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सरकार ने पूछा- कब तक बन जाएगी पुष्कर-अजमेर टनल, मिला ये जवाब

बजट घोषणा से यह संदेश गया कि शायद सरकार अपने खर्च पर टनल बनवाएगी

Danik Bhaskar | Mar 01, 2018, 04:07 AM IST

अजमेर. बजट में मुख्यमंत्री ने पुष्कर-अजमेर के बीच टनल की घोषणा की थी और अब नगरीय विकास विभाग ने एडीए से पूछा है कि यह काम कब तक पूरा हो जाएगा। एडीए ने विभाग को भेजे जवाब में कहा है कि 31 दिसंबर तक काम पूरा कराने का प्रयास किया जाएगा। जबकि हालात यह है कि अब तक ना तो फिजिबिलिटी रिपोर्ट बन पाई है और ना ही दूसरे सर्वे पूरे हुए हैं। ऐसे में एडीए का इस साल के अंत तक काम पूरा करने का दावा दूर की कौड़ी ही है।


पुष्कर व अजमेर के बीच टनल का बनाने का अलाप यूं तो एडीए पिछले डेढ़ साल से अलाप रहा है लेकिन मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने हाल ही में बजट में इसकी घोषणा की तो लोगों की उम्मीद जाग गई। बजट घोषणा से यह संदेश गया कि शायद सरकार अपने खर्च पर टनल बनवाएगी लेकिन हकीकत यह है कि एडीए की ओर से सरकार को भेजे प्रस्ताव में पहले ही कहा जा चुका है कि टनल बनाने का खर्च एडीए वहन करेगा। एडीए का खजाना खाली है और टनल का बजट करीब साठ करोड़ रुपए है। एडीए ने दम तो भर दिया लेकिन अब तक टनल को लेकर धरातल पर कोई ठोस काम नहीं हुआ है। एडीए ने विभाग को भेजे पत्र में खुद माना है कि अभी टनल को लेकर कई तरह के सर्वे के काम शुरू होने है। स्पष्ट है कि सर्वे पूरा होने के बाद ही तय होगा कि टनल बनाई जा सकती है या नहीं? इसके साथ ही वन विभाग की एनओसी भी ली जानी है।

टनल को लेकर यह है अब तक की तैयारी

- टनल के लिए कंसलटेंसी और डीपीआर बनानी है जिसमें मुख्य रूप से ट्रेफिक सर्वे, जियोलॉजिकल सर्वे, फिजिबिलिटी रिपोर्ट, ड्राइंग-डिजाइन आदि कार्य के लिए कार्यादेश जारी करने की प्रक्रिया चल रही है। इसके लिए कंसलटेंसी फर्म वेप्कोस लिमिटेड और राइट्स की ओर से दरें दी गई है जिसका मूल्यांकन करने के बाद एडीए कार्यादेश जारी करेगा।
- फिजिबिलिटी रिपोर्ट व डीपीआर प्राप्त होने पर टनल बनाने के लिए वन विभाग से अनापत्ति प्रमाण-पत्र प्राप्त किया जाएगा। एनओसी मिलने के बाद एडीए की बोर्ड बैठक या कार्यकारी समिति में टनल निर्माण की प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृति प्राप्त कर एडीए के वर्ष 2018-19 के बजट में टनल निर्माण के लिए बजट का प्रावधान किया जाएगा।
- यह सारी कार्रवाई पूरी होने के बाद टनल बनाने के लिए सक्षम कंपनी व फर्म से निविदाएं आमंत्रित की जाएगी।

दयानंद स्मारक नंवबर तक पूरा करने का दावा
मुख्यमंत्री ने राज्य के बजट में अजमेर के लिहाज से पुष्कर टनल के बाद दूसरी बडी घोषणा महर्षि दयानंद सरस्वती स्मारक एवं संग्रहालय निर्माण के लिए की थी। खास बात यह है कि इसका प्रस्ताव भी एडीए ने ही सरकार को भिजवाया था और 25 करोड़ की लागत के इस काम के लिए एडीए ही राशि व्यय करेगा। इस काम की स्थिति भी धरातल पर अभी शुरूआती स्तर की ही है जबकि एडीए इसको भी एक साल से अपने प्रस्तावित कार्यों में गिनवाता रहा है। सरकार ने अब इस बाबत जानकारी चाही है तो एडीए की ओर से कहा गया है कि कंसलटेंसी और डीपीआर के लिए निविदाएं आमंत्रित की गई है। जिस जमीन पर स्मारक बनना है उसका भू उपयोग परिवर्तन करने पर कार्यादेश जारी किया जाएगा।

स्मारक निर्माण के लिए यह है तैयारी
- स्मारक व संग्रहालय निर्माण के लिए प्रस्तावित भूमि का भू उपयोग परिवर्तन कराने के लिए एडीए की बोर्ड बैठक में अनुमोदन के बाद प्रकरण राज्य सरकार को प्रस्तुत किया जाएगा।
-भू उपयोग के बाद कंसलटेंसी फर्म को कार्यादेश जारी होगा।
-एडीए ने स्मारक के लिए राजस्व ग्राम घूघरा में जमीन चिन्हित की है। वहीं अशोक उद्यान के सामने त्रिभुजाकार की जमीन भी प्रस्तावित है।
- कंसलटेंसी एवं डीपीअार रिपोर्ट प्राप्त होने पर एडीए की बोर्ड बैठक या कार्यकारी समिति में इस काम के लिए प्रशासनिक व वित्तीय स्वीकृति प्राप्त करने के लिए 2018-19 के एडीए के बजट में स्मारक निर्माण पर व्यय का प्रावधान किया जाएगा।

साल के अंत तक पूरा करने का दावा

एडीए ने नगरीय विकास विभाग को भेजे पत्र में कहा है कि सब कुछ ठीक रहा और समय पर स्वीकृति व क्रियान्विति की गई तो 31 दिसंबर 2018 तक कार्य पूरा करने का प्रयास किया जाएगा।