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हाई सिक्यूरिटी जेल का सुरक्षा गार्ड ही मोबाइल सिम ले जाते पकड़ा गया

जेल में बंद कुख्यात अपराधियों को मोबाइल फोन और सिम यहां तैनात सुरक्षा गार्ड ही मुहैया करवा रहे हैं।

Bhaskar News | Last Modified - Dec 29, 2017, 08:15 AM IST

हाई सिक्यूरिटी जेल का सुरक्षा गार्ड ही मोबाइल सिम ले जाते पकड़ा गया

अजमेर. घूघरा स्थित प्रदेश की एकमात्र हाई सिक्यूरिटी जेल की सुरक्षा में तैनात बार्डर सिक्यूरिटी गार्ड के पास तलाशी के दौरान मोबाइल सिम मिली है। वह चोरी-छिपे यह सिम जेल के भीतर ले जा रहा था, जेल की आंतरिक सुरक्षा में तैनात जेल प्रहरियों ने तलाशी में उसके पास से सिम बरामद की है। इस घटना से एक बार यह फिर यह साबित हो गया है कि हाई सिक्यूरिटी जेल में बंद कुख्यात अपराधियों को मोबाइल फोन और सिम यहां तैनात सुरक्षा गार्ड ही मुहैया करवा रहे हैं। इस घटना से 'बाड़ ही खेत को खाने...' वाली कहावत चरितार्थ हुई है।

- उल्लेखनीय है कि हाई सिक्यूरिटी जेल के सुरक्षा कवच में कुख्यात आनंदपाल सिंह, गैंगस्टर लारेंस बिश्नोई और अन्य अपराधी छेद कर चुके हैं। जिला पुलिस के सर्च में दो बाद बंदियों के पास से सिम और मोबाइल फोन बरामद हो चुके हैं।


- पुलिस के अनुसार, जयपुर रोड पर हाई सिक्योरिटी जेल में प्रहरी के पद पर तैनात जगत सिंह पुत्र जगराम ने सिविल लाइंस थाने में शिकायत दर्ज कराई है कि गत 26 दिसंबर को वह ड्यूटी के दौरान जेल में तैनात था।

- इस दौरान तलाशी के दौरान बार्डर सिक्यूरिटी गार्ड रेवता राम भीतर जाने के लिए गेट पर पहुंचा। उसकी तलाश ली गई। उसकी जेब में एयरटेल कंपनी की मोबाइल सिम मिली है। शक है कि रेवतराम यह सिम किसी बंदी को देने भीतर जा रहा था।

- प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी गार्ड रेवत राम ने सफाई दी है कि उक्त सिम गार्ड को उसने पोर्ट कराया था। उसने यह सिम अपने जाकिट की जेब में गलती से रख ली थी।

- जेल अधीक्षक के निर्देश पर मोबाइल सिमकार्ड जेल में लाने को गंभीर मानते हुए जेल प्रहरी जगत सिंह ने आरोपी बॉर्डर सिक्यूरिटी गार्ड रेवताराम के खिलाफ जेल अधिनियम की धारा 42 के तहत मुकदमा दर्ज कराया है। सिविल लाइंस थाना पुलिस जांच कर रही है कि आरोपी रेवत राम की मंशा क्या थी।

बाहर की सुरक्षा बार्डर सिक्यूरिटी होम गार्ड व भीतर की जेल प्रहरियों के हवाले

- अजमेर सेंट्रल जेल और घूघरा स्थित हाई सिक्योरिटी जेल में बाहरी सुरक्षा के लिए आरएसी के 25-25 जवान चौबीस घंटे तैनात रहते हैं, जेल के भीतर की सुरक्षा और व्यवस्था की जिम्मेदारी जेल प्रशासन के प्रहरी और कर्मचारी संभालते हैं।

