डूब क्षेत्र की 3600 वर्ग गज जमीन में एडीए ने जारी कर दिए 4034 वर्ग गज के पट्टे !
अजमेर विकास प्राधिकरण में नियमन काे लेकर बड़ा घाेटाला सामने अाया है। माकड़वाली राेड पर स्थित डूब क्षेत्र की एक बेशकीमती 1 बीघा 16 बिस्वा 10 बिस्वांसी जमीन (कुल क्षेत्रफल करीब 3600 वर्ग गज) में एडीए अब तक तीन पट्टे जारी कर चुका है जिनका माप 4304 वर्ग गज है।
यानी जितनी जमीन नहीं है उससे ज्यादा के पट्टे जारी हाे चुके हैं। यह सिलसिला अभी रूका नहीं है एडीए में इसी जमीन का एक अाैर पट्टा जारी करने की तैयारी है। इस संबंध में क्षेत्रीय पार्षद वीरेंद्र वालिया ने एडीए अायुक्त गाैरव गाेयल से संबंधित अधिकारियाें के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
एेसे दी 3600 वर्ग गज जमीन के बदले 4034 वर्ग गज जमीन
{22 अक्टूबर 2001 काे पहला पट्टा 1133.33 वर्ग गज का रेणु प|ी देवमित्र के पक्ष में जारी हुअा।
हाईकोर्ट का आदेश आने से पहले ही सन 2004 में इस जमीन पर जारी हो गए थे दो पट्टे
मामले के अनुसार राजस्व ग्राम चाैरसियावास की माकड़वाली राेड मुख्य सड़क पर खसरा नंबर 907 की जमीन है जाे राजस्व रिकार्ड में अाबी यानी तालाब पेटे की जमीन है। यह जमीन चाैरसियावास तालाब से लगती हुई है अाैर डूब क्षेत्र का खसरा हाेने की वजह से राजस्थान हाईकाेर्ट द्वारा अब्दुल रहमान की जनहित याचिका में दिए गए अादेश के तहत इसका स्वरूप परिवर्तन नहीं किया जा सकता है। लेकिन हाईकाेर्ट का अादेश 2004 में अाने से पहले इस जमीन में दाे पट्टे जारी हाे गए थे, उनकी भी वापस बहाली की जानी चाहिए थी लेकिन इसके उलट 3 सितंबर 2018 काे एक अाैर पट्टा जारी कर दिया गया। हाईकाेर्ट के अादेश काे धता बताते हुए डूब क्षेत्र की जमीन में अब तक तीन पट्टे जारी हाे चुके हैं जिनका कुल क्षेत्रफल 4034 वर्ग गज है। एडीए ने पहले ताे डूब क्षेत्र में पट्टे जारी कर दिए अाैर सबसे अाश्चर्यजनक बात ताे यह है कि इस खसरा नंबर की कुल जमीन ही 3600 वर्ग गज है लेकिन जारी किए गए पट्टाें मे 4034 वर्ग गज जमीन नियमन कर दी जा चुकी है। बात यहीं खत्म नहीं हाेती है अभी इस जमीन में नियमन के लिए एक अाैर फाइल चल रही है अाैर उस पर तकरीबन पूरी कार्रवाई की जाकर पट्टा देने की तैयारी है। नियमन करने याेग्य जमीन में भी 60:40 के अनुपात में नियमन किया जाता है लेकिन इस मामले में ताे मनमर्जी से पट्टे जारी कर दिए गए हैं। पार्षद वालिया का अाराेप है कि अब भी एडीए के कुछ अधिकारी इस जमीन में अाैर पट्टे जारी करने जा रहे हैं इन पर तत्काल राेक लगाई जानी चाहिए।
{ 03 सितंबर 2018 काे तीसरा पट्टा 853.33 वर्ग गज का संजय कुमार शर्मा के नाम जारी हुअा।
{22 अक्टूबर 2001 काे दूसरा पट्टा 1000 वर्ग गज का राकेश कंवर पुत्र जितेंद्र पाल के पक्ष में जारी हुअा।
इन तीनाें पट्टाें के जरिए 2986.66 वर्ग गज जमीन नियमन की गई अाैर इन पट्टाें का जाे ले अाउट जारी हुअा उसमें 20-20 फीट के दाे अलग-अलग रास्ते बताए गए हैं जिनका कुल क्षेत्रफल 1366.88 वर्ग गज हाेता है।
नियमन मामलाें की करवाएं जांच
पार्षद वालिया ने अायुक्त गाैरव अग्रवाल से कहा है कि नार्थ जाेन में जिस तरह नियमाें काे ताक में रखकर बड़े पैमाने पर नियमन किए गए हैं उनकी जांच करवाई जानी चाहिए। खास ताैर पर विगत दाे साल में हुए नियमन प्रकरणाें की जांच की जाती है ताे बड़े घपले सामने अाएंगे।