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भाई को भी किया था घायल

संपत्ति विवाद को लेकर पिछले दिनों दरगाह थाना क्षेत्र में मां व भाई पर घर में घुसकर जानलेवा हमला करने वाले कलयुगी...

Danik Bhaskar | Apr 02, 2018, 03:20 AM IST
संपत्ति विवाद को लेकर पिछले दिनों दरगाह थाना क्षेत्र में मां व भाई पर घर में घुसकर जानलेवा हमला करने वाले कलयुगी बेटे की गिरफ्तारी नहीं होने से पुलिस की जांच पड़ताल पर सवालिया निशान खड़े हो रहे हैं।

पीड़ित पक्ष ने दरगाह थाना पुलिस पर आरोपी से सांठगांठ का आरोप लगाते हुए जांच अधिकारी बदलने की मांग की है। साथ ही एक भाजपा नेता पर आरोपी को बचाने के लिए पुलिस-प्रशासन पर दबाव बनाने का आरोप लगाया है। पीड़ित पक्ष ने आईजी मालिनी अग्रवाल आैर एसपी राजेंद्र सिंह को लिखित शिकायती पत्र पेश कर न्याय की गुहार लगाई है। दरगाह बाजार निवासी फरहीन चिश्ती ने आईजी व एसपी को दिए पत्र में बताया कि 20 मार्च काे उसके भाई अफराजुद्दीन चिश्ती ने मां सैयदा इरफाना बीवी आैर छोटे भाई सैयद अरबाज चिश्ती पर घर में घुसकर जानलेवा हमला कर दिया था। हमले में मां व छोटा भाई लहूलुहान हो गए, दोनों के सिर व चेहरे पर गंभीर चोटें आई थीं। दरगाह थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी, लेकिन आज दिनांक तक आरोपी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। उलटा परिवादी पक्ष ही थाने व आला कमानों के दफ्तर के चक्कर काटकर परेशान हो रहा है। दरगाह थाना पुलिस यह कहकर डरा रही है कि आरोपी अफराजुद्दीन के ससुर भाजपा नेता हैं, यदि राजीनामा नहीं किया तो संपत्तियों को प्रशासन से सीज करवा देंगे। फरहीन ने यह भी जानकारी दी कि पूरा वाकया सीसीटीवी कैमरे में कैद है, जिसे देखते ही साबित हो रहा है कि हमला सोची समझी साजिश के तहत किया गया था आैर जानलेवा था।

अफराजुद्दीन चिश्ती, आरोपी।

मां पर हमला करने वाला कलयुगी बेटा गिरफ्त से बाहर, थाना पुलिस पर सांठगांठ का आरोप

पीड़ित सैयदा इरफाना बीवी

अरबाजुद्दीन चिश्ती

निगेटिव न्यूज

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जांच बदलने की मांग

फरहीन ने दरगाह थाना पुलिस पर सांठगांठ आैर राजनैतिक दबाव के चलते अपनी मां व छोटे भाई पर हुए इस हमले की जांच अधिकारी बदलने की मांग की है। उसका कहना है कि पुलिस ने जानबूझकर कमजोर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है आैर जांच भी एक हैड कांस्टेबल स्तर के पुलिसकर्मी को सौंप दी गई। जबकि महिला पर जानलेवा हमले की जांच एसआई स्तर के अधिकारी द्वारा करवाई जानी चाहिए। रिकार्डिंग देख साफ स्पष्ट होता है कि मामला जानलेवा हमले की धाराओं का बनता है। फरहीन का कहना है कि नये सिरे से मामले की जांच होनी चाहिए।