टैरिफ बढ़ा तो जनता पर ~350 करोड़ का आर्थिक भार
से नई टैरिफ की पिटिशन लगाई है। राज वेस्ट पावर ने आईआरसी में नई टैरिफ पिटिशन लगा कर 350 करोड़ रुपए अतिरिक्त मांगे है। जबकि पहले से लागू अस्थायी टैरिफ में करीब 150 करोड़ ज्यादा भुगतान होने का अनुमान है। ऐसे में नई टैरिफ लागू होने के बाद करीब 500 करोड़ सालाना का सरकारी बिजली कंपनियों का आर्थिक नुकसान होने का आंकलन है।
जयपुर | प्रदेश के बाड़मेर में लिग्नाइट कोयला से चलने वाले प्राइवेट पावर प्लांट ने टैरिफ में करीब 14 फीसदी बढ़ोत्तरी की राजस्थान विद्युत विनियामक आयोग (आरईआरसी) में पिटिशन लगाई है। पिटिशन पर गुरुवार को सुनवाई हैै। इस पावर प्लांट से खरीदने वाली बिजली की टैरिफ को मंजूरी मिलेगी तो सरकारी बिजली वितरण कंपनियों के जरिए प्रदेश के डेढ़ करोड़ से ज्यादा उपभोक्ताओं पर 350 करोड़ रु. का सालाना आर्थिक भार पड़ेगा। जबकि पहले ही इस पावर प्लांट से सरकारी गिरल पावर प्लांट की तुलना में पौन रुपए प्रति यूनिट तक ज्यादा महंगी बिजली मिल रही है। प्रदेश की जयपुर, जोधपुर व अजमेर डिस्कॉम बाड़मेर स्थित राज वेस्ट पावर से हर साल 700 करोड़ यूनिट बिजली खरीद रहे है। राज वेस्ट पावर से बिजली कंपनियों को 4.20 रु. प्रति यूनिट की अस्थायी टैरिफ तय है। कंपनी ने 4.75 रु. प्रति यूनिट के हिसाब