राम वनवास का प्रसंग सुन भाव विभोर हुए भक्त / राम वनवास का प्रसंग सुन भाव विभोर हुए भक्त

Bhaskar News Network

Dec 09, 2018, 04:45 AM IST

Ajmer News - रामसखा आश्रम में चल रही रामकथा के पांचवे दिन भगवान राम के वनवास की कथा सुन कर भक्त भाव विभोर हो गए तथा उनकी आंखें...

Pushkar News - listen to the context of ram exile
रामसखा आश्रम में चल रही रामकथा के पांचवे दिन भगवान राम के वनवास की कथा सुन कर भक्त भाव विभोर हो गए तथा उनकी आंखें छलक उठी। कथावाचक महंत नंदराम शरण महाराज ने कहा कि हर बुजुर्ग व्यक्ति को जिनके बाल सफेद होने लगे तो उसको अपना कार्यभार सौंप देना चाहिए। राजा दशरथ ने भी अपने बाल सफेद होते देख भगवान राम को राजगद्दी देने का फैसला किया था। बाल काले कराकर काले कारनामे करने वालों पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने बताया कि दशरथ ने राम को गद्दी देने की योजना बनाई, मगर मंथरा की राय से कैकेयी ने राम को वनवास कर दिया। मंथरा लोभ का प्रतीक है और कैकेयी क्रिया की प्रतीक है। क्रिया जब लोभ की राय लेती है तो राम का वनवास कर देती है।

खुशियां परिवार को तोड़ देती है और दुख परिवार को एक कर देता है। मगर संत को खुशियों व दुख से कोई फर्क नहीं पड़ता। उन्होंने कहा कि रामराज के लिए चार मत साधू मत, लोक मत, राजनीतिक मत और सनातन मत आवश्यक है। भगवान पुरुषोत्तम श्रीराम के बिना भारत की कल्पना भी नहीं की जा सकती है।

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