Hindi News »Rajasthan »Ajmer» 1400 सफाईकर्मी रहेंगे छुट्टी पर, दो बजे तक पेट्रोलपंप बंद रहेंगे, आज निकालेंगे वाहन रैली

1400 सफाईकर्मी रहेंगे छुट्टी पर, दो बजे तक पेट्रोलपंप बंद रहेंगे, आज निकालेंगे वाहन रैली

अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति समुदाय के 2 अप्रैल को प्रस्तावित बंद में अजमेर नगर निगम के सफाई कार्मिक भी कूद पड़े...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 01, 2018, 03:10 AM IST

1400 सफाईकर्मी रहेंगे छुट्टी पर, दो बजे तक पेट्रोलपंप बंद रहेंगे, आज निकालेंगे वाहन रैली
अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति समुदाय के 2 अप्रैल को प्रस्तावित बंद में अजमेर नगर निगम के सफाई कार्मिक भी कूद पड़े हैं। निगम के 1400 कर्मचारी सामूहिक अवकाश पर रहेंगे। इससे एक दिन के लिए सफाई व्यवस्था ठप हो जाएगी। बंद को अजमेर में सफल बनाने के लिए कई संगठन एकजुट हो गए हैं। शनिवार को आयोजित बैठक में सभी ने बंद का समर्थन किया।

बोर्ड ऑफिस कर्मचारी एसोसिएशन, पेट्रोल पंप यूनियन, एलपीजी गैस यूनियन, स्टेशन ऑटो यूनियन, सिटी बस यूनियन ने भी अजमेर बंद को समर्थन दिया है। समिति के सदस्यों ने अनुसूचित जाति, जनजाति की बस्तियों में जाकर रैली व बंद को सफल बनाने के लिए समर्थन मांगा। पेट्रोल पंप दोपहर 2 बजे तक बंद रहेंगे। इससे पूर्व रविवार दोपहर 2 बजे से शहर में वाहन रैली निकाली जाएगी।

अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति संघर्ष समिति सहित विभिन्न संगठनों की शनिवार को आजाद पार्क और अजमेर क्लब में बैठक हुई, जिसमें विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई। संघर्ष समिति के सदस्य देशराज मेहरा ने बताया कि बैठक में तैयारियों को अंतिम रूप दिया गया।

वाहन रैली दोपहर 2 बजे राजकीय महाविद्यालय से प्रारंभ होकर स्टेशन रोड, केसरगंज, झूलेलाल चौक, पड़ाव, कवंडसपुरा, मदारगेट, नला बाजार, दरगाह बाजार, देहली गेट, फव्वारा चौराहा, आगरा गेट, नया बाजार, चूड़ी बाजार, गांधी भवन चौराहा, कचहरी रोड, सूचना केंद्र, बजरंग गढ़, सावित्री कॉलेज चौराहा होकर डॉ. अंबेडकर सर्किल पर पूरी होगी।

कई संगठनों ने दिया विरोध रैली को समर्थन

कई समाजों का मिला समर्थन

गुर्जर समाज के हरचंद हाकला ने भी इस बंद को अपना पूर्ण समर्थन देने की घोषणा की। अखिल भारतीय धानका समाज, वाल्मीकि समाज, अखिल भारतीय धानका युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत आर्य ने भी समर्थन की घोषणा की। कोली राजपूत हितकारिणी सभा का भी संघर्ष समिति को अजमेर बंद को लेकर समर्थन मिला है।

बंद से शहर की सफाई व्यवस्था उतरेगी पटरी से

सोमवार को अजमेर बंद को सफाई कर्मचारियों ने भी समर्थन दिया है। इस दिन शहर की सफाई व्यवस्था पटरी से उतरी रहेगी। सफाई कर्मचारी यूनियन के नौरतमल डेंडवाल ने घोषणा की कि अजमेर शहर के 1400 सफाई कर्मचारी सोमवार को अजमेर बंद के समर्थन में छुट्टी पर रहेंगे।

अपने अधिकारों के लिए सभी हों एकजुट

बैठक को संबोधित करते हुए डॉ. राजकुमार जयपाल, विजय नागौरा सहित अन्य ने कहा कि अपने अधिकारों के लिए सभी को एक होना होगा। सभी अजमेर बंद को सफल बनाने के लिए सुबह एक साथ जुट जाएं और अपने-अपने क्षेत्र से ही इसकी शुरुआत कर दें। दुकानदारों सहित अन्य से बंद में सहयोग देने का आग्रह करें और प्रतिष्ठान बंद करवाएं।

बैठक में ये थे मौजूद

बैठक में डॉ. राजकुमार जयपाल, हेमंत भाटी, विजय नागौरा, गोपालदास, छीतरमल टेपण, भरत धौलखेड़िया, चंदनसिंह, पिंटू बोहरा, सुनील केन, द्रौपदी कोली, रेखा पिंगोलिया, डॉ. राकेश सिवासिया, हीरालाल जीनगर, जितेंद्र खेतावत, लक्ष्मीकांत आर्य, ललित कुंपावत, रजत गोरा, कशिश बायला, राधेश्याम जोधावत, याशिर चिश्ती, मुबारक अली चीता, राजीव जयपाल सहित आरक्षित वर्ग के विभिन्न समाजों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

एससी-एसटी एक्ट के मामले में सोमवार को अजमेर बंद को लेकर बैठक।

एससी-एसटी एक्ट के मामले में सोमवार को अजमेर बंद को लेकर बैठक में माैजूद लोग।

अनुसूचित जाति जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम को पुनः प्रभावी बनाया जाए

राजस्थान कांग्रेस प्रदेश कमेटी के पूर्व सचिव ललित भाटी ने राष्ट्रपति को पत्र भेजकर आग्रह किया है कि एससीएसटी एक्ट पर पुनर्विचार याचिका पेश कर इसे पुन: प्रभावी बनाया जाए। उन्होंने बताया कि उच्चतम न्यायालय के एक दुर्भाग्यपूर्ण निर्णय के चलते भारत की 40 करोड़ से अधिक जनसंख्या को जातिवाद से सीधी सुरक्षा देने वाले कवच को कमजोर कर दिया गया है, जिससे भारत के अनुसूचित जाति जनजाति समुदाय में भय एवं आक्रोश व्याप्त है। राष्ट्रीय अपराध ब्यूरो के आंकड़ों पर गौर करें तो अनुसूचित जाति जनजाति के लोग ही सर्वाधिक अपराधों से पीड़ित होते हैं। भारत के बहुसंख्यक-आबादी के इस सुरक्षा कवच का कमजोर होना, व्यक्ति व सामाजिक समरसता के विघटन का बड़ा कारण बनेगा। भाटी ने कहा कि उच्चतम न्यायालय का तर्क कि दलितों एवं आदिवासियों से जुड़े मामलों में सजा दर्ज किए गए प्रकरणों के अनुपात में 25 प्रतिशत ही होती है, इसलिए इसका दुरुपयोग होना मान लेना उचित नहीं है। उन्होंने राष्ट्रपति से अनुरोध किया है कि विषय की गंभीरता को देखते हुए भारत सरकार एवं गृहमंत्री भारत सरकार को उच्चतम न्यायालय में पुनर्विचार याचिका अविलंब दाखिल करने के निर्देश प्रदान करें।

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

More From Ajmer

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×