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माउंट आबू का पारा 1.4 डिग्री पर पहुंचा, बर्फ में बन गई ओस की बूंदें

मौसम: उत्तर से चली बर्फीली हवाओं ने ठिठुराया, 24 घंटे में 5 डिग्री लुढ़का माउंट आबू में रात का पारा

Danik Bhaskar | Jan 25, 2018, 11:55 PM IST

सिरोही/माउंट आबू. जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में हुई बर्फबारी और पंजाब-हरियाणा में बारिश की वजह से जिले में अचानक सर्दी का असर बढ़ गया है। हिल स्टेशन माउंट आबू में एक ही दिन में रात का तापमान 5 डिग्री लुढ़क कर बुधवार को 1.4 डिग्री पर पहुंच गया। सवेरे जगह-जगह ओस की बूंदें बर्फ में तब्दील हो गई। होटल के बगीचों और खुले मैदान में घास व फूल-पत्तियों पर बर्फ की परत जम गई। खुले में खड़े वाहनों पर भी ओस की बूंदें बर्फ बन गई। कड़ाके की सर्दी के कारण माउंटवासियों और पर्यटकों की दिनचर्या देरी से शुरू हुई। यहां दिन का तापमान भी 3 डिग्री गिरकर 17 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया।

- जिला मुख्यालय सिरोही के तापमान में भी एक ही दिन में दिन और रात के पारे 2 डिग्री की गिरावट हुई।

- सिरोही शहर में बुधवार को अधिकतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 8 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया।

बर्फीली हवाओं ने झकझोरा
उत्तरी भारत के पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी होने से जिले में हाड़कंपाने वाली सर्दी का असर बढ़ गया है। माउंट आबू समेत समूचे जिले में बुधवार रात और सवेरे चली बर्फीली हवाओं ने आमजन को झकझोर दिया। शीतलहर के कारण लोग दिन भी गर्म लबादों में लिपटे रहे। सवेरे दिनचर्या देरी से शुरू हुई और शाम को जल्दी खत्म हुई।

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एक-दो दिन ऐसा ही रहेगा मौसम
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक अगले एक-दो दिन माउंट आबू में न्यूनतम तापमान जमावबिंदु के आसपास रहने की संभावना है। दिन में भी शीतलहर का असर रहेगा। आसमान में बादल छाए रहेंगे और सवेरे हल्के कोहरे का भी प्रभाव देखा जाएगा।

जीरे की फसल पर बढ़ा खतरा
शीतलहर से चलने से जीरे की फसल पर झुलसा रोग का खतरा बढ़ गया है। इस बार अधिकतर किसानों ने जीरे की खेती है। बर्फीली हवा चलने से जीरे की फसल को नुकसान हो रहा है। इसबगोल और टमाटर पर भी इसका असर देखा जा रहा है। हालांकि, गेहूं व जौ जैसी फसलों को इससे फायदा हुआ है।