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स्मार्ट सिटी में ग्रीन बिल्डिंग कंसेप्ट और सोलर एनर्जी की कछुआ चाल, अब तक एक भी प्रोजेक्ट पूरा नहीं
स्मार्ट सिटी में एनर्जी सेविंग पर फोकस नहीं है। केंद्र सरकार द्वारा बनाई गई गाइडलाइन में स्पष्ट है कि शहर में ज्यादा से ज्यादा ग्रीन बिल्डिंग्स हाेनी चाहिए। नया निर्माण भी इसी तर्ज पर किया जाना चाहिए ताकि हीट इफेक्ट काे कम किया जा सके, लेकिन अजमेर में अब तक ग्रीन बिल्डिंग कंसेप्ट काे अब तक दरकिनार किया जा रहा है। वहीं निगम की गाड़ियों काे भी इलेक्ट्रिक बेस्ड किए जाने के निर्देश हैं। ट्यूबवेल, वाॅटर सप्लाई सिस्टम, वेस्ट ट्रीटमेंट जैसे काम भी सोलर पाॅवर से हाेने हैं, साथ ही कचरा ढाेने के लिए भी इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने के लिए कहा गया है। लेकिन अब तक यहां पर एक भी इलेक्ट्रिक वाहन नहीं है। जाे वाहन हैं, वाे या ताे पेट्राेल से चल रहे हैं या फिर डीजल के वाहन हैं। इससे पर्यावरण आैर ज्यादा प्रदूषित हाे रहा है।
कुल 72 प्राेजेक्ट्स में एक भी निर्माण कार्य
ग्रीन बिल्डिंग कंसेप्ट पर नहीं
स्मार्ट सिटी में हीट इफेक्ट काे कम करने के लिए ग्रीन बिल्डिंग कंसेप्ट पर काम किया जाना है, लेकिन अब तक 1145 कराेड़ के कुल 72 प्रोजेक्ट में से एक भी प्रोजेक्ट इस कंसेप्ट पर नहीं है। 90 कराेड़ की लागत से कुल 6 प्रोजेक्ट पूरे हुए हैं, लेकिन इसमें भी एनर्जी सेविंग काे नजरंदाज किया गया। 580 कराेड़ की लागत से 24 प्रोजेक्ट पर काम जारी है, 35 कराेड़ की लागत से 8 प्रोजेक्ट टेंडरिंग स्टेज पर हैं। जबकि 34 प्रोजेक्ट की डीपीआर तैयार की जा रही है। इन प्राेजेक्ट्स पर कुल 440 कराेड़ खर्च होंगे।
पेट्राेल-डीजल की घटानी हाेगी खपत
{ स्मार्ट सिटी में प्रदूषण कम करने के लिए निगम काे पेट्राेल, डीजल, सीएमजी, एलपीजी की खपत में कमी लानी हाेगी। हवा में सीआे-2 की जितनी मात्रा है, उसे कम करना लक्ष्य है।
{ कम बिजली की खपत वाली स्ट्रीट लाइट्स का इस्तेमाल किया जाना है, बिजली की खपत कम हाेगी ताे ग्रीन हाउस गैसें कम बनेंगी औैर माैसम ठीक रहेगा। अजमेर में इस पर अच्छा काम हुआ है। लगभग प्रत्येक क्षेत्र में एलईडी स्ट्रीट लाइट्स लगाई जा चुकी हैं।
क्याें न हम - वेस्ट मैनेजमेंट में नंबर वन स्मार्ट सिटी इंदौर से लें सीख
इंदौर सहित अन्य स्मार्ट सिटीज में इस पर काम शुरू किया जा चुका है। 30 फीसदी सरकारी कार्यालयाें में सोलर एनर्जी प्लांट लग चुके हैं, ग्रीन बिल्डिंग कंसेप्ट पर भी निर्माण कार्य शुरू हाे चुके हैं। इंदौर इलेक्ट्रिक वाहनाें की आेर बढ़ रहा है। एचटीपी से सीवेज के पानी काे साफ करके किसानों काे खेती के लिए सप्लाई किया जा रहा है। वेस्ट मैनेजमेंट में भी इंदौर नंबर वन की श्रेणी में स्थान बना चुका है।
क्या है ग्रीन बिल्डिंग कंसेप्ट ?
