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102 श्रमिकों के आने से पटरी से उतरी व्यवस्थाएं

खदानों में पत्थर तोड़ते तोड़ते जानलेवा बीमारी सिलिकोसिस से ग्रसित मरीजों को जांच के लिए बुधवार को ब्यावर के...

Dainik Bhaskar

Feb 01, 2018, 03:20 AM IST
खदानों में पत्थर तोड़ते तोड़ते जानलेवा बीमारी सिलिकोसिस से ग्रसित मरीजों को जांच के लिए बुधवार को ब्यावर के राजकीय अमृतकौर अस्पताल में न्यूमोकोनोसिस बोर्ड बैठा।

गत माह डॉक्टरों के सामुहिक अवकाश पर होने के कारण संदिग्धों की जांच नहीं हो सकी। बुधवार को न्यूमोकोसिस बोर्ड में जांच करवाने 102 श्रमिक पहुंच गए। जिनमें से 19 श्रमिकों की ही स्क्रीनिंग हो सकी। जिसमें में 4 श्रमिकों को सिलिकोसिस संदिग्ध माना गया है। हालांकि बुधवार को जानकारी मिलने पर 102 श्रमिक जांच के लिए एकेएच पहुंच गए। लेकिन एक साथ इतने मरीजों के आने से पूरी व्यवस्था गड़बड़ा गई और बाकी श्रमिकों को बिना जांच के लिए लौटना पड़ा। प्रतिमाह के अंतिम बुधवार को आयोजित होने वाले शिविर में 102 में से 30 श्रमिको का जांच के लिए पंजीयन करवाया गया। एक्सरे मशीन की क्षमता प्रतिदिन 60 से 70 एक्स रे की है। लेकिन शिविर में एक साथ 102 श्रमिको तथा रूटीन में आने वाली मरीजो के कारण यह आंकड़ा 200 के पास पहुंच गया। ऐसे में सभी श्रमिको के एक्स-रे करने में रेडियोलोजी विभाग के कर्मचारियो ने असमर्थता जता दी। जिस कारण 80 श्रमिकों के ही एक्सरे किया जा सका। जिनका न्यूमोकोसिस बोर्ड के सदस्यों ने मरीजो की गहनता से जांच की। जिनमे से 4 मरीजो को सिलिकोसिस रोग से संदिग्ध माना है। वहीं नर्सिंग कर्मी श्याम शर्मा ने भी श्रमिकों की जांच की एक्सरे करवाए। श्रमिकों के कल्याण के लिए कार्य करने वाली संस्था जीएसवीएस के ब्यावर केंद्र के डूंगर सिंह, रचना और गजेंद्र, मसूदा केंद्र प्रभारी ममता शर्मा, जवाजा प्रभारी चंचल शर्मा और विकास ने बुधवार को बोर्ड बैठने की सूचना पर ग्रामीण क्षेत्र में सर्वे कर श्रमिकों को जांच के लिए एकेएच पहुंचाया गया।

ब्यावर, मसूदा, जवाजा और रायपुर क्षेत्र में बड़ी संख्या में श्रमिक खनन व्यवसाय से जुडें हजारों की तादाद में श्रमिक है। अजमेर में जांच के लिए श्रमिकों को 1-1 साल का समय दिया जा रहा है। ऐसे में डिस्ट्रिक ट्यूबर क्लोसिस ऑफिसर डॉ. शेखर शर्मा के अनुसार 6 माह तक प्रति सप्ताह शनिवार को कैंप से श्रमिकों को राहत मिलेगी।

महज 19 श्रमिकों की हो सकी स्क्रीनिंग, अब श्रमिकों को दी जाएगी आगाामी तारीख

ब्यावर. एकेएच में जांच के लिए पहुंचे श्रमिक।

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