बुक डाेनेशन वेबसाइट से जुड़ें, महंगी किताबाें से अभिभावकाें काे राहत
किसी भी कक्षा की किताबें, अगले साल रद्दी के भाव बाजाराें में बिकती जरूर नजर आ जाएंगी। अब स्कूलाें में नया सत्र शुरू हाेने वाला है, कुछ माह ही शेष हैं।
स्कूल फीस, यूनिफार्म, बैग, शूज आदि के माेटे खर्चाें के साथ अभिभावक अपने-अपने बच्चाें की महंगी किताबाें के आर्थिक बाेझ भी हाेता है। किताबाें के इस बाेझ काे कम करने के लिए अजमेर जिला वैश्य महासम्मेलन के बैनर तले खंडेलवाल साेशल क्लब के सुकेश खंडेलवाल ने यह नई पहल की है। शरद खंडेलवाल के तकनीकी सहयाेग द्वारा वेबसाइट तैयार की गई है, जिसकी सहायता से जरूरतमंद बच्चाें तक किताबें निशुल्क पहुंचाई जाएंगी।
वेबसाइट के लिंक http://khandelwal.co.in/bookdonation पर संपर्क कर बुक लेने आैर डाेनेट करने के लिए संपर्क किया जा सकता है। खंडेलवाल ने बताया कि इस मुहीम से जुड़ने के लिए कई अन्य संस्थाएं आैर समाजसेवियाें ने अपनी रुचि दिखाई है।
मालूम हाे कि हर साल किताबाें काे छापने के लिए अनगिनत पेड़ाें काे काटा जाता है, जिससे पर्यावरण पर गंभीर प्रभाव पड़ता है। अजमेर जिला वैश्य महासम्मेलन के बैनर तले श्ुरू की गई पहल से यदि जरूरतमंदाें तक किताबाें के इस तरह के आॅनलाइन आदान-प्रदान काे प्राेत्साहन मिलता है ताे काफी हद तक पर्यावरण संरक्षण किया जा सकता है।
सुकेश खंडेलवाल।