अजमेर

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पुलिस कांस्टेबल भर्ती 2018: डमी कैंडिडेट बैठा लिखित परीक्षा में पास 3 युवक फिजीकल टेस्ट में पकड़े

बायोमैट्रिक में हुआ खुलासा, गिरोह की तलाश

Danik Bhaskar

Sep 06, 2018, 07:16 AM IST

अजमेर. सीआरपीएफ ग्रुप प्रथम के मैदान पर बुधवार को भीलवाड़ा जिले के लिए पुलिस कांस्टेबल भर्ती 2018 की शारीरिक क्षमता परीक्षा पीईटी-टीएसटी में शामिल होने आए 3 युवक बायोमेट्रिक जांच में पकड़े गए।

तीनों युवकों ने लिखित परीक्षा में अपनी जगह किसी दूसरे युवकों को बिठाया था और सफल होने के बाद खुद फिजीकल टेस्ट देने पहुंचे थे। फिजीकल टेस्ट से पहले अभ्यर्थियों के अंगूठा निशानी और आंखों के रेटिना की तस्दीक की जाती है। इसमें फर्जीवाड़े का खुलासा हो गया। परीक्षा बोर्ड के चेयरमेन आईजी बीजू जार्ज जोसेेफ के निर्देश पर अलवर गेट थाना प्रभारी हरिपाल सिंह ने तीनों के मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया।

चार लाख रुपए में खरीदा फर्जी परीक्षार्थी : पुलिस के अनुसार लिखित परीक्षा में फर्जी परीक्षार्थी बैठाकर पास हुए फलौदी के गांव सांवरीज निवासी महेन्द्र कुमार, बाड़मेर के खोखसर निवासी भाखाराम और जालौर निवासी दिनेश ने पूछताछ में कबूल किया है कि उन्होंने ~3-4 लाख में लिखित परीक्षा में पास कराने वाले गिरोह से सौदाकर फर्जी परीक्षार्थी बैठाया था। परीक्षा में सफल होने के बाद वे फिजीकल टेस्ट के लिए खुद ही पहुंच गए थे।

कई गिरोह सक्रिय होने की आशंका : कांस्टेबल भर्ती की फिजीकल परीक्षा में पकड़े गए अभ्यर्थियों के बयानों को सही माना जाए तो तीनों ने अलग-अलग लोगों से संपर्क कर परीक्षा में फर्जी परीक्षार्थी बिठाया था। ऐसे में पुलिस का मानना है कि प्रदेश में परीक्षा में गड़बड़ी फैलाने वाले कई गिरोह सक्रिय है।

बायोमेट्रिक टेस्ट से मिलान जरूरी : लिखित परीक्षा से पहले अभ्यर्थियों के बायोमेट्रिक टेस्ट के दौरान अंगूठा और आंखों के रेटिना का नमूना लिया गया था। अब फिजीकल टेस्ट से पहले भी अभ्यर्थियों का बायोमेट्रिक टेस्ट किया जा रहा है। लिखित परीक्षा के दौरान दोनों नमूनों का मिलान किया जा रहा है। इसमें गड़बड़ी नहीं हो सकती। आईजी ने सतर्कता बरतने को कहा है।

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