पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

एमडीएसयू में चार साल पहले पास किया था एंट्रेस, अब सात साल में हाेगी पीएचडी

एक वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक

एमडीएस यूनिवर्सिटी में 2016 में रेट (रिसर्च एंट्रेंस टेस्ट) पास करने वाले अभ्यर्थियाें काे चार साल बाद अब जाकर राहत मिली है। रेट पास करने के बाद हाेने वाला पासकाेर्स अब जाकर शुरू हुअा है।

हालांकि इस सन में दूसरी यूनिवर्सिटी से पीएचडी करने वालाें काे करीब दाे-दाे साल पहले ही डिग्री अवार्ड भी अवार्ड हाे चुकी है, लेकिन एमडीएसयू के अभ्यर्थियाें काे चार साल पास काेर्स के बाद अब पीएचडी अवार्ड हाेने के लिए कम से कम साढ़े तीन से चार साल तक का अाैर इंतजार करना हाेगा। यानी इन अभ्यर्थियाें की पीएचडी सात से अाठ साल में पूरी हाेगी।

एमडीएसयू में 28 मार्च तक रेट-2016 के शेष रहे अभ्यर्थी अाैर रेट 2017 के पात्र अभ्यर्थियाें के लिए पीएचडी काेर्स वर्क फर्स्ट की का अायाेजन िकया जाएगा। यह पासकाेर्स बुधवार 11 मार्च से शुरू हुअा है। इस पास काेर्स के लिए िरसर्च शाखा ने दाेनाें साल के कुल 139 अभ्यर्थियाें काे बुलाया था। लेकिन इनमें से बुधवार काे सिर्फ 84 अभ्यर्थियाें ने ही हाजिरी दी है। यूनिवर्सिटी के स्वराज सभागार में शुरू हुए इस पास काेर्स में पहले दिन दाे सेशन अायाेजित किए गए। पहले सेशन में रिसर्च डायरेक्टर डाॅ. संजय जैन ने शाेध कार्य के बारे में जानकारी दी।

इसके बाद सेंट्रल यूनिवर्सिटी अजमेर के फिजिक्स के प्राेफेसर मनीषदेव श्रीमाली ने रिसर्च प्लान एंड प्राेजेक्ट की विस्तार से
जानकारी दी।

नेट जेअारएफ काे हर माह हजाराें का हुअा नुकसान

एमडीएसयू में रेट के बाद पासकाेर्स नहीं हाेने से नेट जेअारएफ पास करके पीएचडी करने वाले अभ्यर्थियाें काे हजाराें रुपए माहवार का नुकसान हुअा है। बताया जाता है िक नेट जेअारएफ के बाद पीएचडी करने वाले अभ्यर्थियाें काे यूजीसी की अाेर से 27 हजार रुपए प्रतिमाह की छात्रवृत्ति दी जाती है। यूजीसी नेट जेअारएफ पास करने के तीन साल तक ही यह छात्रवृत्ति देती है। इसके बाद नहीं। लेकिन यहां चार साल से पासकाेर्स ही नहीं हुअा। विश्वविद्यालय मे लंबे अन्तराल के पश्चात इस कोर्स का आयोजन किया जा रहा हैंlएेसे में नेट जेअारएफ के अभ्यर्थियाें काे 27 हजार रुपए माहवार का नुकसान भी हुअा है।

पहले काेर्स वर्क में विशेषज्ञ देंगे जानकारी

रिसर्च डायरेक्टर डाॅ. संजय जैन के मुताबिक पास कोर्स वर्क एक में शोध क्रियाविधि अाैर कंप्यूटर एप्लिकेशन से संबंधित काेर्स का अध्यापन कराया जाता है। इसमें अलग अलग यूनिवर्सिटी के विषय विशेषज्ञ जानकारी देते हैं। इसके तहत अब गुरुवार काे जेएनवी यूनिवर्सिटी जाेधपुर के प्रोफेसर आरके यादव व्याख्यान देंगे। डाॅ. जैन ने बताया कि कोर्स वर्क में दिए व्याख्यानों में से वस्तुनिष्ठ टेस्ट लिए जाएंगे। उनके आधार पर कोर्स वर्क प्रथम का दक्षता प्रमाण पत्र शोधार्थियों को दिया जाएगा। यूनिवर्सिटी के नियमानुसार कोर्स वर्क में उत्तीर्ण होना अाैर 75 प्रतिशत उपस्थिति जरूरी है।

चार साल से नहीं हुअा पासकाेर्स

गाैरतलब है कि यूनिवर्सिटी में 2016 में रेट पास करने वाले कुछ अभ्यर्थियाें का पासकाेर्स हाे गया था, जबकि कुछ रह गए थे। इसके बाद से ही यहां पासकाेर्स नहीं कराया गया। बिना पासकाेर्स के रेट पास हाेने के बाद भी अभ्यर्थियाें काे पीएचडी के लिए रजिस्ट्रेशन नहीं हाे सकता है। एेसे में चार साल से यह पीएचडी अभ्यर्थी पासकाेर्स का इंतजार कर रहे थे। अब यह शुरू किया गया है। यह पासकाेर्स भी महज 15 दिन का है। जबकि यूजीसी के नियमानुसार 6 माह का पासकाेर्स हाेना जरूरी है। रिसर्च डायरेक्टर डाॅ. संजय जैन के मुताबिक इस पास काेर्स के बाद अभ्यर्थी अपने गाइड के साथ 6 माह का पासकाेर्स पूरा करेंगे। इसके बाद इनकी सिनाॅप्सीस तैयार हाेगी अाैर फिर रजिस्ट्रेशन हाेगा। यानी पीएचडी रिसर्च शुरू हाेने में भी अभी कम से कम 7 माह से ज्यादा का समय अाैर लगेगा। इसके बाद कम से कम तीन साल में पीएचडी थिसिस पूरी करना हाेगी। यानी इस पूरी प्रक्रिया में कम से कम चार साल का अाैर समय लगेगा।
खबरें और भी हैं...