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कैसे होगा काम : बार-बार बदल रही है कॅजुअल्टी की ड्राइंग

जवाहर लाल नेहरू अस्पताल के आपातकालीन विभाग के रिनोवेशन का काम चल रहा है। 2.24 करोड़ की लागत से बनने वाले...

Danik Bhaskar | Mar 01, 2018, 03:15 AM IST
जवाहर लाल नेहरू अस्पताल के आपातकालीन विभाग के रिनोवेशन का काम चल रहा है।

2.24 करोड़ की लागत से बनने वाले अत्याधुनिक आपातकालीन विभाग को 31 मार्च तक सार्वजनिक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) जेएलएन इकाई को बनाकर देना है। लेकिन पीडब्ल्यूडी अधिकारियों की परेशानी यह है कि अभी तक भी फाइनल ड्राइंग बनकर तैयार नहीं हुई है। हर रोज नए-नए बदलाव के सुझाव सामने आ रहे हैं। सोमवार को भी अस्पताल अधीक्षक डॉ. अनिल जैन ने पीडब्ल्यूडी एईएन गुरू शरण सिंह के साथ निरीक्षण कर कई बदलाव के निर्देश दिए तो सिंह को यह कहना पड़ा कि यदि अब भी ड्राइंग फाइनल नहीं की तो काम समय पर पूरा नहीं हो पाएगा। अस्पताल प्रशासन ने 6 फरवरी को आपातकालीन विभाग खाली कर पीडब्ल्यूडी को सौंप दिया था।

20 दिन से चल रही तोड़-फोड़ बीच कई बार अस्पताल प्रशासन का प्लान बदल गया है। जेएलएन मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ. आरके गोखरू अलग दिशा निर्देश दिए तो अस्पताल अधीक्षक डॉ. अनिल जैन नए निर्देश देने के लिए पहुंच गए। अस्पताल प्रशासन ने भी अपने स्तर पर कई तकनीकी विशेषज्ञों को भी बुलाकर उनके सुझावों को शामिल कर लिया है। ड्राइंग में बार-बार हो रहे बदलाव से पीडब्ल्यूडी अधिकारी भी इस पशोपेश में है कि आखिर बनना क्या है? उन्हें इस बात की चिंता है कि रिनोवेशन का काम 31 मार्च तक पूरा करना है। ऐसा नहीं होने पर बजट लैप्स हो सकता है।

आज से आपातकालीन विभाग का मेनगेट होगा बंद

आपातकालीन विभाग का मुख्यद्वार मंगलवार से बंद हो जाएगा। बजरंगगढ़ से लोहागल जाने वाली रोड स्थित अस्पताल के पीछे का द्वार खोल दिया जाएगा। अब मरीज इसी रास्ते से अस्थाई बनी आपातकालीन विभाग में मरीजों को उपचार के लिए ला सकते हैं।

निर्माण कार्य की क्वालिटी होगी प्रभावित

रिनोवेशन के काम समय पर शुरू नहीं हो पाता है तो निर्माण कार्य की गुणवक्ता पर भी इसका असर देखने को मिलेगा। रात दिन 24 घंटे तीन शिफ्टों में काम को पूरा करने का प्रयास किया जाएगा। ऐसे में काम की गुणवक्ता भी प्रभावित होगी। डॉ. जैन ने फ्रंट गेट को भी चौड़ा करने के निर्देश दिए हैं, साथ ही मुख्यद्वार के सामने सड़क चौड़ा करने के लिए कहा गया है।

फर्श और छत का काम | नए आपातकालीन विभाग में 20 हजार फीट फर्श और छत का काम करना है। अभी तक पुराने ढांचे को तोड़ा ही जा रहा है। 120 गुणा 40 का वार्ड, 18 गुणा 18 का एमओटी, एक-एक 10 गुणा 15 का एक डॉक्टर रूम और एक कमरा, 10 गुणा 12 का प्लास्टर रूम, 10 गुणा 12 का ऑपरेशन थियेटर, 30 गुणा 20 का एक्सरे रूम, 10 गुणा 20 का रिशेप्शन, बाहर की और 18 गुणा 20 का शौचालय बनाना है। इसी प्रकार आपातकालीन आउट डोर भी बनाना है। जहां पर सभी विभागों के क्वीकल बनाए जाएंगे।

इनका कहना है