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- Ajmer News Rajasthan News Even After One Year Of Cm39s Announcement 84 Thousand Consumers Did Not Get 15000 Li Free Water
सीएम की घोषणा के एक साल बाद भी 84 हजार उपभोक्ताओं को नहीं मिला 15000 ली. फ्री पानी
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की ओर से एक साल पहले घोषित 15 हजार लीटर फ्री पानी देने की योजना पर अमल जलदाय विभाग ही अटका रहा है। अजमेर जलदाय महकमा न तो जल उपभोक्ताओं के चालू मीटर की रीडिंग समय पर करवा पा रहा है, न ही स्मार्ट सिटी के तहत बदले जा रहे मीटर के काम को पूरा करवा पाए हैं। नतीजतन करीब 84 हजार उपभोक्ताओं के मीटर पुराने और बंद हैं।
शहर में 1.38 लाख जल उपभोक्ता है, इनमें से 67 हजार मीटर चालू है, जबकि महकमे का दावा है कि 54 हजार उपभोक्ताओं को फ्री पानी योजना का फायदा देने की शुरुआत कर दी गई है। दूसरी ओर हकीकत इससे एकदम अलग है, जिन उपभोक्ताओं को इस योजना का फायदा देने की बात कही जा रही है, वह झूठी साबित हो रही है। दरअसल शहर के कई इलाकों में चालू मीटर वाले उपभोक्ताओं की बिलिंग भी औसत रीडिंग से की जा रही है, जिससे उपभोक्ताओं को 15 हजार लीटर फ्री पानी मिलने की योजना का फायदा नहीं मिल पा रहा है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने 1 अप्रैल 2019 से 15 हजार लीटर प्रतिमाह उपयोग करने वाले जल उपभोक्ताओं को पानी फ्री देने की घोषणा की थी। जानकारी के अनुसार स्मार्ट मीटर लगा रही फर्म करीब 50 हजार नए मीटर लगा चुकी है मगर इनकी पूरी रीडिंग नहीं हो रही। ऐसे में बिना रीडिंग के ही बिल जारी किए जा रहे हैं।
मीटर चालू मगर औसत बिलिंग
यह योजना लागू होने के बाद दो बिल यानी 4 महीने तक तो जलदाय महकमा पानी के बिल बांट ही नहीं पाया। बाद में चार महीने के बिल एक साथ बांटे गए। उपभोक्ताओं के एक साथ बिल आए, जिनमें रीडिंग औसत होने से ऐसे कई पात्र उपभोक्ता जो इसके लिए पात्र थे, उन्हें इसका फायदा नहीं मिल पा रहा है। बिलिंग करने वाली एजेंसी के खिलाफ भी जलदाय महकमा कार्रवाई नहीं कर रहा है।
जलदाय मंत्री बीड़ी कल्ला से सीधी बात...
अजमेर में रीडिंग नहीं हो रही, इसे कराना इंजीनियरों का काम
{ सवाल- सीएम द्वारा 15 हजार लीटर फ्री पानी की योजना बंद हो गई है क्या? अजमेर में रीडिंग नहीं हो रही?
{जवाब- योजना का फायदा पूरा प्रदेश में दिया जा रहा है, अजमेर में रीडिंग नहीं हो रही, इसे पूरा करवाना इंजीनियरों का काम है।
{सवाल-स्मार्ट सिटी के तहत करीब 50 हजार नए मीटर लगाए गए है? इनकी रीडिंग भी नहीं हो रही।
{जवाब- इंजीनियरों से एजेंसी के प्रति बरती जा रही नरमी के बारे में जानकारी ली जाएगी। आमजन के प्रति महकमा पूरा जिम्मेदार है।
{सवाल-मुख्यमंत्री के द्वारा घोषित योजना के प्रति लापरवाह इंजीनियरों के खिलाफ आपका क्या एक्शन रहेगा?
जवाब- एडिशनल चीफ से बात कर पूरे मामले में हुई लापरवाही की जानकारी ली जाएगी। योजना का फायदा सभी को मिले। यह जरूरी है। लापरवाह इंजीनियरों के प्रति कोई नरमी नहीं बरती जाएगी।
जलदाय महकमे की नजर में ये है हकीकत
1.38 लाख उपभोक्ताओं में से 53 हजार को योजना से जोड़ने का दावा, इन उपभोक्ताओं को जल कनेक्शन पर औसत रीडिंग की बिलिंग।
योजना का लाभ मिलने की राह में ये हैं तकनीकी बाधाएं
{बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं के मीटर बंद हैं।
{औसत बिलिंग से कई उपभोक्ता लाभान्वित होने के दायरे से बाहर।