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ये जोखिमभरे रास्ते हैं शहर के, चलना पड़ेगा संभल-संभल कर...

शहर के व्यस्ततम रास्तों में भी जानलेवा ब्लेक स्पॉट हैं। सावधानी हटते ही इन पाइंट पर दुर्घटना होती हैं। हजारी बाग...

Danik Bhaskar | Mar 01, 2018, 03:15 AM IST
शहर के व्यस्ततम रास्तों में भी जानलेवा ब्लेक स्पॉट हैं। सावधानी हटते ही इन पाइंट पर दुर्घटना होती हैं। हजारी बाग तिराहा, मार्टिंडल ब्रिज, सीआरपीएफ ब्रिज और रीजनल कालेज तिराहा जोखिम भरे ट्रैफिक पाइंट हैं। जिले में पुलिस की ओर से चिन्हित किए गए 52 ब्लैक स्पॉट में शामिल इन जगहों पर हर महीने दस से ज्यादा हादसे होते हैं।

पिछले एक साल में इन जगहों पर सड़क हादसों में पांच लोगों की जान जा चुकी है और कई लोग जख्मी हुए हैं। उल्लेखनीय है कि अजमेर जिले में पिछले दो साल में सड़क हादसों में 1198 लोगों की जान गई हैं। इस साल पुलिस का टारगेट है कि सड़क हादसों में दस फीसदी कमी की जाए। पुलिस ने जो 52 ब्लैक स्पॉट चिन्हित किए हैं, इन जगहों पर कहीं ट्रैफिक इंजीनियरिंग फेल हो रही है, तो कहीं पर लोग ट्रैफिक नियमों की अनदेखी कर हादसों का शिकार हो रहे हैं।

जिले में पिछले दो साल के दौरान सड़क हादसों में 1198 लोगों की जान गई, पुलिस की ओर से चिह्नित किए गए 52 ब्लैक स्पॉट, इन जगहों पर हर महीने दस से ज्यादा हादसे

हजारी बाग तिराहा


लव-कुश तिराहा


मार्टिंडल ब्रिज ट्रैफिक पाइंट


ब्लेक स्पॉट पर होगा सुधार

पुलिस मुख्यालय ने इस साल की पुलिस प्राथमिकताओं में सड़क हादसों में जन हानि का आंकड़ा दस फीसदी कम करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसमें लिए प्रदेश भर में सभी थानों को दस-दस हजार रुपए का बजट आवंटित किया गया है, पुलिस इस बजट का उपयोग घोषित ब्लेक स्पॉट पर लोगों को जागरूक करने के लिए संकेतक बोर्ड, फ्लेक्स और हादसे रोकने के अन्य उपायों पर करेगी। एसपी राजेंद्र सिंह चौधरी के अनुसार सार्वजनिक निर्माण विभाग और सेफ्टी से जुड़ी एजेंसियों के साथ मिलकर ट्रेफिक इंजीनियरिंग को सुधारने के लिए भी कार्रवाई की जा रही है।