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अभियंताओं के पद रिक्त, कागजों में जोन बनाने से कैसे होगा विकास : देवनानी

एक वर्ष पहले
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पाक प्रताड़ित हिंदू परिवारों को नागरिकता दंे प्रदेश सरकार

विधायक वासुदेव देवनानी ने विधानसभा में पाकिस्तान से प्रताडित होकर अजमेर रह रहे हिंदू परिवारों को भारत की नागरिकता देने का मामला उठाया। देवनानी ने कहा कि पाकिस्तान में कट्टरपंथियों के जुल्म से प्रताड़ित होकर भारत में आए कई परिवार वर्षों से अजमेर में निवास कर रहे है परन्तु उन्हें भारत की नागरिकता नहीं मिल पा रही है।

देवनानी ने कहा कि अजमेर के पुलिस लाइन क्षेत्र में रहने वाले हंसराज सोनी व मयाणी अस्पताल अजमेर में कार्यरत चिकित्सक डाॅ. मुनेश जेठानी सहित कई हिंदू परिवार लगभग 15 वर्ष पहले पाकिस्तान से प्रताड़ित होकर अजमेर आए थे तथा तब से ही भारत की नागरिकता प्राप्त करने के लिए प्रयासरत है। ये परिवार प्रत्येक 2 वर्ष में वीजा की अवधि बढ़वाकर अजमेर में रह रहे हैं। हर बार प्रशासन द्वारा इनका लंबी अवधि वीजा पंजीकरण कर शीघ्र नागरिकता दिए जाने का आश्वासन दिया जाता है। लम्बी अवधि वीजा पंजीकरण में एक दिन का विलंब होने पर इन्हें 2 हजार रुपए पेनल्टी देनी होती है। उन्होंने कहा कि नागरिकता के अभाव में ये परिवार सरकारी नौकरी, बैंक खाता, गैस कनेक्शन, मकान खरीदने जैसी सुविधाओं से वंचित हैं।

अजमेर| अजमेर उत्तर विधायक वासुदेव देवनानी ने विधान सभा में अजमेर विकास प्राधिकरण का मुद्दा उठाते हुए कहा कि वहां पर कनिष्ठ अभियंताओं के 33 में से मात्र 9 पद भरे हुए हैं। ऐसे में एडीए के तीन जोन में 3-3 कनिष्ठ अभियंताओं के भरोसे कैसे काम चलेगा। उन्होंने एडीए में वर्तमान में 40 हजार से अधिक नियमन के प्रकरण लंबित बताते हुए कहा कि एडीए प्रशासन चाहता तो जो क्षेत्र नये मास्टर प्लान से प्रभावित नहीं हो रहे है तथा पूर्व मास्टर प्लान में आवासीय व कृषि भूमि क्षेत्र है, वहां नियमन किए जा सकते थे। उन्होंने मास्टर प्लान 2033 के क्रम में दी गई आपत्तियों का शीघ्र निस्तारण करवाकर इसे लागू कराने की आवश्यकता बताई।

देवनानी ने एडीए की महाराणा प्रताप नगर, बीके कौल नगर, हरिभाउ उपाध्याय नगर, कोटड़ा, डीडी पुरम, ई-ब्लाॅक, पृथ्वीराज नगर सहित विभिन्न आवासीय योजनाओं में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराने का विषय उठाते हुए कहा कि सड़क, नाली, बिजली जैसी सुविधाओं के अभाव के साथ ही एडीए द्वारा वहां पर पेयजल आपूर्ति के प्रबंध भी नहीं कराए गए हैं। पृथ्वीराज नगर में 13 साल बाद भी आवंटियों को उनके भूखण्डों के कब्जे नहीं दिए जा सके, जिससे यह योजना अभी तक नहीं बस पाई है।
विधानसभा में गलत जानकारी देने की हो जांच : देवनानी ने पृथ्वीराज नगर योजना में भूखंडों के कब्जे दिये जाने से वंचित आवंटियों के संबंध में विधानसभा में 27 फरवरी को पूछे गये तारांकित प्रश्न के जवाब में सदन में गलत जानकारी प्रस्तुत करने को बहुत ही गंभीर मामला बताया तथा इसकी जांच कराने की मांग की। उन्होंने सदन को गुमराह करने के लिए जिम्मेदार अधिकारियों व कर्मचारियों के विरुद्ध कार्यवाही करने की मांग सरकार से की।
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