आरएसी जवानों का नियंत्रण जयपुर में तैनात कमांडेंट करते हैं, जबकि जेल प्रहरियों का नियंत्रण जेल अधीक्षक और जेल मुख्यालय के तौर पर किया जा रहा है। जेल के भीतर सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाओं के लिए तैनात जेल अधिकारी और कर्मचारी बंदियों को काबू करने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी का निर्वहन करते हुए जेल नियमों की पालना कराते हैं, जबकि जेल से बाहर सुरक्षा कवच की तरह तैनात आरएसी जवान अपने कमांड अॉफिसर के निर्देश की पालना को ही अपनी जिम्मेदारी मानते हुए काम कर रहे है।

- आरएसपी जवानों को निर्देश हैं कि जेल के भीतर जाने वाले हर शख्स की बारीकी से जामा तलाशी ली जाए। इसके तहत आरएसी जवान जेल अधीक्षक को भी बगैर जामा तलाशी के भीतर नहीं जाने देते। आरएसी जवानों के रवैये के कारण जेल प्रशासन के कर्मचारियों में असंतोष है, साथ ही आरएसी जवानों के साथ उनके मतभेद भी गहरा रहे हैं।


इसलिए बनाई गई थी जेल
बीकानेर जेल में कैदियों के दो गुटों में खूनी संघर्ष की वारदात के बाद राज्य सरकार ने हाई सिक्योरिटी जेल स्थापित करने का निर्णय किया था। इसका उद्देश्य यह है कि राज्य की विभिन्न जेलों में बंद कुख्यात अपराधी अपने धन-बल के दम पर कैदियों के गुट बनाकर जेल में ही आपराधिक गतिविधियां संचालित करने वाले कैदियों को चिह्नित कर उन्हें हाई सिक्योरिटी जेल में शिफ्ट किया जाए, ताकि यह हार्डकोर अपने नेटवर्क से कट जाए। इससे सामान्य जेलों में गुटबंदी भी समाप्त हो जाएगी।

जेल में बाड़ ही खेत को खा रही है
जेल में बाहरी सुरक्षा में आरएसी और बार्डर सिक्यूरिटी गार्ड और भीतर जेल प्रशासन के प्रहरी अपनी-अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं तो जेल के भीतर धारदार हथियार और मोबाइल सिम कैसे पहुंच रहे हैं? इस सवाल का जवाब मोबाइल सिम जेल के भीतर ले जाते पकड़े गए बार्डर सिक्यूरिटी गार्ड की करतूत से मिल गया है। पुलिस एनकाउंटर में मारा गया कुख्यात आनंदपाल ने भी हाई सिक्योरिटी जेल में रहते हुए फरार होने की साजिश रची थी और चालानी गार्ड को नशीली मिठाई खिलाकर उनके हथियार छीनकर भाग गया था। इस घटना के बाद भी जेल में अपराधियों की गतिविधियों पर शिकंजा नहीं कसा गया। इससे पूर्व हाई सिक्योरिटी जेल में कुख्यात अनिल पांड्या ने जेल अधीक्षक पर धारदार वस्तु से हमला किया था। पिछले दिनों एसओजी के इंस्पेक्टर सूर्यवीर सिंह पर भी जेल में कुख्यात आनंदपाल के भाई रूपेंद्र पाल सिंह ने हमला कर दिया था।

अभी ये अपराधी हैं जेल में
- पंजाब का कुख्यात गैंगस्टर लाॅरेंस विश्नोई
- हत्या के मामले में बंद जोधपुर का कुख्यात अपराधी स्वरूप सिंह।
- कुख्यात अपराधी राजू ठेहट का गुर्गा पवन कुमार और उसके दो साथी।
- आनंदपाल का भाई मंजीत सिंह व उसके दो साथी।
-कोटा का कुख्यात बदमाश शिवराज और उसके गुर्गे।
-सीकर का कुख्यात बदमाश अनिल उर्फ पांड्या व उसका एक साथी।
- बीकानेर का कुख्यात अपराधी व हथियार तस्कर अमीन खां।
- भंवरी हत्याकांड का मुख्य आरोपित विश्नाराम जाट व उसके दो साथी।

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