इधर... चिकित्सा विभाग ने अब मीडिया काे जानकारी देने पर ही लगा दी राेक
{मीडिया आमजन काे कर रहा था काेराेना काे लेकर सावचेत
राज्य सरकार ने चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के जरिए प्रदेश के सभी निजी व सरकारी अस्पतालों काे पाबंद किया है कि वह मीडिया काे काेराेना वायरस काे लेकर किसी भी प्रकार की जानकारी नहीं देंगे। काेराेना के संदिग्ध मरीज की भी जानकारी शेयर नहीं की जाएगी।
अस्पताल से जुड़े चिकित्सक, नर्सिंग या कार्मिक सहित अन्य साेशल साइट या अस्पताल के किसी भी वाटसएप ग्रुप में इसकी जानकारी शेयर नहीं करेंगे। निदेशालय से आदेश अाने के बाद जवाहरलाल नेहरू चिकित्सालय प्रशासन ने भी विशेष आदेश जारी करके सभी कार्मिकों काे मीडिया से दूरी रखने के लिए पाबंद कर दिया है।
मीडिया कर रहा है सावचेत |काेराेना वायरस काे लेकर प्रिंट मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक व साेशल नेटवर्किंग साइट पर मीडिया आमजन काे सावचेत कर रहा है।
क्षेत्र से मिल जाती जानकारी
काेराेना या स्वाइन फ्लू पॉजीटिव या संदिग्ध मरीज का नाम मीडिया पहले भी नहीं प्रकाशित नहीं करता था। मीडिया केवल उस क्षेत्र या शहर का ही नाम प्रकाशित कर रहा था। इसके पीछे यही उद्देश्य था कि आमजन सावचेत हाे जाए कि उस कॅालाेनी की तरफ नहीं जाना है। मीडिया पर राेक लगाने के बाद कई लाेगाें के जाने अनजाने संक्रमित हाेने की आशंका रहेगी।
क्या मीडिया फैला रहा है अफवाह | अतिरिक्त मुख्य सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य परिवार कल्याण सेवा के जयपुर के पत्र की पालना में जेएलएन अधीक्षक डाॅ. अनिल जैन ने अस्पताल के सभी अाचार्य, विभागाध्यक्ष, यूनिट हैड, चिकित्सा अधिकारी, नर्सिंग अधीक्षक के नाम आदेश जारी किए हैं कि अस्पताल में अाने वाले काेराेना संदिग्ध, संक्रमित मरीजों से संबंधित सूचनाएं मीडिया काे जारी नहीं की जाएगी।
राज्य सरकार का तुगलकी फरमान
ये हैं लक्षण | {सर्दी, जुकाम व बुखार सहित नाक से तेजी से पानी निकलना काेराेना के लक्षण हैं। {गले में यदि लगातार खराश हाेने के साथ ही चुभन का एहसास है ताे चिकित्सक काे जांच करवानी चाहिए। {यदि काेई विदेश की यात्रा करके यात्री अा रहा है ताे उसके संपर्क में अाने वाले व्यक्ति काे जांच करवानी चाहिए। { दिन में दस से अधिक बार साबुन से हाथ धाेएं, मुंह, नाक, आंखों पर लगातार हाथ नहीं लगाएं।
मीडिया से बच्चों की माैत भी छिपा चुका है विभाग |चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा बीमारियाें काे लेकर बातें छिपाना या मीडिया काे दूर रखने का यह पहला मामला नहीं है। गत माह काेटा में एक साथ सात बच्चों की माैत, जेएलएन में चार बच्चों की माैत पर भी विभाग पर्दा डालने की भरसक कोशिश कर चुका है। यहां तक की अस्पतालों में मशीनरी तक खराब पड़ी थी। सर्दी में आईसीयू के अंदर ही वार्मर खराब थे।
{जेएलएन अस्पताल प्रशासन ने गोपनीयता के लिए किया पाबंद