--Advertisement--

ऑनलाइन ठगी: तीन राज्यों से संचालित होता था नेटवर्क, गिरोह में आधा दर्जन लोग शामिल

क्रिश्चियनगंज थाना पुलिस ने ऑनलाइन ठगी को शनिवार को कोर्ट में पेश कर एक दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है।

Dainik Bhaskar

Dec 03, 2017, 08:22 AM IST
gang opreate  three state revealed in interrogation

अजमेर. क्रिश्चियनगंज थाना पुलिस ने ऑनलाइन ठगी को शनिवार को कोर्ट में पेश कर एक दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है। आरोपी ने पूछताछ में गिरोह का खुलासा किया है। ऑनलाइन ठगी का नेटवर्क तीन राज्यों से संचालित किया जा रहा है। इस गिरोह में करीब आधा दर्जन लोग शामिल हैं। पुलिस गिरोह में शामिल लोगों को जल्द गिरफ्तार करेगी।


क्रिश्चियन गंज थाना प्रभारी विजेन्द्र सिंह ने बताया कि उड़ीसा से गिरफ्तार कर लाए जितेश प्रसाद शाह पुत्र रामबाबू 12 पास करने के बाद इलेक्ट्रिकल में उसने आईटीआई की। इसके बाद उसने एक निजी कंपनी में नौकरी शुरू कर दी। यहां पर बिहार, पटना, झारखंड के कुछ युवा संपर्क में आए। करीब दो-तीन साल पहले उन्होंने ऑनलाइन ठगी की योजना बनाई। लोगों को झांसा देने और ऑनलाइन लाॅटरी की योजना तैयार की। देशभर में सैकड़ों लोगों को शिकार बनाया। शुरुआत में लोगों के फंसने पर हौंसला बढ़ता गया और बिहार, पटना, झारखंड और उड़ीसा से नेटवर्क का संचालन शुरू कर दिया। अलग-अलग राज्यों में अपने बैंक खाते खुलवाए और लोगों के मोबाइल फोन पर मैसेज भेजना शुरू कर दिया।

बाप किसान, बेटा बिना मेहनत बनना चाहता था करोड़पति
सिंह ने बताया कि जितेश के पिता राम बाबू किसान हैं। वह बिना मेहनत के करोड़पति बनने के सपने देख रहा था। इसके लिए उसने ऑनलाइन ठगी का गोरखधंधा शुरू कर दिया। अलग-अलग राज्यों के करीब आधा दर्जन लोगों को भी शामिल कर लिया। पुलिस पूछताछ में उसने बताया कि निजी कंपनी में काम करने पर वेतन काफी कम मिलता है। इसलिए वह चाहता था कि कम समय में बिना मेहनत ज्यादा से ज्यादा पैसे कैसे कमाए जाए, इसके लिए उसने ऑनलाइन ठगी शुरू कर दी।

बिहार-पटना और झारखंड जाएगा पुलिस दल
सीआई सिंह ने पूछताछ में जितेश में कई नाम उजागर किए हैं। गिरोह में शामिल लोगों के नाम-पते और मोबाइल नंबरों के आधार पर पुलिस उन्हें गिरफ्तार करेगी। रविवार को पुलिस का एक दल बिहार, पटना और झारखंड के लिए रवाना होगा।

ऐसे करते हैं ठगी....
ई-मेल या एसएमएस के माध्यम से लोगों को झांसे में लिया जाता है। जितेश ने बताया कि सोशल साइट से लोगों की जानकारी आसानी से जुटा ली जाती है। इस जानकारी के आधार पर उन्हें मैसेज भेजे जाते हैं। आमतौर पर लोग लाखों रुपए की लॉटरी के झांसे में आ जाते हैं। लॉटरी विजेता से रजिस्ट्रेशन शुल्क, कस्टम शुल्क, गर्वमेंट शुल्क और सर्विस टैक्स आदि के नाम पर अपने खातों में पैसा जमा करवा लेते हैं। बैंक खातों में पैसा जमा होने के बाद यह लोग उनसे संपर्क काट लेते थे।

X
gang opreate  three state revealed in interrogation
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..