--Advertisement--

नया वर्ष, नया आनंद मिलेगा लेक फ्रंट व्यू मरीन ड्राइव

इसका जवाब 2018 में मिलने जा रहा है। आनासागर झील के चारों आेर वाक-वे विकसित हो रहा है।

Danik Bhaskar | Jan 01, 2018, 07:44 AM IST
500 मीटर : काजी के नाले से देवनारायण मंदिर तक मार्च 2018 में बन कर तैयार हो जाएगा। 500 मीटर : काजी के नाले से देवनारायण मंदिर तक मार्च 2018 में बन कर तैयार हो जाएगा।

अजमेर. दशकों से इस सवाल के जवाब का इंतजार था कि आखिर आनासागर की हदें क्या हैं? इसके भराव क्षेत्र की सीमा कब तय होगी? इसके चारों आेर पाथ वे कब बनेगा, ताकि गुनगनी धूप में टहलते हुए इसका प्राकृतिक सौंदर्य निहार सकें। इसका जवाब 2018 में मिलने जा रहा है। आनासागर झील के चारों आेर वाक-वे विकसित हो रहा है।

- लेक फ्रंट व्यू अपग्रेडेशन के दो चरण हो चुके हैं पूरे
- तीसरा चरण मार्च तक पूरा होने की उम्मीद है, चौथा चरण शुरू हो चुका है।

पहला चरण : सवा सौ मीटर लंबी चौपाटी
-पटवार संघ व नेवल आफिस के पास से काजी के नाले तक
- लोगों के घूमने का प्रमुख केंद्र बनी हुई है।

दूसरा चरण : रीजनल कालेज के सामने से पुष्कर रोड तिराहे तक
लंबाई : 500 मीटर
चौड़ाई : 8 मीटर
लागत : 1.25 करोड़

चौथा चरण : कच्चा होगा वाक-वे
- नई चौपाटी विकसित करने का काम स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत लिया जा रहा है।
- प्रोजेक्ट के तहत रीजनल कॉलेज के सामने होना है। करीब 13 करोड़ की लागत से यह चौपाटी बनायी जाएगी।
- इसकी लंबाई 1822 मीटर लंबाई( 1.8 किलोमीटर) होगी।
- इसकी चौड़ाई 12 फीट चौड़ाई में बनायी जाएगी।
- इस नई चौपाटी ( वाक वे) का तल पूरी तरह मिट्टी का ही रहेगा। यह चौपाटी रीजनल कॉलेज के सामने झील पर बनी चौपाटी के समान होगी।

{ऋषि उद्यान से रामप्रसाद घाट तक वॉक वे और कैफेटेरिया का काम तेजी से चल रहा है। मार्च तक पूरा होगा। {ऋषि उद्यान से रामप्रसाद घाट तक वॉक वे और कैफेटेरिया का काम तेजी से चल रहा है। मार्च तक पूरा होगा।
{तीसरा चरण : लव-कुश गार्डन से देवनारायण मंदिर तक {लंबाई : 1.6 किमी (आनासागर झील बारहदरी 300 मी. शामिल) {तीसरा चरण : लव-कुश गार्डन से देवनारायण मंदिर तक {लंबाई : 1.6 किमी (आनासागर झील बारहदरी 300 मी. शामिल)