Hindi News »Rajasthan »Ajmer» Sufi Singer Mukhtar Ali Came To The Sacred Pushkar Festival

मैं मंदिरों में सूफी कव्वाली सुनाता हूं तो मस्जिद में बाबा रामदेव जी के भजन

‘द सेक्रेड पुष्कर फेस्टिवल’ में आए सूफी गायक मुख्तयार अली ‘भास्कर’ से बोले

Bhaskar News | Last Modified - Dec 18, 2017, 06:21 AM IST

  • मैं मंदिरों में सूफी कव्वाली सुनाता हूं तो मस्जिद में बाबा रामदेव जी के भजन
    +1और स्लाइड देखें

    पुष्कर. बीकानेर के जाने-माने सूफी गायक मुख्तियार अली मंदिरों में सूफी कव्वाल सुनाते हैं तो मस्जिद में बाबा रामदेव जी के भजन भी गाते हैं। उनका कहना है कि हम भारत एवं पाकिस्तान के बॉर्डर पर रहते हैं। जहां हिंदू और मुस्लिम दोनों ही समाज के लोग हैं। लिहाजा, वे अपने संगीत के माध्यम से दोनों समुदायों में भाईचारा बनाने के लिए सेतु का काम करते हैं।


    - अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त बीकानेर के सूफी लोक कलाकार मुख्तियार अली पुष्कर में श्रीसीमेंट व दैनिक भास्कर के सहयोग से टीम वर्क द्वारा आयोजित तीसरे द सेक्रेड पुष्कर फेस्टिवल में पहली बार सूफी भक्ति की प्रस्तुति देने आए हैं।

    - कार्यक्रम की प्रस्तुति से ठीक पहले उन्होंने भास्कर के साथ खास बातचीत में बताया कि दोनों ही समाज संगीत सुनकर उनका पूरा मान सम्मान करते हैं। बीकानेर का मिलाजुला कल्चर है।

    - हिंदू भाई उन्हें जागरणों में हनुमान जी व बाबा रामदेव जी के भजनों की प्रस्तुति के लिए बुलाते हैं। वहीं, वे मस्जिद में रामदेव जी के भजन भी प्रस्तुत करते हैं। जिसे मुस्लिम भाई बड़े उत्साह से सुनते हैं। राजस्थानी लोक संगीत हमारी धरोहर है। विदेशी लोग राजस्थान के संगीत को अपने देशों में ले जाकर इसे आगे बढ़ा रहे हैं। हमारी भी संगीत को संभाल कर रखने की बहुत बड़ी जिम्मेदारी है।

    - पुष्कर में पहली बार कार्यक्रम की प्रस्तुति के संबंध में उन्होंने कहा कि यह उनका कार्यक्रम नहीं बल्कि उनकी पुष्कर तीर्थ यात्रा हो गई। पुष्कर में पूरे विश्व के लोग आते हैं। लिहाजा, उनके लिए गर्व की बात है कि पुष्कर में दी गई उनकी प्रस्तुति को पूरा वर्ल्ड देखेगा।

    - सूफी गायक अली का कहना है कि ऐसे कार्यक्रम आयोजित होते रहना चाहिए, जिससे की लोग संगीत से जुड़े रहे। संगीत से सीख कर लोगों को आगे बढ़ना चाहिए।

    - उन्होंने बताया कि कबीरदास का चदरिया झीनी रे झीनी राम नाम रंग दीनी...भजन गाने से उन्हें सबसे अधिक आनंद आता है। यह भजन काफी फेमस हुआ है और इसकी बदौलत वे 70 देशों की यात्रा कर चुके हैं।

    बांसुरी से खेलते-खेलते बांसुरी वादक बन गए अतुल शंकर
    - द सेक्रेड पुष्कर फेस्टिवल में बांसुरी वादन की प्रस्तुति देने आए बनारस के प्रसिद्ध कलाकार अतुल शंकर को भी बांसुरी वादन विरासत में मिला है। उनके पिता रमा शंकर बांसुरी वादन करते थे और उन्होंने अपने पिता के साथ-साथ माता एवं नाना से बांसुरी वादन की शिक्षा ली।

    - पुष्कर में कार्यक्रम की प्रस्तुति देने के बाद भास्कर से बातचीत में उन्होंने बताया कि ढाई साल की उम्र में उन्हें उनके नाना जी ने उन्हें खेलने के लिए छोटी सी बांसुरी गिफ्ट की थी और वे उस बांसुरी को बजाते-बजाते इस मुकाम पर पहुंच गए।

    - उन्होंने बताया कि पुष्कर में पहली बार आकर सरोवर के तट पर बांसुरी वादन की प्रस्तुति देना उन्हें काफी अच्छा लगा। लोगों ने उनकी कला का खूब आनंद लिया।

    - भारतीय शास्त्रीय संगीत के प्रति लोगों में घटते रुझान के संबंध में उन्होंने कहा कि यह संगीत एक अति प्राचीन कला है। शास्त्रीय संगीत कभी खत्म नहीं हो सकता। वर्तमान में लोग वेस्टनाईज म्यूजिक पसंद कर रहे हैं। लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि लोग शास्त्रीय संगीत को नहीं सुन रहे हैं।

  • मैं मंदिरों में सूफी कव्वाली सुनाता हूं तो मस्जिद में बाबा रामदेव जी के भजन
    +1और स्लाइड देखें
आगे की स्लाइड्स देखने के लिए क्लिक करें
India Result 2018: Check BSEB 10th Result, BSEB 12th Result, RBSE 10th Result, RBSE 12th Result, UK Board 10th Result, UK Board 12th Result, JAC 10th Result, JAC 12th Result, CBSE 10th Result, CBSE 12th Result, Maharashtra Board SSC Result and Maharashtra Board HSC Result Online

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए Ajmer News in Hindi सबसे पहले दैनिक भास्कर पर | Hindi Samachar अपने मोबाइल पर पढ़ने के लिए डाउनलोड करें Hindi News App, या फिर 2G नेटवर्क के लिए हमारा Dainik Bhaskar Lite App.
Web Title: Sufi Singer Mukhtar Ali Came To The Sacred Pushkar Festival
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

More From Ajmer

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×