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कलावा और मेहंदी लूटने उमड़े अकीदतमंद

एक वर्ष पहले
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हजरत मीरां सैयद हुसैन खिंग सवार का तारागढ़ पर मनाए जा रहे तीन दिवसीय उर्स का शनिवार को कुल की रस्म के साथ समापन हो गया। कुल रस्म में बड़ी संख्या में आशिकान ए मीरां ने शिरकत की।आस्ताना शरीफ में कुल की फातिहा के साथ ही मजार शरीफ के चारों ओर बंधा कलावा व मेहंदी लूटने के लिए अकीदतमंद में होड़ लग गई।

मजार शरीफ के चारों ओर अकीदतमंद इस कलावा व मेहंदी को पाने के लिए मशक्कत करते नजर आए। जो अकीदतमंद भीड़ के चलते सीधे मजार तक नहीं पहुंच पाए, वे अन्य अकीदतमंद से कलावा व मेहंदी लूटते नजर आए। कुल की महफिल तारागढ़ दरगाह इंतजामिया कमेटी के सदर मोहसिन अली सुल्तानी, सदस्य सैयद मोहम्मद यूनुस व सैयद शाकिर हुसैन की सदारत में हुई। फातिहा के बाद मुल्क व सूबे में अमन व खुशहाली के लिए दुआ की गई। उर्स के कुल की रस्म में शरीक होने के लिए अकीदतमंद का तारागढ़ पहुंचने का सिलसिला सुबह से ही शुरू हो गया था। इसके साथ ही देश के विभिन्न हिस्सों विशेषकर पंजाब, हरियाणा, जम्मू व कश्मीर, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश व प्रदेश के विभिन्न जिलों के अकीदतमंद पहले से ही यहां मौजूद थे।

कुल में अकीदतमंदों की भीड़

सुबह 11 बजे बाद दरगाह के महफिल खाना में सालाना उर्स के कुल की महफिल हुई। कमेटी सदर सुल्तानी के साथ कमेटी सदस्य सैयद शाकिर हुसैन और हाजी मोहम्मद यूनुस ने महफिल की सदारत की। शाही कव्वाल कुर्बान हुसैन और साथियों ने हजरत मीरां की शान में कलाम पेश किए। इस मौके पर बड़ी संख्या में खुद्दाम ए मीरां सैयद हुसैन के साथ ही जायरीन मौजूद थे। हजरत मीरां की शान में पढ़े गए कलामों पर अकीदतमंद ने नोटों की झड़ी लगा दी। महिला अकीदतमंद भी मौजूद थीं। दोपहर करीब 1.15 बजे जैसे ही कुल की रस्म शुरू हुई, दरगाह के मौरूसी अमले के सदस्यों ने नगाड़े व शादियाने बजाने शुरू कर दिए। मोहसिन अली सुल्तानी और मेंबरान आदि महफिल से उठ कर कुल की रस्म अदा करने के लिए आस्ताना शरीफ पहुंचे। कुल की रस्म पूरी होने के बाद देश के विभिन्न हिस्सों से आए कलंदर व मलंगों ने हैरत अंगेज करतब पेश किए। इन करतबों को देखने के लिए अकीदतमंद की भीड़ लगी नजर आई। दरगाह इंतजामिया कमेटी तारागढ़ की आेर से मौरूसी अमले के साथ ही अन्य गणमान्य लोगों की दस्तारबंदी की। इस मौके पर सदर सुल्तानी के साथ ही हाजी यूनुस और सैयद शाकिर हुसैन आदि मौजूद थे। सचिव सैयद सगीर अब्बास भी मौजूद थे।

खुद्दाम ने धूमधाम से पेश की चादर

सुबह 9 बजे खुद्दाम ए मीरां की ओर से धूमधाम से चादर पेश की गई। पंचायत खुद्दाम सैयदजादगान के सदर सैयद सज्जाद हुसैन की अगुवाई में खुद्दाम ए मीरां हताई चौक से जुलूस के रूप में चादर लेकर रवाना हुए। ढोल नगाड़ों के साथ निकले जुलूस में बड़ी संख्या में अकीदतमंद शामिल हुए। आस्ताना शरीफ पहुंच कर चादर पेश की गई।

शिया समुदाय ने चादर पेश कर की दुआ

ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के सदस्य मौलाना सैयद काज़िम अली जैदी के नेतृत्व में शिया समुदाय के लोगों ने उर्स के मौके पर हजरत मीरां की मजार पर चादर पेश कर मुल्क व सूबे में अमन व खुशहाली की दुआ की। इस मौके पर मौलाना गुलजार अली, मौलाना मोहम्मद अली, मौलाना ऐहतेशाम हुसैन, सैय्यद आसिफ अली, आबिद हुसैन, दिलावर अब्बास आदि उपस्थित रहे। वसी अब्बास ने जियारत कराई, शकिल रजा
दुआ की। तारागढ़ विकास समिति के संरक्षक सैयद रब नवाज़ एवं सैयद हफिज अली आदि ने दस्तारबंदी की।

हजरत मीरां सैयद खिंग सवार के उर्स के कुल की रस्म अदा करते दरगाह इंतजामिया कमेटी सदस्य।
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