{ बिल्डिंग का डिजाइन इस तरह का हाे कि नेचुरल डे लाइट हर जगह पर पहुंचे।
{ सोलर पाॅवर का अधिकाधिक इस्तेमाल हाे।
{ बिल्डिंग बनाने में मैटेरियल एेसा इस्तेमाल किया जाए कि वाे आसानी से रियूज हाे सके।
{ बिल्डिंग में खिड़कियां ज्यादा हाें, औैर पानी की खपत कम से कम हाे।
{ वाॅटर हार्वेस्टिंग सिस्टम हाे ताकि ग्रे-वाॅटर औैर रेन वाॅटर रियूज हाे सके।
अब जाे भी निर्माण हाेगा, वाे ग्रीन बिल्डिंग कंसेप्ट पर
...आैर यहां एडीए का अड़ियल रवैया
...इधर एडीए शहर के एकमात्र ग्रीन बिल्डिंग प्राेजेक्ट का पर्यावरण बिगाड़ने पर अड़ा है। लाेहागल पंचशील बी-ब्लाॅक में बनाई जा रही ग्रीन बिल्डिंग से सटाकर एडीए ने सीवरेज पंपिंग स्टेशन बनाना शुरू कर दिया है, इस पर प्राेजेक्ट संचालक आैर स्थानीय लाेगाें ने आपत्ति दर्ज कराई ताे एडीए ने पंपिंग स्टेशन पर 7-8 लाख रुपए खर्च हाेने की बात कहकर मामले काे टालना चाहा लेकिन जब प्राेजेक्ट संचालक पंपिंग स्टेशन की जगह बदलने के लिए 8 लाख की राशि खुद वहन करने काे तैयार हाे गए ताे एडीए ने इस पर बाेर्ड बैठक में निर्णय का भराेसा दिलाया। अब बैठक से पहले ही इस मामले काे कार्यकारी समिति की बैठक में रखकर जगह नहीं बदलने की अनुशंसा कर दी। मामले में कलेक्टर सहित आला अधिकारियाें काे शिकायत दी गई है, जिस पर जांच शुरू हाे गई है।
एनर्जी सेविंग का है यह हाल
अब तक ग्रीन बिल्डिंग कंसेप्ट पर एक भी निर्माण नहीं, सोलर एनर्जी प्लांट का काम अब हुआ है प्रारंभ
{ गांधी भवन औैर एचटीपी पर 370 किलोवाट के सोलर एनर्जी प्लांट के लिए सरकारी एजेंसी रील से कुछ समय पहले ही अनुबंध हुआ है। सोलर प्लांट का काम शुरू हाे चुका है। गाइड लाइन में यह भी कहा गया है कि स्मार्ट सिटी में पचास प्रतिशत बिजली रिन्युएबल साेर्स यानि साेलर, थर्मल, हाइड्राे, हाइडल औैर हवा से आनी चाहिए।
{ एवीवीएनएल औैर आईजी स्टांप कार्यालय काे छाेड़कर एक भी सरकारी बिल्डिंग ग्रीन बिल्डिंग की श्रेणी में नहीं आती है।
जेएलएन में मेडिकल ब्लाॅक ग्रीन बिल्डिंग कंसेप्ट पर तैयार हाेगा। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में अब जाे भी बिल्डिंग निर्माण के काम हाेंगे, वाे इसी कंसेप्ट पर हाेंगे। गांधीभवन औैर एचटीपी पर सोलर एनर्जी प्लांट लगाए जाने के लिए सरकारी एजेंसी रील से अनुबंध हाे चुका है।
-अनिल विजयवर्गीय, चीफ इंजीनियर, स्मार्ट सिटी लिमिटेड
_photocaption_एचटीपी पर अब लगना शुरू हुआ साेलर प्लांट।*photocaption*
स्मार्ट सिटी में ग्रीन बिल्डिंग पर नहीं हो रहा फाेकस।