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चिड़िया उड़ाकर देखा भविष्य, हरे पेड़ पर बैठी, अच्छे जमाने का मिला संकेत

भूला गांव में आदिवासी ग्रामीणों ने मनाया देव चिडिय़ा (डूस्की) का पर्व

Danik Bhaskar | Dec 22, 2017, 12:13 AM IST

रोहिड़ा/अजमेर. समीपवर्ती आदिवासी बाहुल्य गांव भूला में मंगलवार को देव चिडिय़ा का पर्व धूमधाम से मनाया गया। स्थानीय भाषा में देव चिड़िया को (डूस्की) कहते हैं। पर्व के दिन सुबह 6 बजे करीब 15 से 20 लोगों की टोली बना कर देव चिड़िया को सुबह 6 बजे पकड़ा गया। इसके बाद गांव में देव चिड़िया को साथ में लेकर घूमकर रुपए अनाज एकत्रित किया और जमा रुपए अनाज से चूरमे का प्रसाद बनाकर चिड़िया को खिलाया तथा उसे छोड़ दिया। जो हरे पेड़ पर जाकर बैठी, जिससे आदिवासियों ने आने वाले साल को अच्छा माना।

ऐसे देखते हैं शकुन

- मान्यता के अनुसार अगर चिडिय़ा हरे पेड़ पर बैठती हैं, तो आने वाले वर्ष को अच्छा माना जाता हैं और अगर चिडिय़ा सूखे पेड़ या पत्थर पर बैठती है, तो आने वाला वर्ष अच्छा नहीं मानते।

- मंगलवार को चिडिय़ा को उड़ाने पर वह हरे पेड़ पर बैठी, जिससे ग्रामीणों ने आने वाले वर्ष के अच्छा होने का अनुमान लगाया।