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आपको बजरी मिल जाएगी, वो हमारी रिस्क है, रात में फोन करूंगा, बता देना कहां डालनी है...

आपको बजरी चाहिए, मिल जाएगी...लेकिन आपकी अपनी रिस्क पर। सुप्रीम कोर्ट की रोक है तो भी कोई बात नहीं, आपकी चाही गई जगह पर...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 02, 2018, 03:20 AM IST

आपको बजरी मिल जाएगी, वो हमारी रिस्क है, रात में फोन करूंगा, बता देना कहां डालनी है...
आपको बजरी चाहिए, मिल जाएगी...लेकिन आपकी अपनी रिस्क पर। सुप्रीम कोर्ट की रोक है तो भी कोई बात नहीं, आपकी चाही गई जगह पर रात में बजरी का डंपर खाली होगा। सुप्रीम कोर्ट की बजरी खनन पर रोक के बाद अवैध खनन करने वाले कुछ लोग कुछ इसी तरह शहर में अवैध रूप से बजरी पहुंचा रहे हैं। रात के अंधेरे में डंपर आते हैं और बुकिंग करवाने वाले की बताई गई जगह पर खाली कर जाते हैं। कुछ लोग शहर में बैठे-बैठे ही बजरी बेचने का व्यवसाय कर रहे हैं। ये लोग खाली प्लॉट्स पर रात में डंपर से बजरी खाली करवाते हैं और दिनभर ट्रैक्टरों के जरिए शहर में सप्लाई करते हैं। शहर में रीजनल कॉलेज तिराहा, खरखेड़ी और माकड़वाली गांव होते हुए बजरी के डंपर पहुंच रहे हैं। ताज्जुब की बात यह है कि रातभर पुलिस की गश्त और जगह-जगह प्वाइंट पर पुलिस जवानों की तैनातगी के बाद भी ये डंपर शहर में पहुंच कैसे रहे हैं। हालात यह हैं कि बजरी से भरे कई डंपर तो दिन में भी शहर के कुछ हिस्सों में छिपे रहते हैं, जो अंधेरा होने के साथ ही बजरी खाली करने के लिए रवाना हो जाते हैं।

खनन विभाग ने कुछ ब्लॉक को दे रखी है मंजूरी

खनन विभाग के अनुसार नागौर और गोटन में जो खातेधारी भूमि है, उस जगह से बजरी का खनन किया जा सकता है। वहां से जो बजरी आ रही है उनको खनन विभाग बिल्टी दे रहा है। विभाग ने कुल 14 ब्लॉक को मंजूरी दे रखी है। अजमेर जिले से सटे नागौर जिले के गांव आलनियावास में खनन विभाग ने कुछ क्षेत्र बजरी खनन के लिए लीज पर दे रखा है, कुछ डंपर यहां से वैध रूप से पहुंच रहे हैं, लेकिन उसी बिल्टी पर शहर के गगवाना, छातड़ी, नरवर सहित आसपास के क्षेत्रों से कई बार बजरी के नाम पर बूढ़ा मिट्टी शहर में धड़ल्ले से सप्लाई की जा रही है।

मार्च माह में नहीं हुई कोई भी कार्रवाई

गौर करने वाली बात यह है कि खनन विभाग ने मार्च महीने में किसी भी प्रकार की कोई कार्रवाई की ही नहीं, जिसका फायदा खनन माफियाओं ने भी जमकर उठाया। विभाग के जो आंकड़े हैं, उसके अनुसार मार्च में किसी भी प्रकार की कोई कार्रवाई विभाग ने नहीं की है। हालांकि इस राजस्व साल में विभाग को पिछले साल की तुलना में अधिक कमाई हुई है। उसका एक कारण अवैध खनन में बढ़ोतरी भी हो सकता है।

डंपर बन रहे मौत का कारण

एक ही बिल्टी पर कई बार बजरी उठाने और बेचने की होड़ में डंपर चालक तेज गति से वाहन चलाकर दुर्घटनाओं का कारण बन रहे हैं। रात 10 बजे से लेकर सुबह 7 बजे तक ये डंपर पूरी स्पीड पर दौड़ते हैं।

बजरी के दाम में बेच रहे हैं मिट्टी

शहर में कई जगह बजरी की जगह बूढ़ा मिट्टी बेची जा रही है। उस मिट्टी के भी बजरी जितने दाम ही वसूले जा रहे हैं। कई जगह बजरी और मिट्टी में मिलावट करके बेच रहे हैं। कई लोग बजरी की पहचान नहीं कर पाते और मिलावट की हुई बजरी ले जाते हैं। वर्तमान में एक डंपर के 10 हजार रुपए तक लिए जा रहे हैं, वहीं बजरी की एक ट्रैक्‍टर ट्रॉली करीब 1800 रुपए तक में बिक रही है।

