--Advertisement--

आयकर विभाग ने अजमेर में अटैच की 20 बीघा बेनामी भूमि; यूपी के बुलंदशहर के एक मजदूर के नाम से खरीदी गई करोड़ों रुपए की भूमि

अब असली मालिक का पता लगाने का प्रयास कर रहा आयकर विभाग

Danik Bhaskar | Aug 22, 2018, 06:54 AM IST

जयपुर. आयकर विभाग ने मंगलवार को बेनामी संपत्ति एक्ट में अजमेर में पहली बड़ी कार्रवाई करते हुए चाचियावास गांव की सरहद में भगवंत यूनिवर्सिटी के सामने स्थित कुल बीस खसरों की कुल 20 बीघा 16 बिस्वा जमीन को बेनामी प्रॉपर्टी मानते हुए अटैच किया है।


आयकर विभाग की बेनामी निषेध यूनिट को यह जानकारी प्राप्त मिली थी कि यह जमीन वर्ष 2006 में सात अलग अलग रजिस्टर्ड विक्रय पत्रों के माध्यम से यूपी के बुलंदशहर निवासी किसी राधे के नाम से खरीदी गई थी और समस्त भुगतान नगद में किया गया था। जबकि राधे की आर्थिक स्थिति ऐसी जमीन खरीदने लायक नहीं थी। बाद में वर्ष 2007 में इन जमीनों के नामांतरण भी राधे के नाम से खोल दिए गए। आयकर विभाग ने राधे की खोज शुरू की जोकि उत्तर प्रदेश में बुलंदशहर में एक दुकान पर मेहनत मजदूरी करता पाया गया। जांच के दौरान आयकर विभाग को राधे की आर्थिक हालत भी ऐसी बेशकीमती जमीनों को खरीदने लायक नहीं मिली और यह अप्रत्याशित तथ्य भी सामने आया कि राधे उक्त जमीनों की रजिस्ट्री करवाने 2006 में अजमेर आया ही नहीं था। उसने कभी यह जमीन अपने जीवन में देखी ही नहीं थी। जांच के बाद आयकर विभाग की बेनामी निषेध यूनिट ने इन जमीनों को प्रथम दृष्टया बेनामी प्रॉपर्टी मानते हुए इन्हें अंतरिम रूप से अटैच कर दिया है ताकि इन जमीनों का असली मालिक इन्हें खुर्द बुर्द नहीं कर सके। अब आयकर विभाग असली मालिक का पता लगाने का प्रयास कर रहा है।