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प्लाट काटकर बेचे और विकास नहीं करवाया, अब ऐसे प्राइवेट डवलपर्स के खिलाफ होगी कार्रवाई

प्राइवेट कॉलोनी बनाकर उसमें विकास कार्य नहीं करवाने वाले प्राइवेट डवलपर्स के रिजर्व रखे गए प्लाट अब जब्त कर लिए...

Danik Bhaskar | May 01, 2018, 03:15 AM IST
प्राइवेट कॉलोनी बनाकर उसमें विकास कार्य नहीं करवाने वाले प्राइवेट डवलपर्स के रिजर्व रखे गए प्लाट अब जब्त कर लिए जाएंगे। इन प्लाट को नीलाम कर उससे मिलने वाली रकम से उस कॉलोनी का विकास करवाया जाएगा। अजमेर विकास प्राधिकरण की सोमवार को हुई बोर्ड बैठक में इस प्रस्ताव पर मुहर लगाते हुए यह तय किया है कि पहले चरण में ऐसे निजी डवलपर्स को नोटिस जारी कर आगाह किया जाएगा। इसके बावजूद विकास कार्य नहीं होने पर रिजर्व प्लाट नीलाम कर दिए जाएंगे।

प्राइवेट कॉलोनियों की बदहाली को लेकर लगातार आ रही शिकायतों के बाद एडीए अध्यक्ष शिव शंकर हेड़ा ने पिछले दिनों अफसरों को आदेश दिया है कि ऐसी कॉलोनियों का साल 2000 से अब तक के रिकार्ड की पड़ताल कर जोन वाइज रिपोर्ट उनके समक्ष पेश की थी। शुरूआती जांच में एेसी 19 कॉलोनी चिन्हित हुई है। इसमें से 17 को लेकर तो यह स्पष्ट हो गया है कि उनके द्वारा प्लाट काटकर बेच दिए गए हैं और विकास के नाम पर कुछ नहीं किया। सोमवार को बोर्ड बैठक में इनके खिलाफ कार्रवाई का निर्णय किया गया है। प्राइवेट कॉलोनाइजर्स सस्ती जमीन खरीदकर उस पर प्लाटिंग करते हैं। एडीए के जरिये ले आउट पास करवा लिया जाता है और इस ले आउट प्लान के आधार पर अप्रूव्ड कॉलोनी बताकर प्लॉट भी धड़ाधड़ बिक जाते हैं। एडीए सहित नगर निगम, हाउसिंग बोर्ड आदि सरकारी एजेंसियों की कॉलोनियों में नीलामी दर काफी ज्यादा होती है और आम आदमी के लिए ऐसी कॉलोनियों में प्लाट खरीदना मुश्किल हाेता है। इसी का फायदा उठाते हुए यह प्राइवेट कॉलोनाइजर्स एडीए अप्रूव्ड कॉलोनी बताते हुए आसपास की योजनाओं की नीलामी दर से कम दर पर अपने प्लॉट बेच देते हैं लेकिन कॉलोनी में ना तो सड़कें बनाई जाती है और ना ही पानी-बिजली और पार्क जैसी मूलभूत सुविधाएं होती है। प्राइवेट कॉलोनाइजर के साढ़े बारह प्रतिशत प्लाट रिजर्व रख लिए जाते हैं और उन्हें तभी रिलीज किया जाता है जब कॉलोनी में विकास कार्य पूरे हो जाते हैं। इस नियम को लेकर पहली बार हेड़ा की पहल पर सख्ती हुई है जिससे आमजन को फायदा होगा।

बैठक में इन मुद्दों पर भी हुई चर्चा

कनवेंशन सेंटर बनाने पर सहमति :
कोटड़ा स्थित विवेकानंद स्मारक के पास ढाई हैक्टेयर जमीन पर कनवेंशन सेंटर बनाने के प्रस्ताव पर एडीए की बोर्ड बैठक में मुहर लगाई गई है। कनवेंशन सेंटर की प्लानिंग व डिजाइन अहमदाबाद की एक फर्म से करवाई जा रही है। कनवेंशन सेंटर बनाने में मोटी रकम खर्च होगी इसलिए इसे पीपीपी मोड पर बनाने का निर्णय कर अनुमोदन के लिए सरकार को भिजवाया जाएगा।