खनन विभाग के अनुसार नागौर और गोटन में जो खातेधारी भूमि है, उस जगह से बजरी का खनन किया जा सकता है। वहां से जो बजरी आ रही है उनको खनन विभाग बिल्टी दे रहा है। विभाग ने कुल 14 ब्लॉक को मंजूरी दे रखी है। अजमेर जिले से सटे नागौर जिले के गांव आलनियावास में खनन विभाग ने कुछ क्षेत्र बजरी खनन के लिए लीज पर दे रखा है, कुछ डंपर यहां से वैध रूप से पहुंच रहे हैं, लेकिन उसी बिल्टी पर शहर के गगवाना, छातड़ी, नरवर सहित आसपास के क्षेत्रों से कई बार बजरी के नाम पर बूढ़ा मिट्टी शहर में धड़ल्ले से सप्लाई की जा रही है।

मार्च माह में नहीं हुई कोई भी कार्रवाई

गौर करने वाली बात यह है कि खनन विभाग ने मार्च महीने में किसी भी प्रकार की कोई कार्रवाई की ही नहीं, जिसका फायदा खनन माफियाओं ने भी जमकर उठाया। विभाग के जो आंकड़े हैं, उसके अनुसार मार्च में किसी भी प्रकार की कोई कार्रवाई विभाग ने नहीं की है। हालांकि इस राजस्व साल में विभाग को पिछले साल की तुलना में अधिक कमाई हुई है। उसका एक कारण अवैध खनन में बढ़ोतरी भी हो सकता है।

डंपर बन रहे मौत का कारण

एक ही बिल्टी पर कई बार बजरी उठाने और बेचने की होड़ में डंपर चालक तेज गति से वाहन चलाकर दुर्घटनाओं का कारण बन रहे हैं। रात 10 बजे से लेकर सुबह 7 बजे तक ये डंपर पूरी स्पीड पर दौड़ते हैं।

बजरी के दाम में बेच रहे हैं मिट्टी

शहर में कई जगह बजरी की जगह बूढ़ा मिट्टी बेची जा रही है। उस मिट्टी के भी बजरी जितने दाम ही वसूले जा रहे हैं। कई जगह बजरी और मिट्टी में मिलावट करके बेच रहे हैं। कई लोग बजरी की पहचान नहीं कर पाते और मिलावट की हुई बजरी ले जाते हैं। वर्तमान में एक डंपर के 10 हजार रुपए तक लिए जा रहे हैं, वहीं बजरी की एक ट्रैक्‍टर ट्रॉली करीब 1800 रुपए तक में बिक रही है।

इस तरह कर रहे बजरी का अवैध व्यापार

केस-1

रिपोर्टर : भाईसाहब बजरी चाहिए..।

माफिया : मिल जाएगी।

रिपोर्टर : कब डालोगे?

माफिया : सुबह (तड़के) 3 बजे।

रिपोर्टर : कितने का डंपर है?

माफिया : 8000 का है।

रिपोर्टर : सुप्रीम कोर्ट की रोक लगी हुई है, कोई दिक्कत तो नहीं आएगी?

माफिया : हम तो डाल के निकल जाएंगे, आगे आपकी दिक्कत है।

रिपोर्टर : बिल्टी मिल जाएगी क्या?

माफिया : बिल्टी नहीं दे सकता।

बजरी का अवैध खनन, रात में पहुंच रहे हैं डंपर

खाली प्लॉट्स पर बने बजरी के गोदाम, यहां से ट्रैक्टर के जरिए पूरे शहर में हो रही सप्लाई

केस-2

रिपोर्टर : हैलो, भैया बजरी चाहिए...।

माफिया : मिल जाएगी, 10,000 का डंपर है।

रिपोर्टर : कब खाली करोगे?

माफिया : रात को।

रिपोर्टर : बिल्टी चाहिए।

माफिया : क्या करोगे बिल्टी का ?

सरकारी काम करवाने हैं क्या आपको?

रिपोर्टर : सुप्रीम कोर्ट की रोक लगी है इसलिए चाहिए।

माफिया : आप को बजरी मिल जाएगी वो हमारी रिस्क है, आपकी नहीं।

रात को फोन करुंगा, जगह बता देना कहां डालनी है।

रिपोर्टर : ठीक है।

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