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नहीं थम रहा पहाड़ी क्षेत्र में आग लगने का सिलसिला, फिर सुलगी मदार की पहाड़ियां

अजमेर | महुआ बीड़ के बाद मदार की पहाड़ियों की सूखी घास व अन्य वनस्पति में आग लगने की जांच पूरी भी नहीं हुई थी कि एक बार...

Danik Bhaskar | Mar 04, 2018, 07:10 AM IST
अजमेर | महुआ बीड़ के बाद मदार की पहाड़ियों की सूखी घास व अन्य वनस्पति में आग लगने की जांच पूरी भी नहीं हुई थी कि एक बार फिर शनिवार को मदार की पहाड़ियों में दुबारा आग लग गई। इससे पहले तारागढ़ की पहाड़ियां सुलगने के मामले कई बार सामने आ चुके हैं। हर बार यह कहकर कि किसी चरवाहा ने सुलगती बीड़ी फेंकी होगी या शरारती तत्वों की करतूत है, लेकिन इसका कोई ठोस प्रमाण सामने नहीं आता। वन विभाग, दमकल विभाग आैर पुलिस जांच करते हैं, लेकिन नतीजा सिफर रहता है। तालमेल के अभाव में पूरे घटनाक्रम पर लीपापोती हो जाती है। शरारती तत्वों की करतूत मानकर फाइल को दफ्तर दाखिल कर दिया जाता है। पिछले एक सप्ताह में तीसरी बार पहाड़ी क्षेत्र में आग लगी है।

गहन पड़ताल का विषय

कौन लगा रहा है पहाड़ी जंगलों में आग? | तारागढ़ की पहाड़ियों में सूखी घास में पूर्व में कई बार आग लग चुकी है। इन दिनों महुआ बीड़ के बाद मदार की पहाडिय़ों में आग लग गई थी। शनिवार को भी मदार की पहाड़ियां सुलग उठीं। अब तक एक भी मामले में यह स्पष्ट नहीं हो सका कि यह आग आखिर कौन लगा रहा है, आैर इसके पीछे मकसद क्या है। इस बारे में वन विभाग के साथ संबंधित थानों की पुलिस व दमकल विभाग यह जानकारी जुटा रहे हैं।

ड्रोन आैर सीसी टीवी कैमरों से रखी जाती है निगरानी | अन्य राज्यों में वन संपदा की निगरानी के लिए संबंधित विभागों द्वारा ड्रोन कैमरा आैर सीसी टीवी कैमरों का इस्तेमाल किया जाता है। इनकी मदद से समय रहते किसी भी तरह के नुकसान की जानकारी विभाग को मिल जाती है। पहाड़ी क्षेत्र में आगजनी हो या वनों की कटाई, इन पर निगरानी के लिए यह व्यवस्था नहीं है। कुछ क्षेत्रों को छोड़कर कहीं भी सीसी टीवी कैमरे नहीं हैं।

इन पर है शक की सुई भूमाफिया या अवैध खननकर्ता | पहाड़ी क्षेत्र में आग कौन लगा रहा है, आैर क्यों आग लगाई जा रही है? इन सवालों का जबाव अब तक संबंधित विभागों के पास नहीं है। अब तक की जांच में भूमाफियाओं आैर अवैध खननकर्ताओं पर शक की सुई गई है। जिन पहाड़ों में आग लगी है, वहां आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों में चर्चा है कि पहाड़ी क्षेत्र से जंगल खत्म कर भूमाफिया कोई षड़यंत्र तो नहीं कर रहे या फिर अवैध खननकर्ताओं की कोई साजिश तो नहीं है। इस दिशा में भी जांच की जानी चाहिए।