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15 साल बाद मिली थी इंदिरा गांधी की प्रतिमा, अब साढ़े चार महीने से अनावरण का इंतजार

साढ़े तीन महीने पहले स्टेशन रोड स्थित स्मारक पर स्थापित की गई पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की प्रतिमा को...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 02, 2018, 03:20 AM IST

साढ़े तीन महीने पहले स्टेशन रोड स्थित स्मारक पर स्थापित की गई पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की प्रतिमा को अनावरण का इंतजार का है। 15 साल तक तो मूर्ति लेकर स्थापित करने की मशक्कत चली थी और इस दौरान दो बार प्रदेश में कांग्रेस की सरकार भी रही लेकिन मूर्ति को लेकर कोई ना कोई अड़ंगा लगा रहा। अब जबकि भाजपा शासनकाल में शहर कांग्रेस के प्रयासों से मूर्ति मिल गई व इसे स्मारक पर स्थापित भी कर दिया गया लेकिन कांग्रेसी इसका अनावरण नहीं करवा पा रहे हैं। करीब साढ़े चार महीने गुजर गए है लेकिन अनावरण नहीं हो पा रहा है।

पिछले साल शहर जिला कांग्रेस ने अजमेर विकास प्राधिकरण से पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की प्रतिमा के लिए बड़ी मशक्कत की थी। अजमेर विकास प्राधिकरण को अल्टीमेटम तक दे दिया था कि अगर नवंबर 2017 के पहले सप्ताह तक मूर्ति नहीं मिली तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। कांग्रेसियों की मंशा 19 नवंबर 2017 को इंदिरा गांधी की जयंती पर प्रतिमा स्थापित कर अनावरण की थी। जयंती से पहले आनन-फानन में भारी भरकम मूर्ति को स्थापित भी कर दिया गया। लेकिन इसका अनावरण नहीं हो पाया आैर करीब साढ़े चार महीने से मूर्ति कपड़े से बंधी हुई है।

इनका कहना है

चुनाव आचार संहिता के कारण प्रतिमा का अनावरण नहीं करा पाए थे। अब शीघ्र ही प्रदेशाध्यक्ष सचिन वायलट से समय लेकर अनावरण कार्यक्रम आयोजित कराया जाएगा। -विजय जैन, अध्यक्ष, शहर जिला कांग्रेस

15 साल प्रतिमा का इस तरह गुजरा सफर

डा. श्रीगोपाल बाहेती के यूआईटी अध्यक्ष रहते 2002 में इंदिरा गांधी की प्रतिमा बनी, लेकिन विधानसभा चुनाव आचार संहिता आड़े आ गई।

2003 में कांग्रेस सत्ता से बाहर हो गई। भाजपा राज के पांच साल ऐसे ही बीत गए।

2008 में कांग्रेस फिर सत्ता में लौटी। चार साल किसी ने सुध नहीं ली। 2013 में यूआईटी के तत्कालीन अध्यक्ष नरेन शाहनी भगत ने प्रतिमा स्थापना को लेकर प्रयास शुरू किए।

2013 में प्रतिमा स्थापना का रास्ता साफ हुआ। कांग्रेस अध्यक्ष रहे महेंद्र सिहं रलावता ने प्रतिमा के लिए अपनी ओर से राशि दी। निगम के मेयर कमल बाकोलिया ने प्रतिमा स्थापित करने का प्रस्ताव पारित करवा लिया। लेकिन आचार संहिता फिर आड़े आ गई।

2013 में भाजपा ने कांग्रेस से फिर सत्ता छीन ली। राजनीतिक कारणों से प्रतिमा ठंडे बस्ते में चली गई। इंदिरा गांधी की जन्म शताब्दी के मौके पर भास्कर ने 18 नवंबर 2016 को समाचार प्रकाशित कर सवाल उठाया कि क्या आयरन लेडी की प्रतिमा स्थापित हो पाएगी?

शहर अध्यक्ष पद पर विजय जैन की नियुक्ति के बाद मूर्ति प्राप्त करने के लिए अजमेर विकास प्राधिकरण से फिर पत्राचार शुरू हुआ और आखिर नवंबर 2017 में तो अल्टीमेटम तक दे दिया गया। नतीजा यह हुआ कि एडीए ने कांग्रेसियों को मूर्ति सौंप दी।

कांग्रेसियों ने मूर्ति मिलते ही मोइनिया इस्लामिया स्कूल के बाहर इंदिरा गांधी स्मारक पर मूर्ति स्थापित करने की कवायद शुरू कर दी अौर मूर्ति स्थापित भी हो गई लेकिन जयंती पर अनावरण नहीं हो पाया।

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