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भगवंत विश्वविद्यालय में अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों को भावपूर्ण विदाई दी

Ajmer News - अजमेर| भगवंत विश्वविद्यालय के प्रागंण में बीटेक बीएससी कृषि एवं अन्य कोर्सेज के अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों को...

Dainik Bhaskar

Apr 02, 2018, 03:20 AM IST
भगवंत विश्वविद्यालय में अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों को भावपूर्ण विदाई दी
अजमेर| भगवंत विश्वविद्यालय के प्रागंण में बीटेक बीएससी कृषि एवं अन्य कोर्सेज के अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों को स्नेह एवं भावपूर्ण मन से विदाई दी गई। कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि प्रो. भागीरथ चौधरी कुलपति एवं विशिष्ट अतिथि कर्नल अजय दाधीच टेरिटोरियल आर्मी नई दिल्ली के स्वागत से हुई।विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. वीके शर्मा ने मुख्य अतिथि के साथ दीप प्रज्जवलन किया। इसके बाद राजश्री ने स्वागत नृत्य प्रस्तुत किया। नेपाली विद्यार्थियों ने नेपाली नृत्य प्रस्तुत किया गया। तेरे जैसा यार कहां...अमित झा एवं फजल ने गाया गया। अन्य विद्यार्थियों का प्रदर्शन की सराहना की गई। फैशन शो राउण्ड-2 आयोजित किया गया। जिसमें प्रतिभागियों से विभिन्न प्रश्न पूछकर उनके मानसिक स्तर को परखा गया। अंतिम कड़ी में फाइनल इयर के विद्यार्थियों ने पूरे विश्वविद्यालय परिवार शिक्षकों का हृदय से आभार व्यक्त कर धन्यवाद ज्ञापित किया। अतिथियों ने संबोधन में विश्वविद्यालय के अनुशासन, सुंदर व्यवस्था, स्वच्छता की प्रशंसा की और विद्यार्थियों को पुरस्कार एवं प्रमाण पत्र प्रदान किए। विश्वविद्यालय के चेयरमैन डाॅ. अनिल सिंह एवं डाॅ. आशा सिंह ने अपने संदेश में उर्त्तीण होकर नौकरी पर जाने वाले विद्यार्थियों को देश और समाज के लिए बढ़चढ़ कर भाग लेने के लिए प्रेरित किया।

विश्व ऑटिज्म दिवस पर गर्ग हियरिंग सेंटर द्वारा निशुल्क साप्ताहिक शिविर

अजमेर| वैशाली नगर स्थित गर्ग हियरिंग सेंटर पर सोमवार को विश्व ऑटिज्म दिवस पर ऑटिज्म से ग्रसित विशेष बच्चों के लिए निशुल्क साप्ताहिक शिविर आयोजित किया जा रहा है। यहां के ऑडियोलॉजिस्ट वह स्पीच लैंग्वेज पैथोलॉजिस्ट डॉक्टर नमन गर्ग ने बताया कि आज के युग में बीमारियां जिसमें ऑटिज्म अर्थात ऐसे बच्चे जिनको अन्य सामान लोगों से बात करने में भाषा की दिक्कत, व्यक्तिगत संपर्क, हाथ मिलाना, आंख नहीं मिल पाना आदि लक्षण पाए जाते हैं जो की गणना में 160 में से 1 बच्चे में यह लक्षण पाए जाते हैं इन अंशों में सुधार करने का उपाय भी किया जा सकता है। जिसका इलाज स्पीच लैंग्वेज थैरेपिस्ट द्वारा थेरेपी लेकर ठीक किया जा सकता है। ऑटिज्म दिवस पर जागरूकता लाने के लिए लोगों को नीला वस्त्र अथवा नीला रंग का रिबन लगाकर इन विशेष बच्चों के उपचार में सहयोग कर उत्साहित करने में अपना सहयोग प्रदान करें।

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