--Advertisement--

मशीन ने रोकी 90 लाख के गेहूं की कालाबाजारी, हर माह 3 हजार मीट्रिक टन गेहूं की बचत

सरकार को प्रति माह 6 लाख रुपए की सब्सिडी कम देनी पड़ी रही है, हर माह 3 हजार मीट्रिक टन गेहूं की बचत

Dainik Bhaskar

Jan 09, 2018, 08:40 AM IST
Wheat Black marketing Bans for help of machine

अजमेर. अजमेर जिले में पीओएस मशीन से राशन सामग्री वितरीत शुरू होने के बाद पिछले 15 माह में करीब 90 लाख रुपए मूल्य के गेंहूं की कालाबाजारी होने से बच गई। मशीन से सामग्री वितरित होने के बाद विभाग को हर माह 3 हजार मीट्रिक टन गेहूं की बचत हो रहा है। सरकार को प्रति माह 6 लाख रुपए की सब्सिडी कम देनी पड़ी रही है। पूरे प्रदेश यदि में सब्सिडी की राशि की गणना की जाए तो यह बचत करोड़ों रुपए में होगी।


- रसद विभाग पहले मैनुअल राशन सामग्री वितरित करता था, लेकिन सितंबर 2016 से मशीनों के माध्यम से सामग्री वितरित करना अनिवार्य कर दिया। मशीन से सामग्री वितरीत करते हुए डेढ़ साल हो गए है। विभाग मैनुअल सामग्री वितरित करता था, तब जिले में 10 हजार मीट्रिक टन गेहूं उठाता था, लेकिन मशीन से सामग्री वितरित करने के बाद अब 7000 हजार मीट्रिक टन गेहूं का उठाव हो रहा है। यानी, प्रति माह 3000 हजार मीट्रिक टन गेहूं बच रहा है।

- सूत्रों के अनुसार, सरकार गेहूं पर बीस रुपए किलो सब्सिडी देती है। इसके हिसाब से सरकार को 6 लाख रुपए हर माह कम सब्सिडी देनी पड़ रही है। मशीन अनिवार्य करने के बाद अब तक सरकार को 90 लाख रुपए की सब्सिडी कम देनी पड़ी है। ऐसे ही पूरे प्रदेश का आंकलन किया जाए तो सरकार को करोड़ों रुपए कम सब्सिडी देनी पड़ रही है।

भ्रष्टाचार पर लगी रोक
राशन विक्रेताओं ने कालाबाजारी रुकने की आशंका से मशीनों का काफी विरोध किया था। इसके साथ ही तकनीकी अड़चनों की वजह से उपभोक्ताओं को सामग्री नहीं मिल रही थी, इसकी वजह से अफरा-तफरी मच गई थी। जनप्रतिनिधियों ने भी विभाग पर राशन सामग्री मैनुअल वितरित करने का दबाव बनाया था, लेकिन सरकार के सख्त रुख की वजह से व्यवस्था लागू हो गई, जिससे भ्रष्टाचार रोक लगने के साथ ही सरकार को आर्थिक लाभ भी मिल रहा है।

मशीन से सामग्री वितरित करने से गेहूं उठाव तीस प्रतिशत से कम सामग्री उठ रही है। मैनुअल राशन सामग्री वितरित करने पर पूरी तरह से रोक लगा रखी है।

-विनय शर्मा, रसद अधिकारी, ग्रामीण

X
Wheat Black marketing Bans for help of machine
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..