कोर्ट / एसीबी की खामियों से आईपीएस अजय व एसआई प्रेम सिंह रिश्वत मामले में बरी

Dainik Bhaskar

Oct 13, 2018, 02:10 AM IST



अजय सिंह। अजय सिंह।
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अजय सिंह।अजय सिंह।

  • 6 साल पुराने मामले में आया फैसला
  • डराने-धमकाने का भी आरोप था

अजमेर. अजमेर में रिश्वतखोरी और डराने-धमकाने के मामले में आरोपी आईपीएस अजय सिंह और एसआई प्रेमसिंह को शुक्रवार को विशेष अदालत ने बरी कर दिया। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो और अभियोजन की ओर से इस मामले में छोड़ी गई खामियों का सीधा फायदा आरोपियों को मिला।

 

मामला करीब 6 साल पुराना था और उस समय अजय सिंह अजमेर में एएसपी और प्रेम सिंह रामगंज थाने में एएसआई थे। अब अजय सिंह करौली में एसपी हैं, जबकि प्रेम सिंह भीलवाड़ा में एसआई हैं। प्रेमसिंह को एसीबी ने 21 जून 2012 को एक लाख रुपए लेते पकड़ा था। इस मामले में खुद शिकायतकर्ता मजिस्ट्रेट को दिए गए बयान से अदालत में मुकर गया। अब परिवादी को झूठे साक्ष्य देने के आरोप में कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।

 

ये खामियां छोड़ी गईं

  • अजय सिंह पर जिन धाराओं में केस बन रहा था, उनमें अभियोजन स्वीकृति नहीं मांगकर ऐसी धाराओं में स्वीकृति मांगी, जिनमें प्रथम दृष्टया कोई साक्ष्य ही नहीं था। इससे सिर्फ धारा 384 व 120 बी में आरोप तय हुए।
  • एसीबी व अभियोजन ने बाद में गलती सुधारने की कोशिश की और अदालत में अर्जी देकर कहा- टाइपिंग की गलती से अभियोजन स्वीकृति की अनुशंसा में गलत धाराएं टाइप हो गई थीं। अदालत ने मांग नामंजूर कर दी।
  • प्रेम सिंह को रंगे हाथ पकड़ा। लेकिन अभियोजन पक्ष यह साबित करने में नाकाम रहा कि रिश्वत की रकम जिस कार में रखी थी, वह प्रेम सिंह की थी या नहीं। कार की चाबी ही जब्त नहीं हुई।
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