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चुनाव के दौरान हटाई गई वन वे ट्रैफिक व्यवस्था फिर होगी बहाल

चुनाव के दौरान शहर में गांधी भवन चौराहे से जीसीए चौराहे तक हटाई गई वन वे ट्रैफिक व्यवस्था फिर से लागू होगी।...

Dainik Bhaskar

Feb 01, 2018, 03:10 AM IST
चुनाव के दौरान हटाई गई वन वे ट्रैफिक व्यवस्था फिर होगी बहाल
चुनाव के दौरान शहर में गांधी भवन चौराहे से जीसीए चौराहे तक हटाई गई वन वे ट्रैफिक व्यवस्था फिर से लागू होगी। ट्रैफिक पुलिस डीएसपी प्रीति चौधरी के अनुसार शहर के हर चौराहे और मुख्य मार्ग पर रोजाना जाम की समस्या से निजात के लिए वन-वे ट्रैफिक व्यवस्था जरूरी है। आमजन और व्यापारियों के सहयोग से यह व्यवस्था वापस लागू होगी। चौधरी के अनुसार चुनाव के दौरान जुलूस और अन्य आयोजन के मद्देनजर वन-वे को हटा लिया गया था।

इसलिए किया गया था नया प्रयोग

ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार के लिए आगरा गेट चौराहे को अतिक्रमण मुक्त कर चौड़ा किया गया, जबकि गांधीभवन चौराहे से जीसीए चौराहे तक वन वे ट्रैफिक किया गया था। रेलवे स्टेशन के सामने टेम्पो और सिटी बसों से ट्रैफिक बाधित होने की समस्या के निराकरण के लिए आधे वाहनों को शहर के बाहर चलाने का निर्णय किया गया था। ट्रैफिक पुलिस ने सवारी वाहनों पर लाल और हरे रंग के स्टीकर चिपकाए थे, ताकि शहर के बाहर और भीतर चलने वाले वाहनों को चिह्नित किया जा सके। नई व्यवस्था से ट्रैफिक पहले से ज्यादा सुगम हो गया था, लेकिन इससे आम जन को कुछ असुविधा भी हुई थी। टेम्पो और सवारी वाहन चालकों ने आधे वाहनों को दूसरे रूट पर डायवर्ट करने की मांग को लेकर व्यवस्था का विरोध किया था। जिला परिवहन विभाग रूट डायवर्ट करने के बारे में प्रस्ताव पर विचार कर रहा है। दूसरी ओर स्टेशन रोड के व्यापारियों ने वन वे का विरोध करते हुए क्लाक टावर थाना चौराहा, केसरगंज तिराहा और मार्टिंडल ब्रिज के निकट से दिन में तीन बार बेरिकेडिंग हटा कर रास्ता खोलने की मांग की थी। व्यापारियों के विरोध और चुनाव के माहौल के मद्देनजर पुलिस ने वन वे व्यवस्था को स्थगित कर दिया था।

आगरा गेट चौराहे पर फिर अतिक्रमण होने लगे

ट्रैफिक व्यवस्था को नया रूप देने की तैयारी में पिछले दिनों प्रशासन ने पुलिस के साथ संयुक्त कार्रवाई कर आगरा गेट चौराहे को अतिक्रमण मुक्त कर दिया था। डाॅ. श्रीगोपाल बाहेती के क्लीनिक के सामने सड़क के बीच होने वाली वाहन पार्किंग व्यवस्था को हटा दिया गया था। सड़क के दोनों तरफ लगने वाले ठेले-खोमचों को भी सख्ती से हटाया गया था। चौराहे से नयाबाजार की ओर जाने वाला मार्ग खुला-खुला नजर आने लगा था, साथ ही चर्च के पास बेरिकेडिंग लगा कर जयपुर रोड से पृथ्वी राज मार्ग की तरफ जाने वाले ट्रैफिक के लिए अलग से रास्ता बनाया गया। यह व्यवस्था कुछ ही दिन रही, बाद में चौराहे के आसपास फिर अतिक्रमण हो गया।

पचास फीसदी टेम्पो, सिटी बसों को दूसरे रूट पर करेंगे डायवर्ट

जिला पुलिस ने रेलवे स्टेशन के सामने सवारी टेम्पो और सिटी बसों से लगने वाले जाम से निजात पाने के लिए आधे वाहन शहर से बाहर चलाए जाने और आधे वाहनों को ही शहर में स्टेशन रोड होते हुए जाने की व्यवस्था की थी। सवारी वाहन चालकों के विरोध के कारण यह व्यवस्था लागू नहीं हो सकी। शहर में सवारी वाहनों के 24 रूट हैं, इनमें कुल 880 वाहन चलाए जा रहे हैं। सबसे ज्यादा 253 वाहन रूट संख्या-7 हटूंडी से एमडीएस यूनिवर्सिटी पर हैं। प्रारंभिक तौर पर पुलिस ने रूट संख्या सात के आधे वाहनों को शहर से बाहर किया है। इसके तहत ट्रैफिक पुलिस ने टेम्पो और अन्य वाहनों पर लाल और हरे स्टीकर चस्पा किए हैं। स्टीकरों के आधार पर वाहनों को पंद्रह-पंद्रह दिन के लिए शहर के भीतर प्रवेश करने दिया जाएगा। वाहन चालकोें की मांग के अनुसार अब जिला परिवहन विभाग रूट नंबर सात के आधे वाहनों को पंद्रह दिन के लिए ऐसे दूसरे रूटों पर डायवर्ट करेगा, जहां वाहनों की संख्या कम है। इसमें जनाना अस्पताल, कुंदन नगर और धोलाभाटा इलाके शामिल हैं।

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