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कैज्युअल्टी वार्ड के नवीनीकरण का काम नहीं हुआ पूरा

अजमेर | जवाहर लाल नेहरू अस्पताल के आपातकालीन विभाग के रिनोवेशन का काम पूरा नहीं हुआ है। सार्वजनिक निर्माण विभाग...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 01, 2018, 03:15 AM IST

कैज्युअल्टी वार्ड के नवीनीकरण का काम नहीं हुआ पूरा
अजमेर | जवाहर लाल नेहरू अस्पताल के आपातकालीन विभाग के रिनोवेशन का काम पूरा नहीं हुआ है। सार्वजनिक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) को यह काम 31 मार्च तक पूरा कर अस्पताल प्रबंधन को सौंपना था। अभी तक महज दीवारों पर प्लास्टर, फर्श पर कुछ हिस्सों में टाइलें लगाने का काम और बिजली का काम ही कर पाए हैं। आपातकालीन आउट डोर में तो काम ही शुरू नहीं हो सका है। शेष रहे काम को पूरा करने के लिए अप्रैल माह पूरा लग सकता है। तब तक मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। 2.24 करोड़ की लागत से आपातकालीन विभाग के रिनोवेशन का काम किया जाना है। अस्पताल प्रशासन ने 6 फरवरी को आपातकालीन विभाग खाली कर पीडब्ल्यूडी को सौंप दिया था। 20 दिन तोड़-फोड़ में बीत गए थे। इस बीच अस्पताल प्रशासन का प्लान भी बदल गया था। जिसका नतीजा यह रहा कि पीडब्ल्यूडी अधिकारी यह तय नहीं कर पाए कि काम कहां से शुरू किया जाए। एक सप्ताह और बीत गया। बाद में तो अधिकारियों ने यहां तक कह दिया था कि बार-बार डिजाइन में बदलाव किया गया तो काम किसी भी हालात में समय पर पूरा नहीं हो सकता है। रात दिन तीनों शिफ्टों में अतिरिक्त लेबर लगा काम को पूरा करने का प्रयास भी किया गया लेकिन कई जगहों पर तो नया काम शुरू ही नहीं हो पाया है।

वार्ड में लगा फर्श, नहीं बने शौचालय, कई काम बाकी

वार्ड में दीवारों पर प्लास्टर का काम पूरा हो गया है। फर्श पर नई टाइलें लगाई जा चुकी है। शौचालय का काम अभी अधूरा ही है। यहां पर ना तो शीट लगी है और ना ही सीवर लाइन से जोड़ा गया है। फॉल सिलिंग का काम भी पूरा नहीं हुआ है। डॉक्टर्स ड्यूटी रूम अधूरे पड़े हैं। यहां पर भी अटैच लेट-बाथ तैयार ही नहीं है। माइनर ओटी में फर्श ही लगाया गया है। बिजली का काम चल रहा है। जिस प्रकार से काम को गति दी जा रही है उससे लगता है कि एक माह का समय और लग जाएगा।

ये चल रहा है काम | आपातकालीन विभाग में 20 हजार फीट फर्श और छत का काम किया जा रहा है। 120 गुणा 40 का वार्ड, 18 गुणा 18 का एमओटी, एक-एक 10 गुणा 15 का एक डॉक्टर रूम और एक कमरा, 10 गुणा 12 का प्लास्टर रूम, 10 गुणा 12 का ऑपरेशन थियेटर, 30 गुणा 20 का एक्सरे रूम, 10 गुणा 20 का रिशेप्शन, बाहर की और 18 गुणा 20 का शौचालय बनाना है। इसी प्रकार आपातकालीन आउट डोर भी बनाना है। जहां पर सभी विभागों के क्वीकल बनाए जाएंगे। अभी नई छत बिछाने का आरसीसी का जाल बिछाया जा रहा है।

फाइनल स्टेज पर काम आ गया है। अभी एक माह का काम और बाकी है। ओपीडी के लिए नई छत का जाल बिछाया जा रहा है। एक दो दिन में भर दी जाएगी। ओपीडी निर्माण में 20-25 दिन का समय और लगेगा। शेष रहे काम के लिए 25-30 लाख रुपए की और जरूरत पड़ेगी। हमारे स्तर पर काम रुका नहीं, कई बार ड्राइंग को लेकर देरी हुई और बदलाव भी किए गए इस वजह से समय पर निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सकता। -गुरुशरण सिंह, एईएन पीडब्ल्यूडी जेएलएन ईकाई

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