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नए रंगजी मंदिर में ब्रहोत्सव 11 से

एक वर्ष पहले
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पुष्कर | नए रंगजी मंदिर में 11 दिवसीय सालाना ब्रह्मोत्सव 11 मार्च से शुरू होगा। सुबह-शाम र| आभूषणों से सुसज्जित भगवान वैकुंठनाथ के विभिन्न स्वरूपों की झांकियां सजा कर नगर में सवारियां निकाली जाएगी।

व्यवस्थापक सत्यनारायण रामावत ने बताया कि ब्रह्मोत्सव के दौरान प्रतिदिन सुबह एवं शाम को गाजे-बाजे के साथ भगवान अलग-अलग रूप में नगर भ्रमण कर भक्तों को दर्शन देंगे। मंदिर के उत्सव मंडप में अनेक धार्मिक कार्यक्रम हाेंगे। महोत्सव के पहले दिन 11 मार्च की शाम को विधिवत पूजा अर्चना के बाद विश्वक्सेन जी की सवारी निकाली जाएगी। सवारी से पूर्व विश्वक्सेन जी मंदिर के बगीचे में भ्रमण कर मृदाहरण करेंगे। ब्रह्माेत्सव के दूसरे दिन 12 मार्च को सुबह चतुस्तंभी व शाम को सिंह वाहन पर सवार होकर भगवान वैकुंठनाथ नगर भ्रमण करेंगे। 13 को सुबह हंस वाहन एवं शाम को सूर्य प्रभा की सवारी निकाली जाएगी। 14 को सुबह गुरुड़ वाहन एवं शाम को हनुमान वाहन, 15 मार्च को सुबह शेष वाहन एवं शाम को चंद्र प्रभा, 16 मार्च को सुबह पालकी एवं शाम को शार्दुल वाहन की सवारी निकाली जाएगी। 17 मार्च को बसंत की बड़ी सवारी व 18 को सुबह कदम्ब वाहन एवं शाम को गज वाहन, 19 को सुबह जल विहार होगा।
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