पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

डिस्काॅम का इस माह 425 कराेड़ रुपए अतिरिक्त वसूली का है लक्ष्य

एक वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक

11 जिलों में सरकारी विभागाें में 210 कराेड़ रुपए है बकाया

डिस्काॅम के 11 जिलाें में सरकारी विभागाें पर बकाया 210 कराेड़ के बिजली के बिलाें की वसूली के लिए एमडी वीएस भाटी के आदेशाें पर वित्त निदेशक काे जयपुर भेजा गया है। वित्त निदेशक सचिवालय में संबंधित विभागाें के शासन सचिवाें से मुलाकात कर शीघ्र से शीघ्र भुगतान का आग्रह करेंगे। इधर, वित्तीय वर्ष की समाप्ति से पहले करीब 425 कराेड़ रुपए की अतिरिक्त बकाया राशि की वसूली के लिए अजमेर विद्युत वितरण निगम ने पूरी ताकत झाेंक दी है। डिस्काॅम के एमडी मुख्यालय छाेड़कर खुद जिले में घूम रहे हैं। डिस्काॅम इस साल के राजस्व में शेष चल रहे 278 कराेड़ के साथ ही पिछले साल के शेष 150 कराेड़ रुपए वसूलने में जुटा है।

एमडी वीएस भाटी ने बताया कि मार्च के अंतिम तीन सप्ताह में निगम के अधिकारी आैर कर्मचारी 425 कराेड़ रुपए राजस्व वसूली का लक्ष्य लेकर चल रहे हैं। डिस्काॅम के इंजीनियर, लेखाधिकारी आैर सर्तकता की सभी टीमें मैदान में हैं। अवकाश के दिन भी वसूली के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। उन्हाेंने बताया कि राज्य के सरकारी विभागाें में करीब 210 कराेड़ रुपए के बिल बकाया हैं। इसमें सर्वाधिक 81.77 कराेड़ की राशि स्थानीय निकायाें जैसे नगर पालिका, नगर परिषद, नगर निगम, विकास प्राधिकरण आैर यूआईटी जैसी संस्थानाें में बाकी है। इसी तरह जलदाय विभाग में 50.97 कराेड़, जनता जल याेजना में 20 कराेड़, सरपंचाें में 37.80 कराेड़, केंद्र सरकार के कार्यालय पर 6.81 कराेड़, प्रशासन पर 2.97 कराेड़, पुलिस पर 3.25 कराेड़ आैर अन्य सरकारी विभागाें पर 6.95 कराेड़ का बिजली का बिल बकाया है।

वित्त निदेशक काे भेजा जयपुर, आला कमानाें से कर रहे हैं आग्रह

एमडी भाटी के आदेश पर वित्त निदेशक एसएम माथुर काे जयपुर भेजा गया है। माथुर वहां सचिवालय में संबंधित विभागाें के शासन सचिवाें से मुलाकात कर बिजली के बकाया बिल का भुगतान करने का आग्रह करेंगे। एमडी खुद चित्ताैड़गढ़ के दाैरे पर हैं, आैर शनिवार काे वे राजसंमंद के दाैरे पर रहकर लक्ष्य प्राप्ति का प्रयास करेंगे। एमडी ने सभी अधिकारियाें काे निर्देशित किया है कि शेष रहे दिनाें में लक्ष्य की प्राप्ति के लिए लगातार प्रयासरत रहें।

खबरें और भी हैं...