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प्राइवेट स्कूल के शिक्षक नहीं बन पाएंगे सरकारी स्कूलों के प्रधानाध्यापक!

राजस्थान लोक सेवा आयोग द्वारा माध्यमिक शिक्षा विभाग के लिए प्रधानाध्यापक भर्ती किए जाने हैं। लेकिन इस भर्ती में...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 01, 2018, 03:15 AM IST

राजस्थान लोक सेवा आयोग द्वारा माध्यमिक शिक्षा विभाग के लिए प्रधानाध्यापक भर्ती किए जाने हैं। लेकिन इस भर्ती में अनुभव प्रमाण पत्र की बाध्यता प्राइवेट स्कूल के शिक्षकों के लिए बड़ी बाधा बन गई है। प्राइवेट स्कूल संचालक अनुभव प्रमाण पत्र तो दे रहे हैं, लेकिन जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा इस प्रमाण पत्र को प्रतिहस्ताक्षरित के लिए मांगे जा रहे दस्तावेज नहीं दिए जाने का मामला प्रकाश में आया है। ऐसे में प्रदेश के सैकड़ों अभ्यर्थी इस परीक्षा में प्रविष्ट होने से वंचित होते नजर आ रहे हैं।

मामले की गंभीरता को देखते हुए प्राइवेट स्कूल के अभ्यर्थियों ने जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक प्रथम को भी एक पत्र लिख कर इस मामले में शिथिलता का आग्रह किया गया है। माध्यमिक शिक्षा विभाग में प्रधानाध्यापकों के 1200 पदों के लिए आयोग भर्ती परीक्षा आयोजित करेगा। आयोग ने इन पदों के लिए 9 अप्रेल से आॅन लाइन आवेदन शुरू किए हैं और 8 मई 2018 तक आवेदन किए जा सकेंगे। अब आवेदन के लिए समय कम रह गया है और प्राइवेट स्कूल के शिक्षकों के लिए परेशानी बढ़ती जा रही है। इन अभ्यर्थियों का कहना है कि जो दस्तावेज जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा प्रतिहस्ताक्षर के लिए मांगे जा रहे हैं, उन्हें जुटाना उनके बूते से बाहर है।

जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक प्रथम का यह है फरमान

जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक प्रथम ने अपने कार्यालय के नोटिस बोर्ड पर एक आदेश चस्पा कर रखा है। इसमें लिखा है कि निजी विद्यालयों में कार्यरत कर्मचारियों के अनुभव प्रमाण पत्र पर जिला शिक्षा अधिकारी के प्रति हस्ताक्षर करने के पूर्व इन बिंदुओं की पालना सुनिश्चित कराएं एवं प्रतिहस्ताक्षर के समय निम्नानुसार रिकार्ड़ कार्यालय में प्रस्तुत कराएं, इस रिकॉर्ड की जांच, जांच दल द्वारा किए जाने के पश्चात प्रतिहस्ताक्षर किया जाना संभव होगा।

अध्यापक प्रार्थी का अनुदानित, मान्यता प्राप्त शिक्षण संस्थान में नियुक्ति के लिए आवंटित किए जाने वाले विज्ञापन की प्रति।

प्रार्थी के शिक्षण संस्थान में नियुक्ति आदेश की प्रति।

शिक्षण संस्थान के उपस्थिति रजिस्टर जिसमें प्रार्थी के हस्ताक्षर हों।

जिस कक्षा में अध्यापन कराया गया हो, उसका परीक्षा परिणाम।

रोकड़ बही जिसमें प्रार्थी को भुगतान किए गए मासिक वेतन का इंद्राज हो।

वेतन भुगतान रजिस्टर की प्रति। प्रार्थी एवं संस्था द्वारा अनुभव सही होने का शपथ पत्र।

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