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भक्ताें ने फूल-गुलाल से गिरिधर के संग खेली होली

एक वर्ष पहले
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गौतम आश्रम में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ महोत्सव के 7वें दिन प्रात:कालीन सत्र में कथावाचक संत किरीट भाई के सानिध्य में भक्तों ने जहां भगवान गिरीराज धरण के संग जमकर फूल एवं गुलाल से जमकर होली खेली। सायंकालीन सत्र में कृष्ण-रुक्मिणी विवाह धूमधाम से मनाया गया। भागवत कथा के दौरान शनिवार की सुबह फाग महोत्सव का विशेष आयोजन किया गया। इस दौरान कथा व्यास के सानिध्य में उपस्थित भागवत प्रेमियों ने गुलाल, अबीर व फूलों से जमकर होली खेली तथा संगीतमय भजनों पर झूम कर फाग महोत्सव का लुत्फ उठाया। फूलों की बरसात करते हुए कथा वाचक किरीट भाई ने भक्तों को होली के आध्यात्मिक महत्व की जानकारी दी। उन्होंने अपने उपदेश में कहा कि मन,बुद्धि और आत्मा की एकाग्रता से प्रभु का स्मरण करना चाहिए। महारास की व्याख्या करते हुए किरीट भाई ने गोपी गीत गाकर उपस्थित श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। उन्होंने कहा कि अगर हम भगवान के प्रति समर्पित होकर कार्य करेंगे, तो निश्चित रूप से हमारा एक-एक क्षण प्रभु भक्ति में बदल जाएगा।

शाम को कृष्ण-रुक्मिणी विवाह का आयोजन किया गया। गाजे-बाजे व भजनों पर झूमते बारातियों के साथ भगवान कृष्ण ने पांडाल में प्रवेश किया। मंच पर पहुंचने पर व्यास पीठ की ओर से भगवान की अगुवानी की गई तथा प्रतीकात्मक विवाह की रस्में अदा की गई। इस मौके पर उपस्थित श्रद्धालुओं को मिठाई खिलाकर समिति के व्यवस्थापकों ने रुक्मिणी विवाह की बधाईयां दी। आयोजन समिति के कालीचरण खंडेलवाल, रमेश अग्रवाल, घनश्याम अग्रवाल, ओमप्रकाश मंगल, आनंद अरोड़ा, किशन बंसल, किशन गोपाल जैन, पुखराज जैन, सुबोध जैन, इंद्र वैष्णव आदि ने विवाह के आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। प्रवक्ता अशोक टांक ने बताया है कि रविवार की सुबह 9 से 12 बजे तक कथा होगी। इसी के साथ कथा महोत्सव संपन्न होगा।

पुष्कर. गौतम आश्रम में शनिवार को भागवत कथा के दौरान सजाई गई कृष्ण-रुक्मिणी विवाह की सजीव झांकी और झूमते भक्त।
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