स्पोर्ट्स हब विकसित होगा : हरिभाऊ उपाध्याय नगर में दूरदर्शन की भूमि के पास लगभग 10 एकड़ जमीन पर स्पोर्टस हब विकसित किया जाएगा। इसे अंतरराष्ट्रीय मानकों के तहत तैयार किया जाएगा इसलिए यह निर्णय हुआ है कि पीपीपी मोड पर ही विकसित किया जाए। इसमें स्पोटर्स ग्राउंड के साथ ही इंडोर स्टेडियम, क्लब हाउस, टीमों एवं प्रबंधन के ठहरने के लिए कमरे, शापिंग कॉम्पलैक्स सहित अन्य सुविधाएं होगी। इसके अनुमोदन के लिए प्रकरण सरकार को भेजा जाएगा।

खान विभाग का एनओसी से इंकार : खनिज अभियंता और भू विज्ञान विभाग की ओर से ग्राम खोड़ा बुबानी के खसरा नंबर 1147 एवं ग्राम पालरा में करीब सौ हैक्टेयर क्षेत्र में खनन के लिए अनापत्ति मांगी गई थी। लेकिन एडीए ने देने से इंकार कर दिया है।

आरपीएससी कॉलोनी में बनेगा पार्क : वैशाली नगर के पास स्थित आरपीएससी कॉलोनी में पार्क को लेकर स्थानीय नागरिकों की ओर से हाईकोर्ट में लंबित याचिका सहित अन्य मुद्दों पर विचार किया गया। यह तय हुआ है कि एडीए के 12 प्लाट में से छह पर पार्क विकसित किया जाएगा वहीं बाकी छह प्लाट एडीए नीलामी में बेच सकता है। इससे पहले हाईकोर्ट से प्रकरण का निस्तारण करवाया जाएगा।

हर साल मनाई जाएगी महाराणा प्रताप जयंती

एडीए की अोर से हर साल महाराणा प्रताप स्मारक पर महाराणा प्रताप जयंती मनाई जाएगी। इसके लिए एक कमेटी का गठन किया गया है। हर साल आयोजन पर 10 लाख रुपए एडीए खर्च करेगा।

चिश्ती चमन सराय के दुकानदारों से लेंगे किराया : स्टेशन रोड के सामने स्थित चिश्ती चमन सराय के नाम से मशहूर संपत्ति पर यूं तो दरगाह कमेटी मालिकाना हक जताती रही है और किरायेदार भी कमेटी को ही किराया देते रहे हैं। लेकिन कुछ साल पहले इस संपत्ति से जुड़ी जमीन एडीए को हस्तांतरित हो गई थी। राजस्व रिकार्ड में एडीए इस जमीन का मालिक है। ऐसे में अब यह तय किया गया है कि जमीन पर बनी दुकानों के दुकानदारों को नोटिस जारी कर किराया एडीए को दिए जाने की सूचना दी जाएगी। अगर दुकानदार एडीए को किराया नहीं देते हैं तो उनको बेदखल करने की कार्रवाई की जाएगी। देखा जाए तो दरगाह कमेटी और एडीए के संपत्ति पर मालिकाना हक जताने से दुकानदारों को फायदा होगा क्योंकि कमेटी संपत्ति अंतरण अधिनियम के तहत कोर्ट में दावे कर दुकानें खाली करवा चुकी है।

डवलपर को मिलेगी राहत : मैसर्स आदर्श इंफ्रा मैक्स डवलपर्स द्वारा बनाए जा रहे प्रोजेक्ट में सरकारी भूमि का कुछ हिस्सा आने के मामले में तय किया गया है कि दस प्रतिशत तक जमीन पर एडीए की कमेटी निर्णय करेगी।

तेलंगाना के लिए गेस्ट हाउस : तेलंगाना सरकार को गेस्ट हाउस के लिए काेटड़ा में जमीन आवंटित करने का निर्णय किया गया है। पिछले दिनों हैदराबाद में राजस्थान हाउस के लिए मुख्यमंत्री ने जमीन आवंटन की चर्चा की थी इसके साथ ही तेलंगाना सरकार ने अजमेर में जमीन चाही थी।एडीए अफसरों के लिए नई व आधुनिक तीन लग्जरी कारें खरीदने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है।

संस्था का जमीन आवंटन नियमित होगा : श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ को बाल कृष्ण कौल योजना में आवंटित जमीन का आवंटन निर्धारित समयावधि में निर्माण नहीं होने से निरस्त कर दिया था। इसके बहाल किया गया है। अवाप्त की जाने वाली जमीनों के बदले में दिए जाने वाले विकसित भूखंडों की लीज मनी को लेकर निकायों व किसानों के बीच विवाद रहता आया है। किसान अपनी ही जमीन के बदले लीज मनी नहीं देना चाहते हैं।