राजस्थान / शहीद हरि भाकर का आज पैतृक गांव में होगा अंतिम संस्कार, एक माह पहले आया था गांव



Martyr hari bhakar last right in rajasthan
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Martyr hari bhakar last right in rajasthan

  • रात 12 बजे शहीद की पार्थिव देह जूसरी लाई गई जिसे रात को गांव के राजीव गांधी सेवा केंद्र में रखी गई

Dainik Bhaskar

Mar 25, 2019, 10:24 AM IST

मकराना/ बुड़सू. पुंछ के शाहपुरा सेक्टर में देश की रक्षा करते हुए रविवार तड़के करीब साढ़े 3 बजे मकराना तहसील के जूसरी गांव निवासी हरि भाकर (21) पुत्र पदमाराम भाकर शहीद हो गए। सोमवार को पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया।

 

गौरतलब है कि रविवार रात शहीद की पार्थिव देह सेना के विशेष विमान से जयपुर पहुंचा, जिसे सेना के हैड क्वार्टर विजय द्वार में रखा गया। रात 12 बजे शहीद की पार्थिव देह जूसरी लाई गई, जिसे रात को गांव के राजीव गांधी सेवा केंद्र में रखा गया था। इस दौरान ग्रामीणों ने भारत माता के जयकारे लगाए। 

 

बहन की शादी में घर आए थें हरि 

शहीद हरि पिछले माह ही अपने गांव आए थे। तब उनकी बहन मनोजा की 9 फरवरी को शादी थी। इसके पांच दिन बाद 14 फरवरी को पुलवामा आतंकी घटना हो गया और उसी दिन शाम को वे वापस पुंछ के लिए निकल गए। नायब सूबेदार चैनाराम ने बताया कि शनिवार शाम सवा 6 बजे पाकिस्तान की ओर से गोलीबारी हुई तो इधर से भी जवाबी कार्रवाई की गई। करीब सवा एक घंटे तक फायरिंग चलती रही।

 

घायल होने के बावजूद लांचर दागते रहे हरि

नायब सूबेदार चैनाराम ने बताया कि पाकिस्तान की ओर से एक ही जगह पर 28 गोले दागे गए। एक गोला दीवार से टकरा कर हरि के लेफ्ट पैर पर गिरा था। हरि रॉकेट लांचर चलाते थे। घायल होने के बावजूद लांचर से हरि ने गोले दागना जारी रखा और उनके चार जवान घायल कर दिए। इसके बाद वे बेहोश हो गए। उपचार के दौरान तड़के साढ़े तीन बजे हरि वीर गति को प्राप्त हो गए। 

 

विधायक ने शहीद को दी श्रद्धांजलि

शहीद हरी राम भाकर के बारे में जानकारी मिलते ही विधायक रूपाराम मुरावतिया जयपुर एयरपोर्ट पहुंच गए। वहां शहीद को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। विधायक मुरावतिया ने पुष्प चक्र अर्पित कर शहीद को श्रद्धांजलि दी। इसके बाद पार्थिव देह को सेना के हैड क्वार्टर विजय द्वार ले जाया गया। 

 

500 मी. पहले ही रिश्तेदारों को रोका
शहीद हरि पंस सदस्य प्रकाश भाकर के चचेरे भाई थे तथा उनके घरों के बीच करीब आधा किलोमीटर का फासला है। शहीद के परिवार की महिलाओं को पता न चले, इसलिए रास्ते में प्रकाश के घर ही रिश्तेदारों को रोक लिया। उद्देश्य ये था कि कहीं महिलाओं को सदमा ना लगे। हरि अभी अविवाहित थे। 

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