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'रंगीला विलेज' नाम से फेमस है ये गांव, इस लग्जरी होटल ग्रुप ने लिया है इसे गोद

गांव के कलरफुल लुक के पीछे एक थीम यह भी है कि यहां लोग स्वच्छता के प्रति सचेत रहें।

Dainik Bhaskar

Mar 01, 2018, 03:56 AM IST
गांव की 20 रंगों से रंगी हुई दीवारें। गांव की 20 रंगों से रंगी हुई दीवारें।

अलवर. होली की मस्ती में जहां हर जगह नजर आएंगे रंगे -पुते चेहरे वहीं अलवर जिले के तिजारा के पास स्थित सरहेटा गांव की दीवारें भी होली के इसी रंग में रंग चुकी है। गांव की हर दीवार पर अलग तरह का रंग है। यहां तक की एक एक दीवार पर भी अनेक तरह के रंग नजर आने लगे है। यह सब सरकार की किसी योजना के तहत नहीं बल्कि गांव को रंगीला और हर सुबह को चमकीला करने के लिए किया गया है ताकि लोग वसंत की उस खुशबू को हर रोज महसूस कर सके जिसके लिए घरों में होली और खेतों में सरसों का इंतजार करना पड़ता है। इसलिए अलग-अलग रंग किए हैं यूज...

अलवर शहर से करीब सत्तर किलोमीटर दूर सरहेटा गांव में जगह-जगह गंदगी के ढेर लगे हुए थे, लेकिन आज गांव की आबोहवा बदली हुई है। पहले इस गांव के लोग न तो साफ-सफाई के प्रति जागरूक थे और न ही अपने स्वास्थ्य के प्रति। एक एनजीओ ने गांव को गोद लिया और सूरत बदलने की शुरुआत कर दी। हाल ही में संस्था ने गांव के प्रत्येक मकान को अलग-अलग रंग से पुतवाया है। पूरे गांव में 20 से भी ज्यादा लाल, गुलाबी, बैंगनी, पीला, नीला अलग-अलग रंगों का प्रयोग किया गया है। गांव को रंगीला बनाने के पीछे सिर्फ एक उद्देश्य यह है कि यहां के लोगों में सकारात्मक ऊर्जा का संचार हो। सुबह उठते ही उन्हें अपनी दुनिया रंगीन दिखाई दे। अच्छे और सकारात्मक भावों के साथ ग्रामीणों के दिन की शुरुआत हो।

इस होटल ने लिया है गांव को गोद
तिजारा से करीब 8 किलोमीटर दूर सरहेटा पंचायत समिति मुख्यालय है। गांव में ढाई से तीन हजार की आबादी है। ग्रामीणों की आय का साधन खेती और पशुपालन है। इस गांव में मेव, गुर्जर, कुम्हार, अनुसूचित जाति के करीब 800 परिवार रह रहे हैं। गांव की स्थिति को देखते हुए करीब 3 साल पहले नीमराना ग्रुप ऑफ होटल्स ने इसे गोद लिया और सूरत बदलने का बीड़ा उठाया। शुरुआती दौर में गांव में साफ-सफाई की गई। गांव का आंगनबाड़ी केंद्र, जो पहले जर्जर हालात में था, आज बच्चों के खेलने की खास जगह बन चुका है।

होटल ग्रुप ने मकानों पर अलग-अलग रंग करा दिए और गांव को रंगीला बना दिया। रंग-बिरंगे मकानों के कारण मुख्यालय से करीब 70 किलोमीटर दूर बसा यह गांव इन दिनों काफी चर्चा में है। गांव के नए लुक को लेकर बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक काफी खुश हैं और रोमांचित हैं। करीब 20 दिन की मेहनत से 15 से 20 बच्चों, स्वयंसेवकों ने मिलकर यह अनूठा कारनामा कर डाला।

महाभारत काल के त्रिगत देश की राजधानी था सरहेटा

महाभारत काल में त्रिगत रियासत की राजधानी सरहेटा गांव रही है। आज त्रिगत को तिजारा के नाम से जाना जाता है। तिजारा की राजधानी सरहेटा गांव आज करीब 800 साल बाद विश्व पटल पर अपनी पहचान बना रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि त्रिगत रियासत के राजा सुशर्मा हुए करते थे। तभी से इस रियासत की सामाजिक समरसता और न्याय की भावना से देश की सभी रियासतों में अलग पहचान थी।

दुनिया के पर्दे पर होगा यह गांव

नए रंगीले लुक को लेकर बताया जा रहा है कि यह अनोखा गांव है। अक्सर गांवों में बने कच्चे और पक्के घरों में पुताई नहीं होती है। रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने के लिए लोग सुबह निकलने के बाद शाम को ही घर की सूरत देखते हैं। ऐसे में मकान पर रंग होने या नहीं होने से इनको बहुत ज्यादा मतलब नहीं रहता। इसके पीछे रंगीला गांव को पर्यटक के दृष्टि में विश्व पटल पर लाने का प्रयास है।

स्वच्छता की दिशा में बढ़ा गांव

गांव के कलरफुल लुक के पीछे एक थीम यह भी है कि यहां लोग स्वच्छता के प्रति सचेत रहें। जब घर बाहर से अच्छा दिखेगा तो आस-पास गंदगी फैलाने का मन नहीं करेगा व लोग स्वच्छता के प्रति गंभीर रहेंगे।

सरहेटा का चयन ही क्यों

इस गांव को नीमराना ग्रुप ऑफ होटल्स ने गोद लिया हुआ है। इसकी प्रतिनिधि गीतांजलि बताती हैं कि पहले यहां कुछ नहीं था। काफी पिछड़ा हुआ क्षेत्र था। पूरी तरह से मेवात का यह गांव अब अलग दिखने लगता है। स्वच्छता, शिक्षा को लेकर दीवारों पर चित्र व स्लोगन भी लिखवाए गए हैं। हर महीने हैल्थ चेकअप कैंप लगता है। पानी के निकास पर काम किया जा रहा है। अच्छी सड़कें बनाई जा रही हैं ताकि यहां आने वाले लोग इस गांव की सुंदरता को निहार सकें। हाल ही में गांव के सभी घरों को रंग-बिरंगे रंगों से पुतवाया गया है। संस्था द्वारा करीब 850 घरों को नए लुक में लाया गया है।

हर दीवार पर अलग-अलग रंग पुता हुआ है। हर दीवार पर अलग-अलग रंग पुता हुआ है।
इस गांव को नीमराना ग्रुप ऑफ होटल्स ने गोद लिया हुआ है। इस गांव को नीमराना ग्रुप ऑफ होटल्स ने गोद लिया हुआ है।
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गांव की 20 रंगों से रंगी हुई दीवारें।गांव की 20 रंगों से रंगी हुई दीवारें।
हर दीवार पर अलग-अलग रंग पुता हुआ है।हर दीवार पर अलग-अलग रंग पुता हुआ है।
इस गांव को नीमराना ग्रुप ऑफ होटल्स ने गोद लिया हुआ है।इस गांव को नीमराना ग्रुप ऑफ होटल्स ने गोद लिया हुआ है।
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