड़े गानों की तेज आवाज के बीच कार्यकर्ताओं की ओर से की गई नारेबाजी और लहराते झंडों के बीच कार्यकर्ताओं का जोश बढ़ता गया।

माहौल गर्माता देख वहां मौजूद पुलिस अधिकारियों की सूचना पर पैरामिलिट्री फोर्स के जवान भी मौके पर पहुंच गए और दोनों पार्टियों के कार्यकर्ताओं के बीच खड़े होकर अलग-अलग किया। फिर भी कार्यकर्ता गांधी भवन चौराहे पर खड़े रहे और नारे लगाते रहे। करीब एक घंटे बाद कांग्रेस की सिलेंडर शव यात्रा वहां से कचहरी रोड की ओर रवाना हो गई। इसके बाद माहौल शांत हुआ और पुलिस प्रशासन ने राहत की सांस ली।

जाम में फंसे शहरवासी
गांधी भवन पर दोनों दलों के कार्यकर्ता और उनके वाहनों के जमा होने से शहरवासियों को करीब डेढ़ घंटे तक जाम का सामना करना पड़ा। हालांकि वहां तैनात यातायात पुलिसकर्मियों ने मशक्कत करके थोड़ी-थोड़ी देर में अलग-अलग रास्तों से वाहनों को निकालने का प्रयास किया, लेकिन यह व्यवस्था भी ज्यादा देर तक नहीं बनी रह सकी। कार्यकर्ताओं के चौराहे से हटने के बाद यातायात सुचारू हो सका।