--Advertisement--

अजमेर उपचुनाव: आरक्षण की मांग, रैली के बहाने कांग्रेस ने की गुर्जरों की लामबंदी

भाजपा से जुड़े गुर्जर नेताओं ने रैली से दूरी बनाए रखी... आरक्षण की मांग को लेकर किरोड़ी मल बैसला लंबे समय से सक्रिय हैं

Danik Bhaskar | Jan 06, 2018, 07:40 AM IST

अजमेर. उप चुनाव को देखते हुए आरक्षण के बहाने कांग्रेस के गुर्जर नेताओं ने गुर्जर मतदाताओं की लामबंदी शुरू कर दी है। शुक्रवार को कांग्रेस के गुर्जर नेताओं के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट तक रैली निकाली गई। माना जा रहा है कि कांग्रेस अपने एक बड़े वोट बैंक को साध रही है। गुर्जर नेताओं की मानें तो संसदीय क्षेत्र में पौने दो लाख गुर्जर मतदाता हैं। गुर्जर कांग्रेस के परंपरागत मतदाता माने जाते हैं।


- पूर्व पार्षद नौरत गुर्जर, युवा नेता भगवान ने इस आक्रोश रैली का आयोजन किया था। रैली में उम्मीद से कम लोग जुटे। गुर्जरों के पुराने ट्रैक को देखते हुए पुलिस खास सतर्क थी।

- रैली में करीब सात -आठ सौ लोग ही थे। आरक्षण की मांग को लेकर समाज के लोग सरकार विरोधी नारे लगाते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे।

- अतिरिक्त कलेक्टर सिटी अरविंद कुमार सेंगवा ने ज्ञापन लिया। मुख्यमंत्री के नाम दिए गए ज्ञापन में संविधान के दायरे में पांच प्रतिशत आरक्षण और देवनारायण योजना में आवंटित राशि का सही उपयोग करने सहित अन्य मांगे शामिल थीं।

भाजपा से जुड़े गुर्जर नेताओं ने रैली से दूरी बनाए रखी.

- गुर्जर समाज में कांग्रेस के कई बड़े नेता उच्च पदों पर आसीन है। इनमें नसीराबाद के विधायक रामनारायण गुर्जर सहित अन्य नेता नदारद थे।

- सूत्रों का कहना है कि चुनाव होने की वजह से कांग्रेस अन्य समाज के लोगों को अपने खिलाफ नहीं करना चाहती है। इस वजह से उन्होंने दूरी बनाए रखी।

- इधर रैली आयोजन करने वाले नौरत गुर्जर का कहना है कि समाज और कांग्रेस से जुड़े बड़े नेताओं को बुलाया नहीं गया था। समाज के युवाओं को ही बुलाया गया था।

- प्रदेश में आरक्षण की मांग को लेकर किरोड़ी मल बैसला लंबे समय से सक्रिय है। उन्हीं की अगुवाई में आंदोलन चल रहा है।

- अजमेर में भी आंदोलन के दौरान कोई भी बड़ा कांग्रेसी नेता खुलकर सामने नहीं आया था।

- इसके चलते रैली के पीछे कांग्रेस की सोची समझी राजनैतिक चाल मानी जा रही है। इधर भाजपा से जुड़े गुर्जर नेताओं ने रैली से दूरी बनाए रखी।

गुर्जर समाज का राजनैतिक वर्चस्व

- अजमेर संसदीय क्षेत्र में करीब 1 लाख 75 हजार गुर्जर मतदाता हैं। राजनीतिक जानकारों की मानें तो इनमें सर्वाधिक 35-35 हजार मतदाता नसीराबाद, पुष्कर एवं मसूदा विस क्षेत्र में है।

- दूदू विधानसभा क्षेत्र में करीब 28 हजार, केकड़ी में 22 हजार, किशनगढ़ में 19 हजार मतदाता है। इसके अलावा अजमेर उत्तर व दक्षिण दोनों विधानसभा क्षेत्रों में 15 हजार से अधिक मतदाता है।

- ये आंकड़े गत विधानसभा चुनावों के हैं। संसदीय क्षेत्र के गुर्जर मतदाता पहले से नसीराबाद के गुर्जर नेता गोविंद सिंह गुर्जर(बाबा) और राजेश पायलट से प्रभावित होने के कारण हमेशा से कांग्रेस के साथ रहे हैं।

- अब सचिन पायलट व रामनारायण गुर्जर के कारण इनका लगाव अभी भी कांग्रेस से ही बना हुआ है। समाज के ही लोगों का कहना है कि 80-90 फीसदी मतदाता कांग्रेस की राजनीतिक विचारधारा से प्रभावित हैं।

- भाजपा ने गुर्जर समाज को अपने पाले में लाने के लिए गंभीर प्रयास भी नहीं किए। भाजपा ने कभी भी किसी विधानसभा क्षेत्र से गुर्जर समाज के व्यक्ति को टिकट नहीं दिया।