--Advertisement--

सुरेंद्र सिंह शेखावत ने खेद जताया, डॉ. रघु शर्मा ने तुरंत गले लगा लिया

ललित भाटी और हेमंत भाटी गले मिले, हेमंत ने पैर भी छुए

Dainik Bhaskar

Mar 04, 2018, 08:23 AM IST
History created fagun festival in ajmer

अजमेर. प्रदेश भर में अपनी खास पहचान रखने वाला अजमेर का फागुन महोत्सव इस बार इतिहास रच गया। पारिवारिक और राजनीतिक रिश्तों में कड़वाहट को दूर करने वाली दो अहम घटनाएं हुईं। चुनाव के दौरान डॉ. रघु शर्मा के खिलाफ दिए एक बयान से सनसनी फैला देने वाले भाजपा नेता सुरेंद्र सिंह शेखावत और डॉ. शर्मा में कड़वाहट समाप्त की। वहीं अजमेर के बड़े और पुराने व्यवसायी घराने के भाटी बंधुओं ने भी पारिवारिक मतभेदों को भुलाकर एक दूसरे को गले लगाया। सैंकड़ों लोगों ने देर तक तालियां बजाकर इनका स्वागत किया। इन दोनों घटनाओं के जिले के आला प्रशासनिक अधिकारी, कांग्रेस व भाजपा के तमाम बड़े नेता, सरकार के मंत्री, संसदीय सचिव, पुलिस अफसर, बड़ी संख्या में पत्रकार और अनेक गणमान्य लोग गवाह बने।

फागुन महोत्सव कार्यक्रम में एक और बड़ी घटना हुई। नगर निगम के पूर्व सभापति सुरेंद्र सिंह शेखावत और सांसद डॉ. रघु शर्मा भी गले मिले। दोनों हालांकि लंबे समय से एक दूसरे से परिचित हैं और मित्रता भी है। लेकिन लोकसभा चुनाव के दौरान शेखावत ने पटेल मैदान में आयोजित एक चुनावी सभा में डॉ. रघु शर्मा पर आरोप जड़ दिया कि वे बहुचर्चित ब्लैकमेल कांड में शामिल थे। इस आरोप से डॉ. शर्मा बुरी तरह आहत थे। पिछले दिनों उन्होंने शेखावत को नोटिस भेज कर कहा था कि वे अपने बयान का खंडन करें, सार्वजनिक रूप से माफी मांगे। सुरेंद्र सिंह शेखावत भी भावावेश में आरोप लगाने के बाद से ही दुखी थे। उन्होंने महोत्सव के मंच का इस्तेमाल करते हुए डॉ. शर्मा से अपने बयान के लिए खेद व्यक्त किया। डॉ. शर्मा ने इस मौके पर चुटकी ली कि मैं तो ब्लैकमेल कांड का आरोपी हूं, गले मिलूंगा तो शेखावतजी की बदनामी हो जाएगी। लेकिन इसके तत्काल बाद उन्होंने शेखावत को गले लगाकर इस विवाद को हमेशा के लिए समाप्त कर दिया।

अवार्ड कार्यक्रम के दौरान संयोग से ललित भाटी और हेमंत भाटी एक साथ एक ही अवार्ड के लिए नॉमिनी बनाए गए। दोनों मंच पर आए और पास पास खड़े हो गए। अचानक ही दोनों के बीच एक अन्य नॉमिनी आ गए। संचालन कर रहे नरेंद्र भारद्वाज ने चुटकी ली कि राजनीति रिश्तों में दीवार खड़ी कर रही है। फिर बातचीत का ऐसा सिलसिला चला कि दोनों भाई आपस में गले मिल गए। हेमंत ने बड़े भाई ललित भाटी के पैर भी हुए और यह बताया कि परिवार में भले ही भाईयों में कितना भी विवाद हो, आदर कभी समाप्त नहीं होता और भाई आखिर भाई ही होता। दोनों भाईयों के मिलन पर खचाखच भरा रंगमंच काफी देर तक तालियों से गूंजता रहा। लोगों ने तालियां बजाकर यह साफ संदेश दिया कि दोनों भाई इसी तरह एक रहें।

X
History created fagun festival in ajmer
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..