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खुशखबरी: दूर से स्कूल आने वाले स्टूडेंट्स को सरकार देगी ट्रांसपोर्ट वाउचर

घर से 1 किमी की दूरी पर प्राथमिक व 2 किमी की दूर पर उच्च प्राथमिक विद्यालय नहीं होने पर मिलेगा लाभ

Danik Bhaskar | Dec 28, 2017, 08:01 AM IST

अजमेर. राजस्थान सरकार ने 6 से 14 आयुवर्ग के बालक-बालिकाओं को प्रारंभिक शिक्षा के लिए निशुल्क परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने के मकसद से ट्रांसपोर्ट वाउचर योजना 2017-18 के लिए विशेष दिशा निर्देश जारी किए हैं। इनके अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्र के राजकीय विद्यालयों में नामांकित कक्षा एक से पांच तथा 6 से 8 तक के उन सभी विद्यार्थियों को इस योजना का लाभ मिल सकेगा, जिनके निवास स्थान से एक किलोमीटर पर राजकीय प्राथमिक और दो किलोमीटर की दूरी तक कोई राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय नहीं है। प्रदेश के लाखों स्कूली विद्यार्थियों को इस योजना का लाभ मिलेगा।

- शिक्षा मंत्री देवनानी ने बताया कि छितरी एवं कम आबादी वाले क्षेत्रों, ढाणियों जहां पर निर्धारित मानदंडानुसार विद्यालय संचालन संभव नहीं है, वहां निवास करने वाले 6 से 14 आयुवर्ग के सभी बालक-बालिकाओं को ट्रांसपोर्ट वाउचर योजना से लाभान्वित करने के निर्देश दिए गए हैं।

कक्षा 1-5 तक के विद्यार्थियों को प्रति उपस्थित दिवस 10 रुपए मिलेंगे

- कक्षा एक से पांच तक विद्यालय से एक किमी से अधिक की दूरी पर विद्यार्थी को प्रति उपस्थित दिवस 10 रुपए व कक्षा 6 से 8 तक दो किमी से अधिक की दूरी पर 15 रुपए प्रति उपस्थित दिवस ट्रांसपोर्ट वाउचर दिया जाएगा।

- शिक्षा मंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि ट्रांसपोर्ट वाचर योजना के क्रियान्वयन के फलस्वरूप वर्तमान में संचालित किसी भी विद्यालय को बंद या निकट के विद्यालय में समन्वित नहीं किया जाए।

सर्व शिक्षा अभियान में उपलब्ध बजट प्रावधान से होगा वित्त पोषण

- शिक्षा राज्यमंत्री ने कहा कि ट्रांसपोर्ट वाउचर योजना का वित्त पोषण सर्व शिक्षा अभियान में उपलब्ध बजट प्रावधान से होगा। योजना का संचालन राज्य स्तर पर राजस्थान प्राथमिक शिक्षा परिषद, जिला स्तर पर डीपीसी और एडीपीसी-एसएसए, पंचायत स्तर पर पदेन पंचायत प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी (पीईओ) एवं विद्यालय स्तर पर एसडीएमसी और एसएमसी द्वारा किया जाएगा।

- प्रवेशोत्सव के दौरान ट्रांसपोर्ट वाउचर संबंधित व्यापक प्रचार-प्रसार किए जाने के लिए भी निर्देश दिए गए हैं। ताकि 6 से 14 आयुवर्ग के बालक-बालिकाओं को सहज एवं गुणवत्तापूर्वक शिक्षा उनके निकटस्थ विद्यालयों में सुगमता से मिल सके। इससे निश्चित रूप से सरकारी स्कूलों के प्रति लोगों का रूझान बढ़ेगा।

इधर, अनुसूचित जाति आयोग ने कुलपति को लिखा पत्र

- राजस्थान अनुसूचित जाति आयोग ने कुलपति प्रो. आरपी सिंह को बुधवार को पत्र लिख जयनारायण व्यास यूनिवर्सिटी में होने वाली सामान्य संकाय (कला, वाणिज्य, विज्ञान व विधि) तथा इंजीनियरिंग संकाय में होने वाली शिक्षक भर्ती के साक्षात्कार बोर्ड में अनुसूचित जाति व जनजाति के मनोनीत व प्रतिनिधि सदस्यों को शामिल करने के निर्देश दिए हैं।

- पत्र में यूजीसी के अध्यादेश-2010 की धाराओं का हवाला देकर विभिन्न शिक्षक भर्तियों के साक्षात्कार बोर्ड में एससी/एसटी/ओबीसी/अल्पसंख्यक/महिला और दिव्यांग के मनोनीत व प्रतिनिधि सदस्यों को शामिल करने के लिए कहा गया है। अनियमितताओं को देखते हुए अनुसूचित जाति आयोग राजस्थान के उपाध्यक्ष विकेश खोलिया ने कुलपति को कार्रवाई के लिए लिखा है।